कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में दो गुटों में हुई हिंसा का असर 6 दिन बाद असर अब पहले के मुताबिक कम होता नजर आ रहा है। हिंसा के बाद लगे कफ्र्यू का गांव में ज्यादा असर नहीं है। जिले के पंडरिया स्थित ग्रामीण इलाकों में कुछ लोगों ने बंद का विरोध भी किया। हालांकि शहरी इलाकों में तनाव अब भी बरकरार है।
प्रशासन ने लोगों की सुविधा के लिए कफ्र्यू में चार घंटे की छूट दी है। आवश्यक सामग्रियों की खरीदी के लिए सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक बाजार खोलने की अनुमति दे दी गई है। शनिवार से प्रशासन द्वारा तय समय में बाजार खोले जा सकेंगे।
कवर्धा हिंसा के दौरान उत्तर प्रदेश में मौजूद रहे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ लौटने के बाद एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। भूपेश ने मीडिया को दिए बयान में कहा कि उपद्रव के पीछे जो कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाए। ऐसे लोगों के नाम भी मीडिया के जरिए सबके सामने लेकर आएं, जिससे लोग जान सकें।
बता दें कि पुलिस ने स्थानीय बीजेपी सांसद संतोष पांडेय, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह के खिलाफ भी विवाद मामले में केस दर्ज किया है। इनके अलावा हिंसा के मामले में करीब अब तक 70 लोगों पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है।





