भिलाई। खुद सरकारी स्कूल में पढ़ाई की तो इस बात का अहसास था कि शिक्षक ही हैं जो स्कूल की तस्वीर बदल सकते हैं। बचपन से गणित में रूचि शिक्षिका बनने के बाद जुनून में बदल गई और उस जुनून की वजह से इस 5 सितम्बर को वे राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित होंगी।प्रज्ञा सिंह ने 6 साल में मैथ्स के 6 सौ से ज्यादा टीचर लर्निग मेटेरियल तैयार किया और वह भी अपने खर्च से। हनोदा मीडिल स्कूल में गणित की टीचर प्रज्ञा सिंह ने गणित को इतना आसान बना दिया कि बच्चे खेल-खेल में गणित आसानी से सीख गए। बच्चों को अब इतना मजा आने लगा कि वे भी टीचर का साथ देने लगे और वे भी मटेरियल बनाना सीख गए। शिक्षक प्रज्ञा बताती हैं कि उनके तैयार किए लर्निग मटेरियल स्कूल से लेकर डाइट सेंटर में भी मौजूद है। इतना नहीं इसे तैयार करने के लिए उन्हें मास्टर ट्रेनर भी बनाया गया है।

जुड़े प्रदेशभर से बच्चे
14 साल से हनोदा स्कूल में अपनी सेवाएं दे रही टीचर प्रज्ञा सिंह ने बताया कि लॉकडाउन के बाद सीडी स्कूल पोर्टल पर शुरू हुई ऑनलाइन क्लास में अब तक उन्होंने 203 वीडियो लनिर्ग मटेरियल के साथ अपलोड किए हैं। जिसे नारायणपुर और अबूझमाड़ जैसे क्षेत्रों में भी देखा गया।
प्राइवेट से सरकारी स्कूल में एडमिशन
हनोदा मीडिल स्कूल के नवाचार को देखते हुए कई पालकों ने प्राइवेट स्कूल से निकालकर बच्चों का एडमिशन सरकारी स्कूल में कराया है। गांव के सरपंच तेजराम चंदेल ने अपनने नाती का एडमिशन भी इसी स्कूल में कराया। प्रज्ञा के इस प्रयास को जिला से राज्य स्तर और कई राष्ट्रीय मंचों में सराहा गया।




