रायपुर। रायपुर के डीडी नगर थाना क्षेत्र से व्यापारी का अपहरण करने वाले दो अंतर्राज्यीय आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। बड़ी बात ये है कि घटना का मास्टरमाइंड अपहृत सिद्धार्थ आशटकर के मकान में पांच साल से रह रहा था। आरोपी बिना मेहनत किए शॉर्टकट तरीके से करोड़पति बनने की चाहत में पूरी प्लानिंग के साथ किडनैपिंग की इस वारदात को अंजाम दिया। अपहरणकर्ताओं ने 1 करोड़ की फिरौती मांगी थी। पुलिस इस केस में शामिल अन्य 3 फरार आरोपियों की पतासाजी कर गिरफ्तार करने में जुटी है। आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 279/23 धारा 365, 34 भादवि का अपराध दर्ज किया गया है।

ग्वालियर से मंगवाई कार
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त कार नंबर एमपी/07/बी ए /3697 को जब्त किया है। वहीं अपहृत सिद्धार्थ आशटकर को कवर्धा के दशरंगपुर से सकुशल बरामद किया था। गिरफ्तार दोनों अपहरणकर्ता है मूलत: मध्य प्रदेश के ग्वालियर के रहने वाले हैं। वर्तमान में आरोपी अंकित मिश्रा दुर्ग जिले के अम्लेश्वर में और आरोपी राज तोमर रायपुर के कमल विहार में रह रहे थे। इतना ही नहीं अपहरण की घटना को अंजाम देने के लिए अपने अन्य 3 साथियों को चारपहिया वाहन से ग्वालियर से लेकर रायपुर बुलाए थे। आरोपी राज तोमर पूर्व में जिला ग्वालियर के थाना गोले का मंदिर एवं जिला मुरैना के थाना महुवा से हत्या के प्रयास, मारपीट, आगजनी सहित 6 से अधिक मामलों में जेल की हवा खा चुका है। पुलिस की नाकेबंदी के कारण आरोपी पकड़े जाने के डर से अपहृत सिद्धार्थ आशटकर को कवर्धा के दशरंगपुर के पास छोड़कर भाग गए थे।

प्रार्थी उपेन्द्र साव ने थाना डीडी नगर में रिपोर्ट दर्ज कराकर बताया कि वह ग्राम बरनईदादार थाना सांकरा जिला महासमुंद का रहने वाला है। वर्तमान में सिद्धार्थ आशटकर के हास्टल डंगनिया बाजार के पीछे रायपुर में रहता है। उसके इंटीरियर पेराडाइस वालपेपर शाप डंगनिया मोड में लगभग 5 माह से काम कर रहा है। 6 मई की रात्रि लगभग साढ़े 8 बजे दुकान मालिक सिद्धार्थ आशटकर घर चले गये थे। प्रार्थी दुकान बंद कर रहा था तभी दो ग्राहक दुकान में वालपेपर देखने आये और दुकान मालिक सिद्धार्थ आशटकर को पूछे तो प्रार्थी ने बताया घर चले गये हैं। इस पर ग्राहक सिद्धार्थ आशटकर को फोन लगाकर बुलाए।
इस पर सिद्धार्थ दोबारा दुकान आया और ग्राहक को वालपेपर दिखाया। ग्राहक वालपेपर पसंद कर चले गये। उनके जाने के बाद दोनों लगभग 8.50 बजे दुकान बंद कर रहे थे तभी एक स्लेटी कलर का कार दुकान के सामने आकर रुकी, जिसमें से तीन व्यक्ति उतरे और दुकान के अंदर घुस गए। सिद्धार्थ आशटकर एवं प्रार्थी उन्हें ग्राहक समझकर उनके पीछे दुकान के अंदर आये तब तीन व्यक्तियों में से एक व्यक्ति दुकान का आलमारी और दराज को टटोलने लगा और सामान को फेंकने लगा। सिद्धार्थ ने कहा क्या हो गया, क्यों ऐसे कर रहे हो। तीनों ने धमकी देते हुए कहा कि किनारे खड़े रहो। इसके बाद प्रार्थी के मोबाइल लिये। एक व्यक्ति सिद्धार्थ को पकडकर खींचने लगा। सिद्धार्थ के रोकने पर तीनों लोग मिलकर छीना झपटी और खींचते हुये दुकान से बाहर कार में डालकर डंगनिया की तरफ ले गए। प्रार्थी ने सिद्धार्थ आशटकर के घर जाकर घटना के बारे में बताया। जिस पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ डीडी नगर में अपराध पंजीबद्ध कर पुलिस पतासाजी में लगी थी।
कई स्थानों में नाकेबंदी
रायपुर पुलिस की अलग-अलग टीम शहर के कई स्थानों में नाकेबंदी की। अपहृत के परिजनों से घटना के संबंध में विस्तृत पूछताछ करने के साथ ही प्रार्थी से आरोपियों के हुलिये और उनकी ओर से उपयोग किये गये चारपहिया वाहन के संबंध में भी पूछताछ की। पुलिस की कड़ी नाकेबंदी को देखकर किडनैपर दबाव में आकर सिद्धार्थ को कवर्धा जिले के दशरंगपुर में छोड़कर भाग निकले। पुलिस ने अंकित मिश्रा को पकड़कर कड़ाई से पूछताछ की तो उसने अन्य 4 साथियों के साथ मिलकर सिद्धार्थ आशटकर का अपहरण करना स्वीकार किया गया।




