बीजापुर (एजेंसी)। छत्तीसगढ़ में एक करोड़ के इनामी नक्सली की मौत हो गई है। इस नक्सली नाम अक्कीराजू था। बीमारी के चलते बीजापुर के जंगल में उसकी जान गई। बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) सुदंरराज पी ने इसकी पुष्टि की है। अक्कीराजू की मौत की खबर पुलिस को गुरुवार दोपहर से ही मिलने लगी थी। रात में नक्सलियों ने भी इसकी पुष्टि भी कर दी।

दिल का दौरा पडऩे से मौत
बताया गया है कि अक्कीराजू लंबे समय से दिल की बीमारी से पीडि़त था। बीजापुर जिले के बासगुड़ा-पामेड़ इलाके के जंगल के नक्सल कैंप में उसका उपचार चल रहा था। इसी दौरान दिल का दौरा पडऩे से उसकी मौत हुई है। आईजी ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से उस पर 40 लाख रुपए का इनाम घोषित था। अलग-अलग राज्यों में कुल मिलाकर उस पर एक करोड़ का इनाम था।
सीपीआई का सदस्य था आरके
इस नक्सली का नाम हरगोपाल उर्फ रामकृष्ण उर्फ आरके सेंट्रल कमेटी पोलितब्यूरो (सीपीआई माओवादी) का सदस्य था। पुलिस के मुताबिक आरके की मौत के साथ पिछले दो साल में सीपीआई के तीन अहम सदस्यों को गंवा चुका है। बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज के मुताबिक संगठन के सदस्यों की यह मौतें निश्चित तौर पर उसे कमजोर करेंगी। साथ ही इस क्षेत्र में पांच दशक से चल रहे हिंसक गतिविधियों पर भी लगाम लगने की संभावना बढ़ चुकी है।
बेटा भी था नक्सली
आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिला स्थित पलनाड में पैदा हुआ आरके 1970 के उत्तराद्र्ध में माओवादी आंदोलन से जुड़ा था। उसका बेटा मुन्ना उर्फ पृथ्वी भी एक माओवादी नेता है। पृथ्वी की साल 2018 में पुलिस एनकाउंटर में मौत हो गई थी। मृत नक्सली आरके माओवादियों के आंध्र उड़ीसा बॉर्डर स्टेट कमेटी का सचिव रह चुका है। छत्तीसगढ़ से लगी आंध्र प्रदेश और उड़ीसा की सीमा पर नक्सल गतिविधियों की निगरानी कर रहा था। वह सुरक्षा बलों पर कई घातक हमलों का मास्टरमाइंड रह चुका था। बस्तर में तैनात एक अन्य वरिष्ठ पुलिस अफसर ने कहा कि शुक्रवार को माओवादियों ने हरगोपाल की मौत के बारे में तेलुगू में बयान जारी किया था। इसके मुताबिक आरके किडनी संबंधी बीमारियों ने जूझ रहा था।




