पटना (एजेंसी)। दो गुटों में बंटी लोक जनशक्ति पार्टी को लेकर चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला सुनाया है। चुनाव आयोग ने चिराग पासवान को पार्टी का नया नाम लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) दिया है और पार्टी को हेलीकॉप्टर सिंबल मिला है। वहीं, पशुपति पारस को राष्ट्रीय जनशक्ति पार्टी और सिलाई मशीन चिह्न प्रदान किया गया है।
गौरतलब है कि एलजेपी के संस्थापक और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के निधन के बाद पार्टी में दो गुट हो गया था। राम विलास के बेटे चिराग पासवान अकेले पड़ गए थे। वहीं, बाकी सांसद उनके चाचा पशुपति कुमार पारस के साथ चले गए थे। पार्टी के सिंबल को लेकर चाचा-भतीजा के बीच लगातार तनातनी का माहौल बना हुआ था। दोनों नेताओं की ओर से पार्टी के चिह्न हो लेकर दावा किया जा रहा था। लगातार इसको लेकर सियासत हो रही थी।
चुनाव आयोग ने सिंबल किया था जब्त
पिछले सप्ताह चुनाव आयोग ने लोजपा का चुनाव चिह्न जब्त कर लिया था। चाचा-भतीजा ने चुनाव आयोग से पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न जारी करने की मांग की थी। चुनाव आयोग ने दोनों नेताओं को पार्टी का नाम और चिह्न अलॉट कर दिया है।
Election Commission (EC) allots the name 'Lok Janshakti Party (Ram Vilas) and election symbol 'Helicopter' to Chirag Paswan. Pashupati Kumar Paras allotted the name 'Rashtriya Lok Janshakti Party and 'Sewing Machine' as election symbol by EC. pic.twitter.com/OGFwyX6ZIy
— ANI (@ANI) October 5, 2021
चुनाव आयोग ने 4 अक्तूबर को दोपहर 1 बजे तक अपने-अपने गुट के लिए नया नाम और सिंबल का तीन विकल्प देने का आदेश दिया था।चाचा भतीजा ने आयोग के आदेश का पालन करते हुए पार्टी का नया नाम और चुनाव चिह्न भेज दिए थे। आयोग ने मंगलवार को दोनों नेताओं को पार्टी का नया नाम और चुनाव चिह्न जारी कर दिया है।
चिराग ने चाचा पारस पर लगाया था ये आरोप
चिराग पासवान ने चुनाव आयोग को एक पत्र लिखकर इस मामले में पशुपति पारस गुट पर आरोप लगाया था पशुपति पारस का गुट जानबूझकर नामों और सिंबल का तीन विकल्प देने में देरी कर रहा है ताकि आयोग फैसला नहीं कर सके। चिराग का आरोप है कि आयोग की ओर से फैसले में हो रही देरी का असर उनकी चुनावी तैयारियों पर पड़ रहा है । चिराग पासवान बिहार विधानसभा की दो सीटों पर 30 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव में अपने उम्मीदवार उतारना चाहते हैं।




