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अब स्कूलों में शनिवार को बच्चे खेल-खेल में करेंगे पढ़ाई, बिना बस्ते के जाएंगे स्कूल

By @dmin Published July 7, 2022
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अब स्कूलों में शनिवार को बच्चे खेल-खेल में करेंगे पढ़ाई, बिना बस्ते के जाएंगे स्कूल
अब स्कूलों में शनिवार को बच्चे खेल-खेल में करेंगे पढ़ाई, बिना बस्ते के जाएंगे स्कूल-symbolic pic
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रायपुर। स्कूली बच्चे हर शनिवार को अब खेल-खेल में पढ़ाई करेंगे। स्कूली शिक्षा को रोचक, व्यावहारिक और अपने आस-पास के माहौल से जोडऩे के लिए स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा यह कदम उठाए गए हैं। स्कूलों में शनिवार का दिन बैगलेस डे में होगा। प्रायमरी और मिडिल स्कूल के बच्चे इस दिन बिना बस्ते के स्कूल जाएंगे। शनिवार को स्कूलों में योग, व्यायाम, खेलकूद सांस्कृतिक आदि गतिविधियां करायी जाएंगी। इस नए कदम से बच्चों को स्कूल आने के प्रति रूचि जागृत होगी वहीं उन्हें स्कूल से जोड़े रखने में भी मदद मिलेगी। बच्चों को स्कूली शिक्षा ज्ञानवर्धक के साथ मनोरंजक भी लगेगी।

जिला शिक्षा अधिकारियों से कहा गया है कि बेगलेस डे के दिन स्कूलों में शनिवार को प्रार्थना के बाद अलग -अलग कालखण्ड में योग एवं व्यायाम, एक दूसरे से सीखना समूह अधिगम, क्रीड़ा एवं पुस्तकालय, एक दूसरे से सीखना एवं समूह कार्यक्रम, सांस्कृतिक एवं साहित्यिक गतिविधि होगी। कक्षा पहली से आठवीं तक के स्कूलों में व्यायाम, योग, क्रीड़ा प्रतियोगिता, साहित्यिक-सांस्कृतिक गतिविधियां, मूल्य-शिक्षा, कला-शिक्षा, पुस्तकों के अतिरिक्त पुस्तकालय एवं अन्य पठन सामग्रियों के गतिविधियों का उपयोग सुनिश्चित किया जा सकता है।

प्रत्येक प्राचार्य एवं प्रधानपाठक अपने स्कूल के लिए माह के प्रत्येक शनिवार की गतिविधियों की पूर्वायोजना बनाएं और इसे सूचना फलक पर प्रदर्शित किया जाएगा। शनिवार की विभिन्न गतिविधियों में विद्यार्थियों द्वारा किए गए या बनाए गए कार्यों को प्रदर्शित किया जाएगा। उदाहरण के लिए प्रतियोगिता में श्रेष्ठ प्रदर्शकों के नाम का डिसप्ले, विद्यार्थियों की कृतियों जैसे कि ड्राईंग, पेंटिंग, निबंध, कलाकृति का प्रदर्शन।

साहित्यिक गतिविधि में वाचन अंतर्गत छत्तीसगढ़ की विभूतियों, भारतीय संविधान, हम भारत के लोग, शारीरिक शिक्षा और मूल्य शिक्षा आदि को शामिल किया गया हैं। कहानी-कथन के अलावा, वाद-विवाद प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता, तात्कालीक भाषण, प्रश्नमंच, समूह परिचर्या आदि। निबंध, कविता, कहानी, संवाद लेखन, और चार्ट निर्माण प्रतियोगिता आयोजित करने कहा गया है। स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों, उद्यमियों, विभिन्न विभागों में कार्यरत नौकरी पेश व्यक्तियों को विद्यालय में बुलाकर उनके कार्यों से अवगत कराएं और बच्चों को इन कार्यों के लिए प्रेरणा दें। कृषि, जल, पर्यावरण, ऊर्जा, पशु संरक्षण एवं संवर्धन पर परिचर्चा आयोजित की जाए। गणित क्लब, विज्ञान क्लब, अंग्रेजी क्लब आदि की गतिविधियों का आयोजन किया जाए और इन पर आधारित प्रतियोगिता आयोजित की जाए। इस संबंध में मॉडलों का निर्माण एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया जाए। बच्चों को प्रत्येक स्तर के लिए विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं के संदर्भ में जागृत और प्रेरित किया जाए। बच्चों को मार्गदर्शन देने के लिए कैरियर एंड काउंसिलिंग के सत्र आयोजित किया जाए।

स्कूलों में सांस्कृतिक गतिविधियों के अंतर्गत रंगोली, मेहंदी, पुष्प सज्जा, ग्रीटिंग कार्ड बनाना सिखाया जाए। लोग गीत, लोक नृत्य, लोक कथा, नाटक-मंचन, अभिनय, एकल अभिनय, देशभक्ति गीत, गायन-वादन की गतिविधि की जा सकती हैं। बच्चों को सांस्कृतिक धरोहर के परिचित कराया जाए। बच्चों को लोक कला संस्कृति से जुड़े स्थानीय कलाकारों से परिचित कराएं। इन कलाकारों द्वारा अपनी कला की प्रस्तुति भी दी जाए। स्कूलों में बाल संसद और बाल मेला का आयोजन किया जाए।
पुस्तकालय के अंतर्गत मुस्कान पुस्तकालयों का पठन बच्चे करें। विद्यार्थियों द्वारा पढ़ी गई पुस्तकों पर शिक्षकों और समूह के साथ चर्चा की जाए। क्रीड़ा गतिविधि के अंतर्गत स्थानीय खेल का आयोजन संस्था में उपलब्ध संसाधन के अनुसार किया जाए।

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