फिल्म: 83
निर्देशक: कबीर खान
कलाकार: रणवीर सिंह, दीपिका पादुकोण, पंकज त्रिपाठी, ताहिर राज भसीन, जीवा, साकिब सलीम, जतिन सरना, चिराग पाटिल, दिनकर शर्मा, निशांत दहिया, हार्डी संधू, साहिल खट्टर और एमी विर्क
रिलीज: थिएटर्स
मुंबई (एजेंसी)। भारतीय क्रिकेट टीम द्वारा जीते गए पहले वल्र्ड कप की कहानी सुनाती फिल्म 83 इस शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। कपिल देव और उनकी ब्रिगेड को उस दौर में किन चुनौतियों से गुजरना पड़ा और भारत के पहली बार वल्र्ड कप जीतने के बाद देश में कैसा माहौल था इस सबके अलावा भी बहुत कुछ है जो आपको रणवीर सिंह की इस फिल्म में देखने को मिलेगा। फिल्म एक इमोशनल रोलर-कोस्टर राइड है।
स्टेडियम वाला फील देती है फिल्म
फिल्म को देखते हुए काफी हद तक ऐसा फील आता है जैसे आप किसी स्टेडियम में बैठे हुए हैं आपके सामने एक दिलचस्प मैच चल रहा है। एक ऐसा मैच जिस पर आपके देश की आन-बान और शान सब कुछ निर्भर करती है। हर छक्के और हर चौके पर आप खुद को शोर मचाने और टीम इंडिया को चीयर्स करने से शायद ही रोक पाएंगे। सबसे खास बात ये है कि 160 मिनट की इस फिल्म के दौरान आपको कहीं भी कलाकार नहीं नजर आते। आपको नजर आते हैं तो सिर्फ खिलाड़ी। वो खिलाड़ी जो इस गेम को जीतने के लिए अपनी पूरी जान लगाने को तैयार हैं।
कपिल देव में तब्दील हो गए हैं रणवीर
रणवीर सिंह ने कपिल देव के किरदार में खुद को इस कदर ढाल लिया है कि आपके लिए फर्क करना मुश्किल हो जाता है। चाल-ढाल से लेकर बात करने के अंदाज तक और नटराज शॉट से लेकर उनके बॉलिंग एक्शन तक रणवीर ने सब कुछ कॉपी कर डाला है। तत्कालीन कप्तान के रोल में रणवीर इतने कॉन्फिडेंट और रियल दिखे हैं कि उन्हें फिल्म की जान कहा जा सकता है।
बोली से लेकर अंदाज तक सब कॉपी किया
पंजाबी और टूटी-फूटी अंग्रेजी पर उनकी पकड़ वैसी ही है जैसी कि आप कपिल देव को लेकर कल्पना कर सकते हैं। जैसा कि आप सोच सकते हैं कि कपिल देव ने उस वक्त ये बात कैसे कही होगी? हालांकि कुछ मौके ऐसे भी आते हैं जब आपको लगता है कि इसे थोड़ा और बेहतर किया जा सकता था। लेकिन रणवीर यहां अकेले नहीं हैं। कहना होगा कि हर एक्टर ने अपना काम बखूबी किया है।
बाकी कलाकारों ने भी किया है कमाल का काम
खास तौर पर साकिब सलीम ने जिस तरह मोहिंदर जिमी अमरनाथ की भूमिका निभाई है वो कमाल है। सुनील गावस्कर के रूप में ताहिर राज भसीन, यशपाल शर्मा के रूप में जतिन सरना, श्रीकांत के रूप में तमिल अभिनेता जीवा, बलविंदर संधू के रूप में एम्मी विर्क और मदन लाल के रूप में हार्डी संधू ने अपने किरदारों के पकड़े रखा है।
पंकज त्रिपाठी के किरदार ने किया ऐसा जादू
पंकज त्रिपाठी ने टीम मैनेजर पीआर मान सिंह का किरदार निभाया है जो कि अपने आप में बहुत खास है। ये किरदार न सिर्फ बीच-बीच में हास्य जोड़े रखता है बल्कि जरूरत पडऩे पर किसी ढाल की तरह टीम के साथ खड़ा हो जाता है। फिल्म की शुरुआत में ही डिसक्लेमर जोड़ दिया गया है कि कहानी को दिलचस्प बनाने के लिए कुछ पात्रों की कहानी में बदलाव किया गया है जो कि काफी हद तक अच्छा लगता है।
टीम की नहीं बल्कि किरदारों की भी है कहानी
बहरहाल 83 की कहानी टीम इंडिया के वल्र्ड कप के सफर, संघर्ष, हार, आंतरिक संघर्ष, व्यक्तिगत नुकसान और सबसे खास बात, जीतने के उनके जुनून को समेटे हुए है। फिल्म कहानी भारत के पहली बार वल्र्ड कप जीतने के साथ-साथ इसके किरदारों के बारे में भी है। कैसे वे सब एक बार अपने कप्तान के शब्दों पर हंसने के बावजूद – ‘हम विश्व कप जीतेंगे’। इस बात पर आखिरी तक अड़े रहते हैं।
कबीर खान का निर्देशन
कबीर खान ने जाहिर तौर पर एक ऐतिहासिक फिल्म बना दी है लेकिन उनके लिए ऐसा करना जरा भी आसान नहीं रहा होगा। इस तरह की फिल्म बनाते हुए आप तथ्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं कर सकते क्योंकि फिल्म के सभी किरदार वास्तविक हैं और हर कोई खुद फिल्म देखता है। कहानी को आगे बढ़ाते हुए भी कबीर खान उन बारीकियों को छूने में कामयाब रहे हैं जिन्हें लोगों ने नोटिस नहीं किया था।
कैसा है फिल्म का म्यूजिक?
फिल्म में दीपिका पादुकोण, कपिल देव की पत्नी रोमी देव की भूमिका में हैं, लेकिन उनके पास स्टैंड पर बैठने, मुस्कुराने या टीम के खेल के आधार पर रोने के अलावा बहुत कम काम है। फिल्म का म्यूजिक बहुत कमाल का है और तारीफ के काबिल है। चाहे फिल्म के गाने हों या फिर बैकग्रांउंड म्यूजिक, सब कुछ इमोशन्स की लहरों के बढ़ाने का काम करता है और कुछ भी आप पर थोपा हुआ महसूस नहीं कराता है।
देखे या नहीं?
नई पीढ़ी अभी भी उस संघर्ष और जिद से अनजान है जो तब कपिल देव की टीम ने विश्व कप जीतने को लेकर दिखाई थी। साथ ही फिल्म में तमाम ऐसे पल और पहलू हैं जिन्हें उस वक्त के लोगों ने भी शायद नोटिस नहीं किया था। क्रिकेट प्रेमियों के लिए तो ये फिल्म बहुत खास है है लेकिन जो लोग फिल्म नहीं देखते हैं, वो भी इसे एन्जॉय कर सकें इसका मेकर्स ने पूरा ख्याल रखा है। ऐसे में इस वीकेंड आप अपने पूरे परिवार के साथ ये फिल्म देखने जा सकते हैं।




