चंडीगढ़ (एजेंसी)। पंजाब में कांग्रेस छह फरवरी को मुख्यमंत्री के चेहरे का एलान करेगी। इसके लिए मौजूदा सीएम चरणजीत चन्नी और पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिद्धू मुख्य दावेदार हैं। हालांकि इससे पहले ही सिद्धू ने हाईकमान पर निशाना साध दिया है। अमृतसर में अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए सिद्धू ने कहा कि अगर नया पंजाब बनाना है तो यह मुख्यमंत्री के हाथ में है। इस बार आपको मुख्यमंत्री चुनना है। शीर्ष पर बैठे लोग एक कमजोर मुख्यमंत्री चाहते हैं जो उनकी ताल पर नाच सके। क्या आप ऐसा सीएम चाहते हैं।

इससे पहले पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष व प्रचार समिति के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने चरणजीत सिंह चन्नी को सीएम चेहरा घोषित करने की वकालत की। उनके इस बयान पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। सिद्धू ने कहा कि यह सुनील जाखड़ पर निर्भर है कि वह क्या कहते हैं लेकिन यह न तो उनके हाथ में है और न ही मेरे। जनता विधायक चुनेगी और फिर सीएम चुना जाएगा। हमें लोगों को एजेंडा देना है।
सीएम चेहरे पर बढ़ रहा विवाद
पंजाब विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के मुख्यमंत्री चेहरे की दौड़ में केवल दो नेताओं को ही पार्टी हाईकमान ने प्राथमिकता दी है। हाईकमान ने इस मामले में प्रदेश के सभी दिग्गज कांग्रेसियों को साइडलाइन कर दिया है। यहां तक कि जिन नेताओं ने सार्वजनिक तौर पर खुद को मुख्यमंत्री पद का दावेदार बताया था, उन्हें भी अनदेखा कर दिया है। इसके चलते प्रदेश कांग्रेस में अंदरखाते गुस्सा बढऩे लगा है।
सियासी गलियारों में अभी से यह कयास लगाए जाने लगे हैं कि हाईकमान ने अगर मौजूदा मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को ही अपना मुख्यमंत्री चेहरा घोषित किया तो एक तरफ तो प्रदेश प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू मोर्चा खोलेंगे वहीं पार्टी के सीनियर नेता भी चन्नी की राह आसान नहीं रहने देंगे, क्योंकि ज्यादातर सीनियर नेता मानकर चल रहे हैं कि अगर चन्नी के हाथ में कमान आ गई तो अगले पांच साल के लिए बाकी सभी नेता पार्टी में हाशिए पर चले जाएंगे, भले ही उन्हें चुनाव जीतने के बाद मंत्री पद ही क्यों न मिल जाए।




