भिलाई। यदि कुछ कर दिखाने की इच्छा-शक्ति हो तो पूरी कायनात भी आपको रोक नहीं सकती। ऐसी ही अपार इच्छाशक्ति के स्वामी है सेक्टर-7 (पश्चिम) वार्ड के पार्षद लक्ष्मीपति राजू, जिन्होंने अपने वार्ड में विकास के कायाकल्प की ऐसी इबारत लिखी कि बिरले ही कर पाएं। उनका वार्ड अब लगभग स्मार्ट वार्ड बन चुका है, किन्तु लक्ष्मीपति राजू को इस लगभग शब्द से ऐतराज है। वे चाहते हैं कि सेक्टर-7 वार्ड पूरी तरह से स्मार्ट वार्ड कहा जाए। उनकी मंशा है कि भिलाई ही नहीं, अपितु पूरे छत्तीसगढ़ में सबसे पहला स्मार्ट वार्ड उन्हीं का हो। इसके लिए निरंतर कोशिशें जारी है। पिछली दफा जब सेक्टर-7 (पूर्व) वार्ड आरक्षण की चपेट में आया तो उन्होंने सेक्टर-7 (पश्चिम) से भाग्य आजमाया। यह उनके पुराने बेहतरीन कार्यों का ही नतीजा था कि निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरने के बावजूद वार्डवासियों का प्रेम और आशीर्वाद उन्हें मिला। और इसी की बदौलत अपने पिछले पूरे कार्यकाल के दौरान उन्होंने विकास के भरपूर कार्य करवाए। चाहे कोरोना अवधि में घर-घर जाकर लोगों की सुध लेना हो, उन्हें मेडिकल किट उपलब्ध कराना हो, अस्पताल में बेड की व्यवस्था कराने से लेकर वेक्सीन लगवाने तक और डेंगू से बचाव के लिए फौरी उपाय करने से लेकर गंदे पानी की आपूर्ति के चलते घर-घर स्वच्छ पानी पहुंचाने जैसे और भी कितने ही काम कर उन्होंने सैकड़ों जिंदगियों की रक्षा की। धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यों के जरिए उन्होंने अपने वार्ड को अलग पहचान दिलाई। आवश्यकतानुसार वार्डों में सीमेंटीकृत सड़कों का पूरा जाल बिछाया और प्रत्येक सड़क के किनारे पेवर ब्लाक के जरिए वार्ड के सौंदर्यीकरण को नई दिशा दी। बॉस्केटबाल कोर्ट, बैटमिंटन कोर्ट के जरिए उन्होंने खेलों को बढ़ाने में अपना अमूल्य योगदान दिया। शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए शिविर लगवाए। ऐसे अनगिनत काम उन्होंने महज एक ही कार्यकाल में कर अपनी कार्यक्षमता, लगन और बेहतरीन इच्छाशक्ति का परिचय दिया। लक्ष्मीपति राजू कहते भी हैं,- यूं ज़मी पर बैठकर क्यूं आसमान देखता है पंखों को खोल, ज़माना सिर्फ उड़ान देखता है।
पार्कों-तालाबों का जीर्णोद्वार
यूं तो नगर निगम की केबिनेट में रहते हुए लक्ष्मीपति राजू ने विकास कार्यों की नई कहानी लिखी है, लेकिन कुछ चुनिंदा काम ऐसे हैं, जिनका उल्लेख करना समीचीन है। मसल, हिंद उद्यान का सौंदर्यीकरण वार्डवासियों की बहुप्रतीक्षित मांग थी। कभी यह उद्यान असामाजिक तत्वों का अड्डा हुआ करता था। अब यहां सीसीटीवी कैमरा लगाया गया है। सुंदर, रंग-बिरंगे फुल लोगों को बरबस ही आकर्षित करते हैं। वहीं सप्तरंगी फाउंटेन मन को मोह लेता है। यह पार्क सड़क 38 में स्थित है। वहीं सड़क 9 व 10 का पार्क अपनी सुंदरता और स्वच्छता की कहानी खुद कहता है। शिवधाम का पूर्ण विकसित तालाब और यहां स्थापित भगवान भोलेनाथ की विशाल प्रतिमा, भ्य डोम शेड व सुंदर उद्यान इसकी भव्यता को बढाते हैं। यहां सावन मास पर भोले बाबा का रूद्राभिषेक व महाभोग का कार्यक्रम वृहद स्तर पर होता है। क्षेत्रवासियों के लिए यह गौरव का विषय है।
कोरोना काल में लगाई जान की बाजी
