ShreeKanchanpathShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: नए साथियों के साथ नीतीश को मिलीं नई चुनौतियां, महागठबंधन का भविष्य क्या, कितने दिन चलेगी सरकार?
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Font ResizerAa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
FeaturedNationalPolitics

नए साथियों के साथ नीतीश को मिलीं नई चुनौतियां, महागठबंधन का भविष्य क्या, कितने दिन चलेगी सरकार?

By @dmin
Published: August 13, 2022
Share
नए साथियों के साथ नीतीश को मिलीं नई चुनौतियां, महागठबंधन का भविष्य क्या, कितने दिन चलेगी सरकार?
नए साथियों के साथ नीतीश को मिलीं नई चुनौतियां, महागठबंधन का भविष्य क्या, कितने दिन चलेगी सरकार?
SHARE

नई दिल्ली (एजेंसी)। बिहार में एक बार फिर जदयू की महागठबंधन से दोस्ती हो गई है। नीतीश कुमार फिर से महागठबंधन के मुख्यमंत्री बन गए हैं। ज्यादा सीटें होने के बावजूद राजद नेता तेजस्वी यादव ने डिप्टी सीएम पद से संतोष कर लिया। राजद के अलावा इस महागठबंधन में कांग्रेस और वामपंथी दल भी हैं। ऐसे में नीतीश कुमार मुख्यमंत्री तो हैं लेकिन सभी दलों को साथ लेकर चलना उनके लिए बड़ी चुनौती होगी। 2017 में जिन वजहों से नीतीश कुमार ने महागठबंधन का साथ छोड़ा था वो आज भी हैं। उस दौरान डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप का मामला अभी भी खत्म नहीं हुआ है। सवाल ये है कि नीतीश कुमार और तेजस्वी मिलकर कितने दिन सरकार चला पाएंगे? इस महागठबंधन का 2024 के लोकसभा और उसके बाद 2025 में होने वाले विधानसभा चुनाव में क्या होगा?

लालू परिवार पर भ्रष्टाचार के आरोप
लालू के परिवार के कई सदस्यों पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं। राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव इस वक्त भी सजा काट रहे हैं। उनकी पत्नी राबड़ी देवी और उनकी बड़ी बेटी मीसा भारती और बेटे तेजस्वी यादव पर भ्रष्टाचार के मामले चल रहे हैं। तेजस्वी पर लगे आरोपों के बाद ही 2017 में नीतीश कुमार ने महागठबंधन से अलग होने का फैसला लिया था।

पद और अहंकार को दूर रखना
बिहार विधानसभा में कुल 243 सीटें हैं। इसमें राजद के 79, भाजपा के 77, जदयू के 45, कांग्रेस के 19, भाकपा (माले) के 12, भाकपा और माकपा के दो-दो, एआईएमआईएम के एक, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के चार और एक निर्दलीय विधायक हैं। एक सीट रिक्त है। मतलब साफ है, इस वक्त महागठबंधन में सबसे ज्यादा सीटें राजद की हैं। इसके बावजूद जदयू के नीतीश कुमार मुख्यमंत्री हैं। ऐसे में नीतीश को सरकार चलाने के लिए राजद को संतुष्ट करना पड़ेगा। सरकार में राजद का दखल भी पहले के मुकाबले इस बार ज्यादा होगा। इससे निपटा भी नीतीश के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।

कार्यकर्ताओं का समन्वय
राजद, कांग्रेस और जदयू के कार्यकर्ताओं के बीच भी काफी मतभेद हैं। सरकार चलाने के लिए महागठबंधन के सभी दलों के कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच समन्वय भी नीतीश कुमार, तेजस्वी के लिए बड़ी चुनौती होगी।

क्या होगा महागठबंधन का भविष्य?
हमने यही सवाल बिहार के वरिष्ठ पत्रकार दिवाकर झा से पूछा। उन्होंने कहा, ‘2017 में जिन परिस्थितियों में नीतीश कुमार महागठबंधन से अलग हुए थे, वो सभी को मालूम है। तब के और आज के समय में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है। हां, राजद पहले के मुकाबले ज्यादा मजबूत जरूर हो गई है। ऐसे में जाहिर है, मुख्यमंत्री भले ही नीतीश कुमार रहेंगे, लेकिन फैसला तेजस्वी यादव ही करेंगे।Ó

झा आगे कहते हैं, ‘शपथ ग्रहण करने के बाद तेजस्वी ने नीतीश कुमार के पैर छूकर यह संदेश देने की कोशिश की है कि नीतीश बड़े हैं और वह उनका सम्मान करते हैं। हालांकि, राजनीति में इस तरह की तस्वीरें आम हैं। यूपी चुनाव में भी अखिलेश यादव ने मायावती के पैर छूए थे। बाद में क्या हुआ सब ने देखा।

दिवाकर के मुताबिक, तेजस्वी यादव को अभी अपना कॅरियर बनाना है। वह मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं। ऐसे में तेजस्वी लगातार मीडिया में बने रहने की कोशिश करते हैं। वह जनता के बीच जाकर कुछ भी एलान कर देते हैं। अगर वह आगे भी इसे जारी रखेंगे तो नीतीश सरकार के लिए मुश्किल खड़ी हो सकती है। इसी तरह कांग्रेस, वामपंथी दलों के साथियों को भी साथ लेकर चला नीतीश के लिए सिर दर्द साबित होगा। एनडीए में रहते हुए किसी भी फैसले के लिए केवल भाजपा को मनाना पड़ता था, लेकिन महागठबंधन में कई दलों की सहमति लेनी होगी। नीतीश कुमार अगर ऐसा नहीं कर पाए तो जल्द ही महागठबंधन का 2017 जैसा हाल होगा।

भारत और न्यूजीलैंड की टीम का राजकीय गमछा पहनाकर किया गया रायपुर में जोरदार स्वागत
आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी ने कोविड केयर सेंटर का लिया जायजा: सीसीटीवी कैमरा और मुख्य कंट्रोल सिस्टम को चालू करवाकर किया जांच
जगदलपुर में सात साल की मासूम को सांप ने काटा, इलाज के अभाव में हुई मौत
Durg Crime : हार्डवेयर दुकान में चोरी, नगदी सहित सीसी कैमरा, डीवीआर व राउटर तक उठा ले गए बदमाश
ओडिशा में रची चोरी की साजिश, रायपुर में सूने मकान से उड़ा दिए लाखों…
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article गुस्ताखी माफ: भाजपा के गढ़े हुए मुद्दे, आयातित नेतृत्व गुस्ताखी माफ: असहाय राजनीति का अंतिम प्रलाप!
Next Article श्रीकंचनपथ 304 # 17 august 2021 श्रीकंचनपथ 297 # 13 august 2022
× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?