ShreeKanchanpathShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: चिंताजनक: दुनिया में वुहान जैसी 59 प्रयोगशालाएं, वायरस फैलने जैसे हादसों का बढ़ रहा खतरा
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Font ResizerAa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
FeaturedNationalWorld

चिंताजनक: दुनिया में वुहान जैसी 59 प्रयोगशालाएं, वायरस फैलने जैसे हादसों का बढ़ रहा खतरा

By @dmin
Published: June 5, 2021
Share
चिंताजनक: दुनिया में वुहान जैसी 59 प्रयोगशालाएं, वायरस फैलने जैसे हादसों का बढ़ रहा खतरा
चिंताजनक: दुनिया में वुहान जैसी 59 प्रयोगशालाएं, वायरस फैलने जैसे हादसों का बढ़ रहा खतरा
SHARE

लंदन (एजेंसी)। पश्चिमी देशों में ये मुद्दा इन दिनों जोर-शोर से उठा है कि क्या कोविड-19 वायरस चीन में वुहान की एक प्रयोगशाला से लीक होकर सारी दुनिया में फैला? अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने अपने देश की खुफिया एजेंसियों को इस बारे में 90 दिन के अंदर जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है।
लेकिन वैज्ञानिकों के एक पक्ष का कहना है कि वायरस के बारे में अनुसंधान दुनिया भर में चलते हैं। वहां हादसे भी होते रहते हैँ। इसलिए अगर ऐसा वुहान में भी हुआ होगा, तो उसे महज एक दुर्घटना ही समझा जाना चाहिए। 
मशहूर ब्रिटिश अखबार द फाइनेंशियल टाइम्स ने शुक्रवार को एक रिपोर्ट प्रकाशित की, जिसमें बताया गया है कि दुनिया में कम से कम ऐसी 59 प्रयोगशालाएं या तो इस समय मौजूद हैं या बन रही हैं। वहां खतरनाक जैविक अनुसंधान किए जाते हैं या भविष्य में किए जाएंगे।
इस रिपोर्ट के मुताबिक पिछले एक दशक में ऐसी प्रयोगशालाओं की संख्या तेजी से बढ़ी है। रिपोर्ट के मुताबिक अभी मौजूद या बन रही प्रयोगशालाएं 23 देशों में हैं, जिनमें ब्रिटेन, अमेरिका, चीन, भारत, गैबॉन, और आइवरी कोस्ट शामिल हैं। वुहान की प्रयोगशाला भी इन्हीं 59 प्रयोगशालाओं में एक है। 

जॉर्ज मैसॉन यूनिवर्सिटी में बायोडिफेंस के प्रोफेसर ग्रेगरी कोबलेन्त्ज और लंदन स्थित किंग्स कॉलेज में प्रोफेसर फिलिपा लेंतोज ने इन प्रयोगशालाओं के बारे में अध्ययन किया है। उनके मुताबिक जिन 42 प्रयोगशालाओं के बारे में आंकड़े मौजूद हैं, उनमें से आधी पिछले एक दशक में तैयार हुई हैं।

लेन्तोज ने कहा- ‘इस तरह के जितने काम हो रहे हैं, उतने अधिक हादसे होंगे।Ó अमेरिका की रुटगर्स यूनिवर्सिटी में केमिकल बायोलॉजी के प्रोफेसर रिचर्ड एब्राइट ने फाइनेंशियल टाइम्स से कहा- ‘जितने अधिक संस्थान होंगे और जितने अधिक संख्या में व्यक्ति उन खतरनाक जीवाणुओं के संपर्क में आएंगे, खतरा उतना ज्यादा बढ़ेगा।Ó

सेफ्टी लेवल 4 के तहत चल रही हैं 59 प्रयोगशालाएं
विश्लेषज्ञों का कहना है कि वुहान प्रयोगशाला के बारे में जांच से चाहे जो निष्कर्ष निकले, लेकिन यह साफ है कि कोविड-19 महामारी ने वायरस रिसर्च पर दुनिया का ध्यान केंद्रित कर दिया है। अब तक ऐसे अनुसंधान की अंतरराष्ट्रीय निगरानी की कोई व्यवस्था नहीं है।

कोबलेन्त्ज और लेन्तोज ने ध्यान दिलाया है कि 59 प्रयोगशालाएं सेफ्टी लेवल 4 के तहत चल रही हैं, लेकिन उनमें एक चौथाई में ही उच्चस्तरीय बायोसिक्युरिटी संबंधी व्यवस्था है। एक तिहाई में ऐसी व्यवस्था मध्यम दर्जे की है, जबकि 41 प्रतिशत में निम्नस्तरीय तैयारी है। कुछ समय पहले अमेरिकी पत्रिका न्यूयॉर्क मैगजीन में छपे एक लंबे विश्लेषण में बताया गया था कि इस बात की काफी संभावना है कि वुहान में संक्रमण प्रयोगशाला से फैला हो। ऐसी घटनाएं दुनिया की दूसरी वायरस संबंधी प्रयोगशालाओं में भी हो चुकी हैँ।

अब फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिका का स्वास्थ्य विभाग और सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल की निगरानी में 67 प्रकार के टॉक्सिन और संभावित खतरनाक सामग्रियों का इस्तेमाल प्रयोगशालाओं में होता है। 2019 की एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका में 13 बार ऐसे पदार्थ गायब हो गए और 219 बार वे लीक हुए। यह सिर्फ संयोग की बात थी कि उनसे कोई बीमार नहीं हुआ।

कई वैज्ञानिकों ने कहा है कि चीन ने वुहान प्रयोगशाला की अंतरराष्ट्रीय जांच के प्रति जैसी अनिच्छा दिखाई, उससे वहां मौजूद किसी समस्या का शक हुआ। लेन्तोज ने कहा- ‘हमने वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के बारे में अब तक यही देखा है कि वहां क्या काम होता है, इस बारे में खुलापन और पारदर्शिता नहीं बरती गई है। लेकिन जब आप इस तरह की प्रयोगशालाएं बनाते हैं, तो आपको यह सुनिश्चित करना होता है कि वहां पूरी पारदर्शिता से काम हो।

सिंपल साड़ी पहन रकुल प्रीत ने मिलियन डॉलर स्माइल देकर लूटी लाइमलाइट…
काशीनाथ गोरे की स्मारिका का विमोचन, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत व डॉ रमन सिंह हुए शामिल
बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था: अचानक जिला अस्पताल पहुंचे CMHO, नदारद डॉक्टर और कर्मचारियों को दिया नोटिस, किया उपचार
भारत-पाकिस्तान टी-20 विश्व कप मैच में हो सकता आतंकी हमला!….  ISIS से जुड़े संगठन ने दी धमकी
Mission Chandrayaan-3 : इसरो का ऐलान, 14 जुलाई को लॉन्च होगा चंद्रयान-3… जानिए इससे जुड़ी खास बातें
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article BSP did not take care in township… Corporation commissioner saw drinking टाउनशिप में बीएसपी नहीं ली सुध… निगम आयुक्त ने घर पहुंच देखी पेयजल व्यवस्था… 8 जगहों से लिया सैंपल
Next Article The commissioner along with the city administrator and officials नगर प्रशासक व अधिकारियों के साथ आयुक्त ने किया शंकर नाला का निरीक्षण, कहा- ट्रीटमेंट पानी से शहर के अंदर का नाला साफ रह सकेगा
× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?