ऐसे समय में जबकि कोरोना की महामारी पूरी दुनिया को अपनी गिरफ्त में ले रही थी और भिलाई क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं था, लक्ष्मीपति राजू ने अपनी जान की परवाह न करते हुए रात-दिन क्षेत्रवासियों की सेवा की। लॉकडाउन के कठिन समय में भी उन्होंने घर-घर जाकर वार्ड के जरूरतमंद लोगों को राशन, दवाएं और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाईं। प्रत्येक परिवार को सेनिटाइजर, हैंडवाश, एक टॉवेल, व मास्क से युक्त मेडिकल किट उपलब्ध कराया। वार्ड में जह-जगह कोरोना जांच के लिए शिविर लगवाए और समय-समय पर क्षेत्र में सेनिटाइजेशन भी करवाया, ताकि वार्ड के नागरिक सुरक्षित रह सकें। पार्षद लक्ष्मीपति राजू की पहल पर वार्ड में जो वैक्सीन सेंटर स्थापित किया गया, वह अपने आपमें एक मिसाल है। वैक्सिनेशन के बाद नागरिकों के लिए जूस, बिस्टिक, चॉकलेट आदि की व्यवस्था करना और कोरोना से भयाक्रांत लोगों के भीतर इस बीमार से जीतने का जज्बा पैदा करना लक्ष्मीपति जैसा जननायक ही कर सकता था। वर्तमान में सेक्टर-7 वार्ड दोनों डोज लगा चुकने वाले कुछ चुनिंदा वार्डों में शुमार है। ऐसा नहीं है कि वार्ड के जनप्रतिनिधि के रूप में लक्ष्मीपति राजू ने सिर्फ कोरोना पर ही फोकस किया। जब डेंगू का खतरनाक डंक भिलाई में गम्भीर रूप ले रहा था, उस दौरान प्रत्येक क्षेत्र में दवाओं का छिड़काव करने से पीडि़त लोगों के लिए विभिन्न अस्पतालों में इलाज की व्यवस्था करने तक जाने कितने सराहनीय कार्य किए। जब बीएसपी प्रबंधन टाउनशिप के नागरिकों को साफ पानी उपलब्ध कराने में नाकाम रहा, ऐसे समय में उन्होंने घर-घर स्वच्छ जल उपलब्ध कराने के लिए अभियान चलाया। इस दौरान प्रत्येक घर में 20 लीटर पानी का जार उपलब्ध कराया गया और संयंत्र प्रबंधन पर भी स्वच्छ जल के दबाव बनाया।
..ये काम भी बने मिसाल
बरसात के दिनों में मार्केट क्षेत्र में पानी का जवाब और बड़े-बड़े गड्ढों से मुक्ति के लिए सीसी रोड का निर्माण करवाया गया। क्षेत्र में 3 स्थानों पर बस स्टॉप बनवाए गए, ताकि नागरिकों, स्कूली बच्चों व उनके परिजनों को प्रत्येक मौसम में राहत मिले। सड़क 37 से 40 तक की 40 वर्षों से लंबित नाला पार पुल निर्माण की मांग पूरी की, जिससे आवागमन सुगम हुआ और लोगों को कई किलोमीटर घूमकर जाने से मुक्ति मिली। सड़क 39 व 40 के मध्य माँ दुर्गा प्रतिमा स्थापना के लिए शेड मंच पेवर ब्लाक युक्त परिसर का निर्माण करवाया। अब इस मंच का उपयोग विविध धार्मिक आयोजनों के लिए होता है। लोगों की सैरागाह के रूप में एवेन्यू ए में पेवर ब्लाक लगवाए। इससे न केवल सड़क की सुंदरता में अभिवृद्धि हुई, अपितु सैर करने वालों को भी आसान रूट मिल पाया। वहीं सड़क 22 में गणपति प्रतिमा स्थापना के लिए मंच व शेड का निर्माण मय पेवर ब्लाक किया गया। एवेन्यू ए व सड़क 34, 35 व 36के नागरिकों की बहुप्रतीक्षित पार्क की मांग पूरी की। यहां एलईडी की रौशनी से आसपास का पूरा क्षेत्र प्रकाशवान है और आकर्षण का केन्द्र है। रेलवे बस्ती क्षेत्र में पानी की दिक्कतें इस कदर थीं कि महिलाओं को काफी दूर से पानी ढोकर लाना पड़ता था। इस समस्या को दूर करने के लिए यहां पानी की पाइप लाइन बिछाई गई। अब यहां नागरिकों को अपने घर के आसपास स्वच्छ जल मुहैय्या हो रहा है।
शासकीय योजनाओं का दिलाया लाभ
जब प्रदेश सरकार ने नए राशन कार्ड की सुविधा दी तो सेक्टर-7 के बड़े स्तर जागरूकता अभियान चलाया गया, ताकि कोई भी परिवार शासन की इस योजना से वंचित न रहे। इसी के चलते बड़ी संख्या में एपीएल और बीपीएल योजना का लाभ लोगों को मिला और भोजन संबंधी उनकी आवश्यकताएँ पूरी हुईं। चिकित्सा कार्ड बनवाने के मामले में सेक्टर-7 वार्ड पीछे नहीं रहा। पार्षद व एमआईसी सदस्य लक्ष्मीपति राजू की पहल पर वार्ड में आयुष्मान कार्ड शिविर बनवाए गए, जिससे उत्तम स्वास्थ्य व बेहतर जीवन की आम आदमी की कल्पना सुनिश्चित हो पाई। इसके अलावा बच्चों की बेहतर शिक्षा, जरूरतमंदों की पेंशन, आय, जाति, निवास आदि प्रमाण पत्रों की जद्दोजहद भी पार्षद लक्ष्मीपति राजू की पहल पर आसान हुई।




