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नवरात्रि स्पेशल: तीन रूपों में दर्शन देती है धमतरी की बिलाई माता, CG के पांच शक्तिपीठों में से है एक, जानिए प्राचीन मंदिर की कहानी

By @dmin Published September 29, 2022
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नवरात्रि स्पेशल: तीन रूपों में दर्शन देती है धमतरी की बिलाई माता, CG के पांच शक्तिपीठों में से है एक, जानिए प्राचीन मंदिर की कहानी
नवरात्रि स्पेशल: तीन रूपों में दर्शन देती है धमतरी की बिलाई माता, CG के पांच शक्तिपीठों में से है एक, जानिए प्राचीन मंदिर की कहानी
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रायपुर. धमतरी के अंतिम छोर में दक्षिण दिशा में अधिष्ठात्री मां बिलाई माता का मंदिर स्थित है। दोनों नवरात्र में यहां श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ती है। वर्षों पुराने इस मंदिर को लेकर कई जनश्रुतियां प्रचलित हैं। इनकी उत्पत्ति के संबंध में मार्कण्डेय पुराण देवीमाहा 11/42 में उल्लेख है। मंदिर के संदर्भ में दो जनश्रुति प्रचलित है।

जहां मंदिर वहां था कभी घना जंगल
पहली जनश्रुति के अनुसार मूर्ति की उत्पत्ति या तो धमतरी के गोड़ नरेश धुरूवा के काल की है या तो कांकेर नरेश के शासनकाल में उनके मांडलिक के समय की है। आज जहां देवी का मंदिर है, वहां कभी घना जंगल था। जंगल भ्रमण के दौरान एक स्थान के आगे राजा के घा़ेडों ने बढऩा छोड़ दिया। खोजबीन करने पर राजा को एक छोटे पत्थर के दोनों तरफ जंगली बिल्लियां बैठी हुई दिखाई पड़ी, जो अत्यंत डरावनी थीं। राजा के आदेश पर तत्काल बिल्लियों को भगाकर पत्थर को निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन पत्थर बाहर आने के बजाए वहां से जलधारा फूट पड़ी।

स्वप्न में देवी ने दिए दर्शन
राजा को स्वप्न में देवी ने कहा कि उन्हें वहां से निकालने का प्रयास व्यर्थ है। अत: उसी स्थान पर पूजा अर्चना की जाए। राजा ने दूसरे दिन ही वहीं पर देवी की स्थापना करवा दी। कालांतर में इसे मंदिर का स्वरूप प्रदान कर दरवाजा बनाया गया। प्रतिष्ठा के बाद देवी की मूर्ति स्वयं ऊपर उठी और आज की स्थिति में आई। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण आज भी देखने को मिलता है। पहले निर्मित द्वार से सीधे देवी के दर्शन होते थे। उस समय मूर्ति पूर्ण रूप से बाहर नहीं आई थी, किंतु जब पूर्ण रूप से मूर्ति बाहर आई तो चेहरा द्वार के बिल्कुल सामने नहीं आ पाया, थोड़ा तिरछा रह गया। मूर्ति का पाषाण एकदम काला था।

5 शक्तिपीठों में से है एक
उल्लेखनीय है कि मां विंध्यवासिनी देवी की मूर्ति भी काली थी। उन्हें विंध्यवासिनी देवी और छत्तीसगढ़ी में बिलाई माता कहा जाने लगा। इस मंदिर को प्रदेश की 5 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। इसकी याति दूर-दूर तक फैली हुई है। देश के अलावा विदेश से भी लोग ज्योत प्रज्जवलन करते हैं।

तीनों रूप में देती है दर्शन
धमतरी की बिलाई माता दाई (विंध्यवासिनी देवी) की दरबार में भक्तजन श्रद्धा के दीप में आशा और विश्वास की बाती से दीप ज्योति प्रज्ज्वलित करते हैं। मां के चरणों में आकर बिना मांगे मनवांछित फल पाते हैं। मां विंध्यवासिनी तीनों अवस्थाओं में दर्शन लाभ देती है। बाल्या अवस्था, युवा अवस्था और वृद्धा अवस्था में दर्शन देती है।

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@dmin September 29, 2022
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