ShreeKanchanpathShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: बात का बतंगड़: उच्च शिक्षा विभाग की खामख्याली
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Font ResizerAa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
ChhattisgarhDurg-BhilaiFeatured

बात का बतंगड़: उच्च शिक्षा विभाग की खामख्याली

By @dmin
Published: June 9, 2022
Share
बात का बतंगड़: निर्वस्त्र करने की आदिम इच्छा
बात का बतंगड़: निर्वस्त्र करने की आदिम इच्छा
SHARE

– दीपक रंजन दास
छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा विभाग को लगता है कि उसके नियमों का अक्षरश: पालन होगा। प्राध्यापकों के लिए 7 घंटे का शिफ्ट तो हो जाएगा। नौकरी करनी है तो इतना तो करना ही होगा। पर एक सत्र में विद्यार्थियों की सात बार परीक्षा लेनी होगी। 75 फीसदी अटेंडेंस सुनिश्चित करने के लिए साल में दो बार अटेंडेंस की समीक्षा की जाएगी। पहले मूल्यांकन में शार्ट अटेंडेंट्स मिलने पर दूसरे मूल्यांकन तक विद्यार्थी को 100 फीसद हाजिरी भरनी होगी। सरकारी कालेजों में तो फिर भी बच्चे आते हैं पर निजी महाविद्यालयों में एडमिशन तो होता ही इन शर्तों पर है कि अटेंडेंस की चिंता कालेज कर लेगा। इनमें से कुछ के पास तो बिल्डिंग और फर्नीचर तक नहीं है। ऐसे कालेज कोचिंग संस्थानों के साथ सेटिंग करते हैं। कोचिंग संस्थानों के बच्चे इन कालेजों में नाम लिखवा लेते हैं। कोचिंग और कालेज का समय एक ही है, इसलिए कालेज जाना उनका हो नहीं पाता। कालेज उन्हें हाजिरी दे देते हैं और ये प्राइवेट स्टूडेंट फर्जी तरीके से रेगुलर हो जाते हैं। अधिकांश कालेज गुपचुप ढंग से ऐसा करते हैं पर एक कालेज ने तो इसका विज्ञापन ही सोशल मीडिया पर जारी कर दिया। इसके पाम्पलेट भी बंटवा दिये। जब मामला विश्वविद्यालय के संज्ञान में आया तो कुलपति ने भरी बैठक में कालेज की खूब खबर ली। इसके साथ ही बात आई गई हो गई। दरअसल, कालेजों का एकमात्र आकर्षण, रेगुलर विद्यार्थी के रूप में डिग्री हासिल करना है। प्राइवेट-रेगुलर का फर्क मिटा दें तो अधिकांश कालेज खाली रह जाएंगे। छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा ढर्रे पर है। प्राइवेट वाला बच्चा घर में बैठकर गाइड को दो दिन में पढ़ता है और रेगुलर स्टूडेंट को वही गाइड 10 महीने में खींच-तान कर पढ़ाया जाता है। न पाठ्यक्रम में कोई बदलाव होता है, न प्रश्न पत्र में। गाईड, कोचिंग और विश्वविद्यालय के बीच गजब का भाईचारा है। इनके गठजोड़ को तोड़े बिना कालेजों को अध्ययन केन्द्र बनाना मुश्किल ही नहीं, असंभव है। पाठ्यपुस्तकों की बिक्री का आंकड़ा देख ले उच्च शिक्षा विभाग तो बात समझ में आ जाएगी।

ताईक्वांडो खेल में प्रदेश के 9 खिलाडिय़ों का राष्ट्रीय स्तर पर चयन
Bhilai breaking : काम से लौट रहे कर्मचारी को हाइड्रा ने कुचला, गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती
अच्छी नींद पाने से लेकर तनाव-चिंता को कम करने में कारगर है यह तरीका…
कांग्रेस के लिए चरागाह बन गया छत्तीसगढ़, चरम पर है भ्रष्टाचार, पूर्व मंत्री बृजमोहन ने बघेल सरकार पर साधा निशाना
गे कपल के लिप-लॉक पर बवाल, भाजपा ने लगाया अश्लीलता का आरोप तो समलैंगिक बोले हमें भी मिले समान हक
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article चॉइस सेंटर में नि:शुल्क बन रहा आयुष्मान भारत कार्ड स्वास्थ्य योजना के तहत शांति नगर में 28 दिव्यांगजनों का बना नि:शुल्क आयुष्मान कार्ड
Next Article मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के प्रतिनिधि मंडल ने की सौजन्य मुलाकात नुपूर शर्मा मामला: दूसरे धर्मों का सम्मान करें, नहीं तो आगे भी मुस्लिम राष्ट्र के सामने छवि खराब होगी-भूपेश बघेल

Ro.-13624/52

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?