नई दिल्ली (एजेंसी)। पुणे को 150 इलेक्ट्रिक बसों का बेड़े मिला है। इन बसों का निर्माण इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी Olectra (ओलेक्ट्रा) ने किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को पुणे में सार्वजनिक परिवहन के लिए इस्तेमाल की जाने वाली इन इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पीएम मोदी ने बानेर में इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग स्टेशन का भी उद्घाटन किया। इसके अलावा, पीएम मोदी ने देश से डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से बचने और कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने की अपील की।

प्रदूषण को करेंगे कम
नई 150 इलेक्ट्रिक बसों के जुडऩे से, पुणे शहर के नागरिक वातानुकूलित और बिना शोरगुल के सफर का आनंद ले सकेंगे। ओलेक्ट्रा के एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, ये शहर में कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को काफी कम कर देंगे। यह पाया गया है कि शहरी सार्वजनिक परिवहन दुनिया भर में प्रदूषण के कारणों में से एक है। बसें 100 प्रतिशत इलेक्ट्रिक, शून्य-उत्सर्जन वाली हैं और इनमें कई सेफ्टी फीचर्स दिए गए हैं।

फीचर्स और रेंज
बयान में बताया गया है कि ये इलेक्ट्रिक बसें 12 मीटर लंबी हैं और इनमें 33 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था है। ये इलेक्ट्रॉनिक रूप से नियंत्रित एयर सस्पेंशन के साथ आती हैं। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वे सीसीटीवी कैमरों से लैस हैं। इन इलेक्ट्रिक बसों में हर सीट के लिए एक आपातकालीन बटन और यूएसबी सॉकेट है। ओलेक्ट्रा ने दावा किया कि इन इलेक्ट्रिक बसों में लिथियम-आयन बैटरी पैक दी गई हैं जिससे यह एक बार फुल चार्जिंग पर लगभग 200 किमी की दूरी तक चल सकती हैं।
बैटरी चार्जिंग
निर्माता ने यह भी दावा किया कि ये इलेक्ट्रिक बसें रिजनरेटिव ब्रेकिंग जैसी एडवांस्ड टेक्नोलॉजी के साथ आती हैं। यह बस हाई पावर एसी और डीसी चार्जिंग सिस्टम से लैस हैं जिससे बैटरी को तीन से चार घंटे में रिचार्ज किया जा सकता है।
यात्रियों की प्रतिक्रिया उत्साहजनक
कंपनी के बयान में यह भी बताया गया है कि कि ओलेक्ट्रा निर्मित अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बसें सूरत, गोवा, सिलवासा, देहरादून, मुंबई और पुणे जैसे कई शहरों में कुशलता से सेवा देने में सक्षम हैं। कई शहरों में यात्रियों की प्रतिक्रिया उत्साहजनक है। इनसे संबंधित परिवहन संगठन इलेक्ट्रिक बस बेड़े का विस्तार करने में भी दिलचस्पी दिखा रही हैं। कंपनी ने यह भी कहा कि उसकी इलेक्ट्रिक बसें पहले ही पुणे में दो करोड़ किलोमीटर से ज्यादा की दूरी में सफलतापूर्वक संचालित की जा चुकी हैं।




