नई दिल्ली। भारत में युवाओं को सशक्त बनाने और ज्ञान को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, भारतीय सेना ने आज दिल्ली छावनी के मानेकशॉ सेंटर में अपने नवीन प्रतीक के साथ ‘बैटल ऑफ माइंड्सÓ – इंडियन आर्मी क्विज 2023 का गर्व से अनावरण किया। कारगिल विजय दिवस की 25वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में, क्विज़ प्रतियोगिता कारगिल युद्ध में भारतीय सशस्त्र बलों की जीत का जश्न मनाती है और उस महत्वपूर्ण क्षणो के दौरान सेवा करने वाले लोगों की बहादुरी और साहस के प्रति हार्दिक श्रद्धांजलि है। नये प्रतीक के रूप में, यह महत्वपूर्ण पहल राष्ट्र भर में बौद्धिक विकास को प्रोत्साहित करने और युवा बुद्धिमत्ता को प्रेरित करने के उद्देश्य से सेना की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। यह आयोजन न केवल अतीत की स्मृतियों का जश्न मनाता है, बल्कि इसका उद्देश्य युवाओं में जिज्ञासा और शिक्षा के प्रति उत्साह को जागरूक करने के साथ-साथ भविष्य के नेतृत्व को स्थापित करने की भी है।
इस कार्यक्रम में थल सेना के उपप्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एमवी सुचिन्द्र कुमार उपस्थित थे। प्रतियोगिता के नये प्रतीक का अनावरण आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन की अध्यक्ष श्रीमती अर्चना पांडे द्वारा किया गया। परमवीर चक्र पुरस्कार विजेता सूबेदार मेजर (आनरेरी कैप्टन) योगेन्द्र सिंह यादव (रिटायर्ड) और सूबेदार मेजर संजय कुमार भी भारत के 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के साथ उपस्थित थे।

यह पहल देश के 762 जिलों में से प्रत्येक के प्रतिनिधित्व के साथ 1.5 लाख विद्यालयों तक पहुंचती है। इससे कम से कम 15,000 विद्यालयों का पंजीकरण होगा। इस प्रकार, राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिता के अनुमानित 1.5 करोड़ छात्रों तक पहुंचने की आशा है। विद्यालय तीन छात्रों और एक रिजर्व छात्र की टीमों के साथ भाग लेंगे। सह-शिक्षा विद्यालयों की टीमों में कम से कम एक महिला छात्र होगी। प्रतिभागियों की आयु 10 से 16 वर्ष के बीच होगी। जो मोटे तौर पर कक्षा छह से दस में पढऩे वाले छात्र को सम्मिलित करती है। प्रतियोगिता प्रारंभ में कमांड स्तर पर, फिर अंतर-कमांड स्तर और अंत में राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित की जाएगी। यह प्रतियोगिता ऑनलाइन और ऑफलाइन प्लेटफॉर्म सहित मिश्रित रूप में होगी।
प्रतियोगिता दो चरणों में होगी, जिससे प्रतिभागियों का व्यापक मूल्यांकन सुनिश्चित होगा। पहला चरण एक आकर्षक ऑनलाइन एलिमिनेशन राउंड के साथ शुरू होगा, जहां छात्र बौद्धिक रूप से प्रेरक प्रश्नों की एक श्रृंखला से निपटकर अपनी विशेषज्ञता और योग्यता का प्रदर्शन करेंगे। ऑनलाइन चरण से सफल दावेदार दूसरे चरण में आगे बढ़ेंगे, जो एक कमांड-स्तरीय ऑफलाइन प्रतियोगिता के रूप में आयोजित होगी और जिसका समापन ग्रैंड फिनाले में होगा। यह प्रारूप प्रतिभागियों के ज्ञान और क्षमताओं के न्यायसंगत और मांगपूर्ण मूल्यांकन की गारंटी देता है, जिसका समापन सबसे योग्य विजेताओं की खोज में होता है।
प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता पांच प्रमुख तत्वों पर केंद्रित है-
समावेशिता– प्रतियोगिता में वे सभी स्कूल भाग ले सकते हैं, जहां अंग्रेजी भाषा शिक्षा का प्राथमिक या माध्यमिक माध्यम है;
समानता– छात्र-छात्राओं के बीच संतुलन को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक सह-शिक्षा माध्यम विद्यालय से एक छात्रा की भागीदारी सुनिश्चित करना;
उचित खेल– सुलभ ट्यूटोरियल द्वारा सहायता प्राप्त कर समान अवसर प्रदान करना;
नि: शुल्क पंजीकरण; और
आकर्षक पुरस्कार विद्यालयों, विद्यार्थियों और उनके साथ आने वाले शिक्षकों के लिए 4 करोड़ रुपये से अधिक के पुरस्कारों की व्यवस्था की गई है। शीर्ष 12 स्कूलों के लिए बसों और विद्यार्थियों तथा शिक्षकों के लिए 360 से अधिक लैपटॉप की पेशकश की गई है।
अध्यापन आधारित शिक्षा पर जोर देने के साथ ‘टीच इंडिया’ के माध्यम से एक सुदृढ़ छात्र आउटरीच कार्यक्रम प्रश्नोत्तरी के व्यापक संदेश का प्रचार किया जाएगा। यह राष्ट्र-निर्माण में भारतीय सेना की भूमिका, कारगिल विजय और उसके बाद भारतीय सेना में चल रहे परिवर्तनों की जानकारी प्रदान करेगा।
यह प्रश्नोत्तरी केवल विद्यार्थियों की सामान्य जागरूकता का परीक्षण करने की अवधारणा से परे है। यह एक ऐसा मंच है जो युवाओं को संस्कृति, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के अपने ज्ञान के आधार का परीक्षण करने के लिए जमीनी स्तर पर एक सशक्त मंच प्रदान करता है। यह प्रश्नोत्तरी छात्रों के बीच राष्ट्र निर्माण में भविष्य की भूमिका के बारे में जागरूकता भी पैदा करेगी।
इस पहल का प्रतीक, नाम और आदर्श वाक्य भारतीय सेना की सम्मानित विरासत की प्रतिध्वनि के साथ गहन महत्व को समाहित करता है। प्रतीक का गठन चिह्न आकार एकता और अनुशासन की स्थायी भावना पैदा करता है, जबकि धातुई कांस्य रंग की सीमा के साथ आधार मैरून रंग ताकत और लचीलेपन को दर्शाता है।
‘बैटल ऑफ माइंड्स’ नाम जीत, बहादुरी और वीरता पर जोर देने वाली आदर्श वाक्य के साथ बौद्धिक शक्ति का प्रतिरूप है, और क्रॉस्ड स्वोड्र्स और अशोक स्तंभ तत्परता, कर्तव्य और सम्मान का प्रतिरूप हैं जो भारतीय सेना की अदम्य भावना और समर्पण का प्रतीक हैं।
श्रद्धांजलि और नवाचार के एक विचारोत्तेजक मिश्रण में, ‘बैटल ऑफ माइंड्स’ एक शक्तिशाली उत्प्रेरक के रूप में उभरता है, जो देश के युवाओं को ज्ञान और सशक्तिकरण की ओर प्रेरित करता है। जैसा कि इसके मार्मिक लोगो द्वारा दर्शाया गया है, यह दूरदर्शी कदम कारगिल युद्ध की भावना का सम्मान करता है और एक ऐसे भविष्य के लिए भारतीय सेना की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है जहां एकता, ज्ञान और जिज्ञासा मिलती है – जो हमारे देश की नियति को आकार देने वाले नेतृत्व को प्रेरित करती है।




