ShreeKanchanpathShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: विलुप्त श्रेणी के पैंगोलिन के साथ 15 दबोचे, चार करोड़ बताई गई कीमत, एसटीएफ का सिपाही भी शामिल
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Font ResizerAa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
FeaturedNational

विलुप्त श्रेणी के पैंगोलिन के साथ 15 दबोचे, चार करोड़ बताई गई कीमत, एसटीएफ का सिपाही भी शामिल

By @dmin
Published: October 4, 2021
Share
विलुप्त श्रेणी के पैंगोलिन के साथ 15 दबोचे, चार करोड़ बताई गई कीमत, एसटीएफ का सिपाही भी शामिल
विलुप्त श्रेणी के पैंगोलिन के साथ 15 दबोचे, चार करोड़ बताई गई कीमत, एसटीएफ का सिपाही भी शामिल -demo pic
SHARE

बिजनौर (एजेंसी)। उत्तर प्रदेश के बिजनौर में सोमवार को पुलिस ने पैंगोलिन के साथ 15 लोगों को गिरफ्तार किया है। बताया गया कि इस मामले में पुलिस ने एसटीएफ के एक सिपाही को भी गिरफ्तार किया है। वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में पैंगोलिन की कीमत चार करोड़ रुपये बताई गई है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची है। बताया गया कि पैंगोलिन की खरीद फरोख्त में नजीबाबाद क्षेत्र के कई रसूखदार लोग भी शामिल हैं। पुलिस पूरे मामले में छानबीन कर रही है।

पूरी दुनिया में पैंगोलिन की सबसे ज्यादा तस्करी
बता दें कि इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर (IUCN) के मुताबिक, दुनियाभर में वन्य जीवों की अवैध तस्करी के मामले में अकेले 20 फीसदी योगदान पैंगोलिन का है। यह एक ऐसा जानवर है, जिसकी तस्करी पूरी दुनिया में सबसे अधिक होती है। खासतौर पर चीन में इस जानवर की अधिक डिमांड है। क्योंकि इसकी खाल और मांस से पारंपरिक दवाइयां बनाई जाती हैं। 

दवा बनाने में आता है काम
सांप, छिपकली की तरह दिखने वाला पैंगोलिन स्तनधारी जीवों की श्रेणी में आता है। दशकों से इस जीव की दुनियाभर में तस्करी हो रही है। इस जीव से बनने वाली दवाएं काफी महंगे दामों पर बिकती हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि अब पैंगोलिन विलुप्त होने वाले जीवों की श्रेणी में पहुंच गए हैं।

वहीं इस जीव का दूसरा सबसे बड़ा इस्तेमाल ट्रेडिशनल चाइनीज मेडिसिन बनाने में होता है। पैंगोलिन के मांस से अलग दवाएं बनती हैं, तो इसके स्केल्स से अलग किस्म की दवा बनती हैं। हर दवा का उपयोग अलग बीमारी के लिए होता है।  

चींटियां खाकर गुजारा करते हैं पैंगोलिन
बता दें कि पैंगोलिन शर्मीली प्रवृति का जीव है, जो धरती पर लगभग 60 मिलियन सालों से पाए जाते हैं। ये जीव चींटियां खाकर गुजारा करते हैं। शरीर पर कड़ी और सुनहरी-भूरी स्केल्स वाले इन जीवों का मांस भी खूब शौक से खाया जाता है।

बताया जाता है कि एक किलो पैंगोलिन के मांस की कीमत करीब 27,000 रुपये तक होती है। वेट मार्केट में दूसरे कम कीमत के सस्ते जीवों के साथ पैंगोलिन नहीं बिकता, बल्कि महंगे रेस्त्रां ही इसे बेचते या पकाते हैं। 

कोरोना वैक्सीनेशन: राज्य के 21 जिलों में 7 व 8 जनवरी को होगा मॉक ड्रिल
आखिरी मैच से पहले ही भारत पहुंचा विश्वकप के सेमीफाइनल में, उलटफेर का शिकार हुई दक्षिण आफ्रिका
पांच महीने में 300 से ज्यादा फैक्टरी बंद, कई ताला लगने के कगार पर
वन विभाग की बड़ी कार्रवाई: तीन फर्निचर मार्ट हुए सील, 10 लाख रूपए से अधिक मूल्य के सागौन ला तथा चिरान जप्त
मणिपुर में भड़की हिंसा, गोलीबारी में तीन कुकी नागरिकों की मौत, सुरक्षा बलों ने संभाला मोर्चा
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा, ट्रक से टकराई कार, पांच लोगों की दर्दनाक मौत कार और ट्रक में टक्कर, 4 महिलाओं सहित पांच लोगों की मौके पर ही मौत, आठ माह का बच्चा घायल
Next Article Congress demonstrations on petrol and diesel, PCC president drove bicycle चिकित्सा का नोबेल: अमेरिकी वैज्ञानिक डेविड जूलियस और आर्डेम पैटापूटियन को मिला साझा सम्मान

Ro.No.-13672/51

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?