ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: तीन विधेयकों को मिला कानून का रूप, हत्यारों को 302 नहीं 101 में मिलेगी सजा, नए कानून से और क्या बदलेगा?
Share
Notification Show More
Latest News
बालिका@work कार्यक्रम
सुकमा के 30 बच्चों ने जाना श्सखीरूवन स्टॉप सेंटरश् का कामकाज, महिला सुरक्षा के प्रति हुए जागरूक
October 26, 2026
बीएसएफ ने मनाया सतर्कता जागरूकता सप्ताह समारोह, निर्बाध कार्य की दिलाई शपथ
October 26, 2026
राजा फतेह सिंह खेल मैदान में चार दिवसीय प्रतियोगिता का आगाज
खैरागढ़ में 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ
October 26, 2026
राजनीतिक विरोध अपनी जगह, लेकिन प्रधानमंत्री के पिता पर टिप्पणी करना अनुचित : मनीष पाण्डेय
October 26, 2026
जमीन विवाद में हत्या : जशपुर में फूफा ने भतीजे को कुल्हाड़ी से काटा, आरोपी गिरफ्तार
October 26, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Breaking NewsFeaturedNational

तीन विधेयकों को मिला कानून का रूप, हत्यारों को 302 नहीं 101 में मिलेगी सजा, नए कानून से और क्या बदलेगा?

By Om Prakash Verma Published December 26, 2023
Share
तीन विधेयकों को मिला कानून का रूप, हत्यारों को 302 नहीं 101 में मिलेगी सजा, नए कानून से और क्या बदलेगा?
तीन विधेयकों को मिला कानून का रूप, हत्यारों को 302 नहीं 101 में मिलेगी सजा, नए कानून से और क्या बदलेगा?
SHARE

नई दिल्ली (एजेंसी)। हाल ही में संसद द्वारा पारित तीन विधेयकों ने अब कानून का रूप ले लिया है। देश में अंग्रेजों के जमाने के इन आपराधिक कानूनों की जगह लेने वाले तीन संशोधन विधेयकों को सोमवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंजूरी दे दी। तीनों नए कानून अब भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता व भारतीय साक्ष्य अधिनियम कहे जाएंगे, जो क्रमश: भारतीय दंड संहिता (1860), आपराधिक प्रक्रिया संहिता (1898) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (1872) का स्थान लेंगे।

कानूनों में बदलाव के साथ ही इनमें शामिल धाराओं का क्रम भी बदल गया है। आइये जानते हैं आईपीसी की कुछ अहम धाराओं के बदलाव के बारे में? अब इन्हे किस क्रम में रखा गया है? वे पहले किस स्थान पर थीं?

भारतीय न्याय संहिता में क्या बदला है?
भारतीय दंड संहिता में 511 धाराएं थीं, लेकिन भारतीय न्याय संहिता में धाराएं 358 रह गई हैं। संशोधन के जरिए इसमें 20 नए अपराध शामिल किए हैं, तो 33 अपराधों में सजा अवधि बढ़ाई है। 83 अपराधों में जुर्माने की रकम भी बढ़ाई है। 23 अपराधों में अनिवार्य न्यूनतम सजा का प्रावधान है। छह अपराधों में सामुदायिक सेवा की सजा का प्रावधान किया गया है।

बता दें कि भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम को 12 दिसंबर 2023 को केंद्र सरकार ने इसी साल अगस्त में पेश किए गए पिछले संस्करणों को वापस लेते हुए संसद के निचले सदन में तीन संशोधित आपराधिक विधियकों को फिर से पेश किया था। इन विधेयकों को लोकसभा ने 20 दिसंबर को और राज्यसभा ने 21 दिसंबर को मंजूरी दे दी। राज्यसभा में विधेयकों को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा पेश किए जाने के बाद ध्वनि मत से पारित किया गया था। अब सोमवार यानी 25 दिसंबर को राष्ट्रपति से मंजूरी के बाद विधेयक कानून बन गए। संसद में तीनों विधेयकों पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि इनमें सजा देने के बजाय न्याय देने पर फोकस किया गया है।

अहम धाराओं में बदलाव
धारा 124: आईपीसी की धारा 124 राजद्रोह से जुड़े मामलों में सजा का प्रावधान रखती थी। नए कानूनों के तहत ‘राजद्रोहÓ को एक नया शब्द ‘देशद्रोहÓ मिला है यानी ब्रिटिश काल के शब्द को हटा दिया गया है। भारतीय न्याय संहिता में अध्याय 7 में राज्य के विरुद्ध अपराधों कि श्रेणी में ‘देशद्रोहÓ को रखा गया है।

