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लंबे समय तक फोन पर चैटिंग टैक्स्ट, नेक पेन का कारण….

By @dmin
Published: June 11, 2022
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पेशे से बैंकर रश्मि को लगातार गरदन में दर्द रहने लगा था. दरअसल, 6 महीने पहले रश्मि को गरदन में अकडऩ महसूस हुई और इस के बाद से सिरदर्द भी रहने लगा. जब दर्द ज्यादा बढ़ गया तो रश्मि ने फिजीशियन से सलाह ली. तब उसे पता चला कि वह टैक्स्ट नैक नामक बीमारी से पीडि़त है, जो लगातार मोबाइल पर मैसेज करने की वजह से होती है.

इस बारे में नोएडा के फोर्टीस अस्पताल के डा. राहुल गुप्ता का कहना है, ”आजकल किशोर अधिक समय तक मोबाइल पर मैसेज और चैट करने में बिताते हैं. वे इस बात से अनजान रहते हैं कि इस से उन की सेहत पर दुष्प्रभाव पड़ रहा है. अधिक समय तक सिर झुका कर मोबाइल पर बात करने या चैट करने से टैक्स्ट नैक होने का खतरा बढ़ जाता है. लगातार सिर झुकाने से रीढ़ की हड्डी, कर्व और बोनी खंड में बदलाव से मुद्रा में बदलाव, मांसपेशियों में अकडऩ और दर्द महसूस होता है.

जानकारी के अनुसार मोबाइल फोन से बातचीत की निर्भरता की वजह से मैसेज करने में तेजी से वृद्धि हुई है. मोबाइल फोन के अलावा टैबलेट, आईपैड जैसे उपकरणों का इस्तेमाल भी ‘टैक्स्ट नैकÓ सिंड्रोम के लिए जिम्मेदार है.

इस में सिरदर्द, पीठ के ऊपरी भाग, कंधे व गरदन में दर्द के साथ रीढ़ की हड्डी में वक्रता आ जाती है और अगर टैक्स्ट नैक को बिना इलाज के छोड़ दिया जाए तो इस से रीढ़ की हड्डी में अपक्षयीय समस्याएं जैसे डिस्क कंप्रैशन और डिस्क प्रोलेप्स की समस्या हो सकती है.
शुरुआती स्टेज में तो फिजियोथेरैपी या दवाओं से इसे ठीक किया जा सकता है, लेकिन गंभीर मामलों में सर्जरी जैसे डिस्क रिप्लेसमैंट की आवश्यकता पड़ती है.

पारंपरिक सर्जरियों में विकृत डिस्क के बीच 2 सर्विकल वर्टिबे्र को हटा कर उस में वर्टिबे्र को मजबूती देने के लिए ठोस हड्डी की तरह बोन ग्राफ्ट लगाया जाता है. विकृत डिस्क को पूरी तरह से हटा कर ही दर्द को दूर किया जाता है, क्योंकि भारी डिस्क रीढ़ की तंत्रिकाओं पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं जिस से गरदन और बांह में दर्द होता है. हालांकि फ्यूजन प्रक्रिया में रीढ़ की गति और लचीलापन बाधा बनते हैं.कृत्रिम सर्विकल डिस्क रिप्लेसमैंट थेरैपी में पुरानी व विकृत डिस्क को प्रोस्थैटिक उपकरण (कृत्रिम डिस्क) को विशेष तरीके से डिजाइन किया जाता है जो वर्टिब्रे भाग को गतिशीलता प्रदान करता है. मोबाइल धातु को डिस्क वर्टिब्रे के बीच में स्थापित किया जाता है, जिस से गतिशीलता मिलती है जिस में यह प्राकृतिक तरीके से झुकने, बढऩे, एक तरफ झुकने, घूमने और सरेखण जैसे कि ऊंचाई और वक्रता मिलती है.

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