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चमत्कार! टीम ने नहीं मानी हार और बचा ली जान, तीन घंटे के लिए रुक गई थी बच्चे की धड़कन

By Om Prakash Verma Published February 23, 2023
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चमत्कार! टीम ने नहीं मानी हार और बचा ली जान, तीन घंटे के लिए रुक गई थी बच्चे की धड़कन
चमत्कार! टीम ने नहीं मानी हार और बचा ली जान, तीन घंटे के लिए रुक गई थी बच्चे की धड़कन
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ओंटारियो (एजेंसी)। कनाडा के ओंटारियो में बच्चे की जान बचाने के लिए डॉक्टरों की तरफ से की गई कोशिशों की जबरदस्त तारीफ हो रही है। यह मामला भी अपने आप में असाधारण सा है। दरअसल, यह घटना 24 जनवरी की है, जब पेट्रोलिया के एक डे-केयर में 20 महीने का एक बच्चा बाहर पानी से भरे पूल में गिर गया। रिपोट्र्स के मुताबिक, वेलॉन नाम का यह बच्चा पानी में गिर कर बेहोश हो गया और पांच मिनट तक भीषण ठंड में अचेत पड़ा रहा। मेडिकल टीम जब तक बच्चे को बचाने पहुंचती, उसकी धड़कनें बंद हो चुकी थीं। इसके बावजूद डॉक्टरों ने हार नहीं मानी और लगातार कोशिशों से बच्चे की जान बचा ली।

मीडिया रिपोट्र्स के मुताबिक, जिस पेट्रोलिया शहर में यह घटना हुई, वह मेडिकल सुविधाओं और संसाधनों के मामले में काफी पिछड़ा है। खासकर बच्चों को चिकित्सीय सुविधा मुहैया कराने के मामले में। बताया जाता है कि जब यहां शार्लोट एलेनॉर एंगलहार्ट अस्पताल प्रशासन को बच्चे के साथ हुए हादसे और उसकी धड़कनें बंद होने के बारे में पता चला, तो सभी ने अपना काम छोड़ दिया और बच्चे को बचाने के लिए मेडिकल टीम की मदद में जुट गए।

मेडिकल टीम ने बच्चे को बचाने के लिए लगातार तीन घंटे तक उसे सीपीआर दिया। इस दौरान डॉक्टर-नर्सों ने बारी-बारी से बच्चे की धड़कनों को वापस लाने और उसे सांसद दी। आखिरकार बच्चे को बचा लिया गया।

अस्पताल के एक डॉक्टर के मुताबिक, बच्चे को बचाने का श्रेय अस्पताल की पूरी टीम को जाता है। यहां के लैब टेक्नीशियन पोर्टेबल हीटर पकड़कर कमरे में ही खड़े रहे। नर्सें माइक्रोवेव से पानी गर्म कर लाती रहीं, ताकि बच्चे को गर्म रखा जा सके। इसके अलावा आपात चिकित्सा सेवा से जुड़े कर्मी कम्प्रेसर को लगातार रोटेट करते रहे, जिससे कमरे में हवा का संचार भी बना रहा। लंदन में भी एक मेडिकल टीम अस्पताल के डॉक्टरों से जुड़कर उन्हें दिशा-निर्देश देती रही।

बच्चे को आखिरकार छह फरवरी को पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। वह पिछले दो हफ्तों से बिल्कुल ठीक है। डॉक्टरों के साथ परिवारवालों तक का मानना है कि यह पूरा घटनाक्रम किसी चमत्कार से कम नहीं रहा।

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Om Prakash Verma February 23, 2023
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