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70 साल बाद बदलेगा जंगल का कानून, भारत में फिर नजर आएंगे एशियाई चीते, कैसे यहां पढि़ए पूरी स्टोरी

By @dmin
Published: September 16, 2022
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छत्तीसगढ़ के जंगलों में मारा गए थे देश का आखिरी चीते, अब 70 साल बाद MP में बदलेगा जंगल का कानून
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भिलाई. भारत में चीते को 1952 में लुप्त प्राणी घोषित कर दिया गया था, अब एक बार फिर उन्हें दोबारा भारत में बसाने की कोशिश हो रही है। चीते की वापसी की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है और भारत एक बार फिर से जमीन के सबसे तेज जानवर का स्वागत करने का बेताबी से इंतजार कर रहा है। 17 सितंबर को चीते भारत में वापस लौटेंगे।

पीएम मोदी देंगे देश को चीतों की सौगात
जल्दी ही चीता मध्य प्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान में विचरण कर रहा होगा। पीएम नरेंद्र मोदी अपने जन्मदिन के विशेष अवसर पर देश को चीतों का उपहार देंगे। पांच मादा और तीन नर चीतों को अफ्रीकी देश नामीबिया से विशेष विमान के जरिए भारत लाया जा रहा है। एमपी में पीएम मोदी इन आठ चीतों को कुनो राष्ट्रीय उद्यान में छोड़ेगे। ताकि चीते फिर से अपना कुनबा भारत में बढ़ा सके।

छत्तीसगढ़ के जंगलों में भी मारे गए थे चीते
जानकारी के अनुसार भारत सरकार ने वर्ष 2010 में वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और वाइल्ड लाइफ ऑफ ट्रस्ट की मदद से चुनिंदा राष्ट्रीय उद्यानों का सर्वे सहित अध्ययन कराया था। जिसमें साउथ अफ्रीका से चीता लाकर रखने के लिए अनुकूल रहवास क्षेत्र का चयन करने का प्रोजेक्ट बनाया गया था। सर्वे रिपोर्ट में खास बात यह थी कि भारत के अंतिम चीतों का जिस जंगल में शिकार हुआ था, उसमें छत्तीसगढ़ के गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान को भी शामिल किया गया था।

वर्ष 2012 में साउथ अफ्रीका से चीता लाने की कवायद शुरू की गई थी। फिर मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और करीब 10 साल तक लंबित पड़ा रहा। कोर्ट से मामला निराकृत होने के बाद साउथ अफ्रीका के नामीबिया से चीता लाने की कवायद शुरू हुई। मामले में मध्यप्रदेश के श्योपुर के कूनो पालपुर वन्यजीव अभ्यारण्य का फाइनल किया गया है। चीतों की खुराक के लिए पेंच नेशनल पार्क से 500 चीतल छोडऩे की तैयारी है।
यह था सवाल

कौन बनेगा करोड़पति के 14 सीजन में बिग बी ने एक प्रतिभागी को चीते से संबंधित सवाल पूछा था। उनका सवाल था..

माना जाता है कि 1947 में, कोरिया के महाराजा द्वारा भारत में किस पशु प्रजाति के अंतिम ज्ञात जीवित सदस्यों को गोली मार दी गई थी। जिसके ऑप्शन थे।

ए-नीलगिरि तहर
बी-एशियाई चीता
सी-सुमात्रा गैंडा
डी-गुलाबी सिर वाला बत्तख

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