रायपुर। दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जिले के किरंदुल थाने में 16 नक्सलियों ने लोन वर्राटू (घर वापस आइए) अभियान के तहत आत्म समर्पण कर दिया। एक साथ बड़ी संख्या में माओवादियों के सरेंडर करने से नक्सल संगठन को बड़ा झटका लगा है। आत्मसमर्पित नक्सली दक्षिण बस्तर के अति संवेदनशील कुटरेम गांव के निवासी हैं। यह सभी नक्सली बीजापुर जिले के गंगालूर एरिया कमेटी के सक्रिय सदस्य थे। आत्म समर्पित नक्सलियों पर फोर्स को नुकसान पहुंचाने, आगजनी, आर्म्स एक्ट सहित कई मामले किरंदुल थाने में दर्ज हैं।

दंतेवाड़ा एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव ने बताया कि पीएलजीए सप्ताह के दौरान किरन्दुल थाना में 16 जन मिलिशिया सदस्यों ने आत्मसमर्पण किया है। इन नक्सलियों के आत्मसमर्पण से नक्सलियों का संगठन कमजोर हुआ है। एसपी ने बताया कि लोन वर्राटू अभियान के तहत छोड़े और बड़े नक्सली लगातार सरेंडर कर रहे हैं। मलांगीर एरिया कमेटी का क्षेत्र सिकुड़ रहा था, जिसके बाद माओवादियों ने इस इलाके को बीजापुर के गंगालूर एरिया कमेटी को दिया है। पश्चिम बस्तर के गंगालूर एरिया कमेटी से परेशान होकर शनिवार को 16 नक्सलियों ने किरंदुल थाने में आत्मसमर्पण किया है। डॉ. पल्लव ने बताया कि लोन वर्राटू अभियान के तहत अब तक 119 इनामी नक्सली सहित 475 माओवादी सरेंडर कर मुख्य धारा में लौट चुके हैं।
लोन वर्राटू अभियान के तहत समर्पण
बता दें कि नक्सलवाद पर नकेल कसने शुक्रवार को पुलिस महकमें की बड़ी बैठक हुई थी, जिसमें बस्तर आईजी समेत दक्षिण बस्तर के तीनों एसपी शामिल हुए थे। बैठक के बाद शनिवार को एक साथ 16 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिसे बड़ी सफलता मानी जा रही है। आत्मसमर्पण के दौरान पुलिस अनुविभागीय अधिकारी किरंदुल कर्ण कुमार उके, किरंदुल थाना प्रभारी शशिकांत टंडन सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। पुलिस अफसरों ने बताया कि लोन वर्राटू अभियान के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को शासन की पुनर्वास नीति का लाभ दिया जाएगा।




