नई दिल्ली (एजेंसी)। मलेशिया में रह रहे इस्लामी उपदेशक जाकिर नाइक के इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन पर भारत सरकार ने पांच साल के लिए और प्रतिबंध बढ़ा दिया है। इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (आईआरएफ) पर यह कार्रवाई गैरकानूनी गतिविधियों के चलते की गई है।

फाउंडेशन को पहली बार 17 नवंबर 2016 को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) कानून के तहत एक गैरकानूनी संगठन घोषित किया गया था। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मंगलवार को जारी एक अधिसूचना में कहा कि आईआरएफ उन गतिविधियों में शामिल है, जो देश की सुरक्षा के लिए हानिकारक हैं। इसके साथ ही यह संगठन शांति और सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ सकता है।
गृह मंत्रालय ने कहा कि नाइक द्वारा दिए गए बयान और उनके भाषण आपत्तिजनक हैं। वह अपने भाषणों के जरिए धार्मिक समूहों के बीच दुश्मनी और नफरत को बढ़ावा दे रहा है। नाइक भारत और विदेशों में एक खास धर्म के युवाओं को आतंकवादी कृत्य करने के लिए प्रेरित कर रहा है। गृह मंत्रालय ने कहा कि इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए उसने यूएपीए के तहत आईआरएफ पर लगाए गए प्रतिबंध को और पांच साल के लिए बढ़ाने का फैसला किया है।




