भिलाई। कांग्रेस नेता धर्मेन्द्र यादव ने पत्रकारवार्ता में बताया कि विगत दिनों कथित आरटीआई एक्टिविस्ट एवं आम आदमी पार्टी के नेता मेहरबान सिंह ने मेरे ऊपर हाउसिंग बोर्ड की ज़मीन को कम कीमत में खरीदने का आरोप लगया था। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण में हाउसिंग बोर्ड ऑथोरिटी द्वारा भी आरोपो का खंडन कर दिया गया है। उक्त मामले में मेरी छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया है।
मेरे द्वारा किसी भी गलत तरह से इस ज़मीन को नहीं खरीदा गया है बल्कि हाउसिंग बोर्ड ने पूरे छत्तीसगढ़ में शासन के नियमों के अंतर्गत ऑफर निकला था जिसके तहत मैनें उक्त भूमि को विधिवत खरीदा है। यदि इस संदर्भ में किसी को कोई भी शंका हो तो संबंधित दस्तावेज मेरे द्वारा उपलब्ध करा दिए जाएंगे जिसकी किसी भी स्तर पर जांच की जा सकती है।
अग्रिम कार्यवाई के रूप में मेरे वकील के माध्यम से मेहरबान सिंह को नोटिस भेजा गया है और 10 करोड़ की मानहानि का दावा किया है। इसके साथ ही यदि 10 दिनों के भीतर मेहरबान सिंह उक्त प्रकरण का खंडन करते हुए माफी मांगे अन्यथा मैं कोर्ट की शरण लूंगा और मेरे ऊपर लगाए गए बेबुनियाद आरोपों के खिलाफ मानहानि का केस करूंगा।
उन्होंने कहा कि आरटीआई एक्टिविस्ट एवं आम आदमी पार्टी के नेता मेहरबान सिंह सनसनी फैला कर जनता को गुमराह करने वाली राजनीति कर रहे हैं। मैं अपनी पूरी जिम्मेदारी पूर्वक उक्त सभी आरोपो का खंडन करता हूँ और मेहरबान सिंह से सार्वजिनक माफी मांगने की अपील करता हूँ, साथ ही संबंधित प्रकरण पर किसी भी तरह की जांच से गुजरने अथवा नियमबद्ध साक्ष्य प्रस्तुत करने हेतु तैयार हूँ।