धारा 144: आईपीसी की धारा 144 घातक हथियार से लैस होकर गैरकानूनी सभा में शामिल होना के बारे में थी। इस धारा को भारतीय न्याय संहिता के अध्याय 11 में सार्वजनिक शांति के विरुद्ध अपराध की श्रेणी में रखा गया है। अब भारतीय न्याय संहिता की धारा 187 गैरकानूनी सभा के बारे में है।

धारा 302: पहले किसी की हत्या करने वाला धारा 302 के तहत आरोपी बनाया जाता था। हालांकि, अब ऐसे अपराधियों को धारा 101 के तहत सजा मिलेगी। नए कानून के अनुसार, हत्या की धारा को अध्याय 6 में मानव शरीर को प्रभावित करने वाले अपराध कहा जाएगा।

धारा 307: नए कानून के अस्तित्व में आने से पहले हत्या करने के प्रयास में दोषी को आईपीसी की धारा 307 के तहत सजा मिलती थी। अब ऐसे दोषियों को भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 के तहत सजा सुनाई जाएगी। इस धारा को भी अध्याय 6 में रखा गया है।

धारा 376: दुष्कर्म से जुड़े अपराध में सजा को पहले आईपीसी की धारा 376 में परिभाषित किया गया था। भारतीय न्याय संहिता में इसे अध्याय 5 में महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराध की श्रेणी में जगह दी गई है। नए कानून में दुष्कर्म से जुड़े अपराध में सजा को धारा 63 में परिभाषित किया गया है। वहीं सामूहिक दुष्कर्म को आईपीसी की धारा 376 डी को नए कानून में धारा 70 में शामिल किया गया है।

धारा 399: पहले मानहानि के मामले में आईपीसी की धारा 399 इस्तेमाल की जाती थी। नए कानून में अध्याय 19 के तहत आपराधिक धमकी, अपमान, मानहानि, आदि में इसे जगह दी गई है। मानहानि को भारतीय न्याय संहिता की धारा 356 में रखा गया है।

धारा 420: भारतीय न्याय संहिता में धोखाधड़ी या ठगी का अपराध 420 में नहीं, अब धारा 316 के तहत आएगा। इस धारा को भारतीय न्याय संहिता में अध्याय 17 में संपत्ति की चोरी के विरूद्ध अपराधों की श्रेणी में रखा गया है।

सीआरपीसी और साक्ष्य अधिनियम कैसे बदल गए?
दंड प्रक्रिया संहिता यानी सीआरपीसी की जगह अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता ने ले ली है। सीआरपीसी की 484 धाराओं के बदले भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता में 531 धाराएं हैं। नए कानून के तहत 177 प्रावधान बदले गए हैं जबकि नौ नई धाराएं और 39 उपधाराएं जोड़ी हैं। इसके अलावा 35 धाराओं में समय सीमा तय की गई है।

वहीं, नए भारतीय साक्ष्य अधिनियम में 170 प्रावधान हैं। इससे पहले वाले कानून में 167 प्रावधान थे। नए कानून में 24 प्रावधान बदले हैं।

You Might Also Like

सुकमा के 30 बच्चों ने जाना श्सखीरूवन स्टॉप सेंटरश् का कामकाज, महिला सुरक्षा के प्रति हुए जागरूक

बीएसएफ ने मनाया सतर्कता जागरूकता सप्ताह समारोह, निर्बाध कार्य की दिलाई शपथ

खैरागढ़ में 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ

राजनीतिक विरोध अपनी जगह, लेकिन प्रधानमंत्री के पिता पर टिप्पणी करना अनुचित : मनीष पाण्डेय

जमीन विवाद में हत्या : जशपुर में फूफा ने भतीजे को कुल्हाड़ी से काटा, आरोपी गिरफ्तार

Om Prakash Verma December 26, 2023
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article YouTube पर दो करोड़ सब्सक्राइबर्स वाले पहले नेता बने पीएम मोदी, एक महीने में 22 करोड़ व्यूज YouTube पर दो करोड़ सब्सक्राइबर्स वाले पहले नेता बने पीएम मोदी, एक महीने में 22 करोड़ व्यूज
Next Article एमएलए के फॉलो गाड़ी पर फायरिंग सहित 32 बड़ी वारदातों में शामिल रहे पांच नक्सलियों ने किया सरेंडर एमएलए के फॉलो गाड़ी पर फायरिंग सहित 32 बड़ी वारदातों में शामिल रहे पांच नक्सलियों ने किया सरेंडर

Ro.No.-14097/18

× Popup Image

Ro. No.-14093/1

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?