ShreeKanchanpathShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: गुस्ताखी माफ: भूपेश सरकार की इस गांधीगिरी का कोई जवाब नहीं
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Font ResizerAa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
ChhattisgarhDurg-BhilaiFeatured

गुस्ताखी माफ: भूपेश सरकार की इस गांधीगिरी का कोई जवाब नहीं

By @dmin
Published: August 27, 2022
Share
गुस्ताखी माफ़: रायपुर के 'हैप्पी स्ट्रीट' और भिलाई की 'तफरी'
गुस्ताखी माफ़: रायपुर के 'हैप्पी स्ट्रीट' और भिलाई की 'तफरी'
SHARE

-दीपक रंजन दास
गांधीगिरी एक वैश्विक स्तर पर आजमाया हुआ उपकरण है. इसका जवाब न तो अंग्रेजों के पास था और ही देश की किसी सरकार के पास कभी हुआ है. नाच-गाने की महफिल को अगर श्रोता और दर्शक न मिलें तो पांव खुद-ब-खुद थकने लगते हैं, सुर ताल बिगडऩे लगता है. कुछ ऐसा ही हो रही है छत्तीसगढ़ में भाजपा के साथ. पिछले एक सप्ताह के दौरान उसने खूब हंगामा मचाया. एक से बढ़कर एक मुद्दा उछाला पर कोई तूफान आना तो दूर, सामान्य हलचल भी नहीं हुई. शासन प्रशासन शांति के साथ यह नौटंकी देखता रहा. कोई प्रतिक्रिया नहीं की. सोशल मीडिया भी लगभग शांत ही रहा. अखबार भी खबर छापकर शांत हो गए. आम जनता सरकारी दफ्तरों की हड़ताल से हलाकान होती रही. पर यह छत्तीसगढ़ है जनाब, लोगों के पास असीम धैर्य है. यह उनकी धीरज ही है कि वह किसी भी, कैसी भी सरकार को दो-तीन पारी खेलने का मौका दे देती है. नई सरकार का तो अभी एक भी कार्यकाल पूरा नहीं हुआ है. वहीं जिनकी रोजी रोटी ही राजनीतिक समीक्षा से चलत है वे मजबूरन कुछ न कुछ कह रहे हैं, लिख पढ़ रहे हैं. वे कयास भी लगा रहे हैं कि इन आंदोलनों का अगले साल के चुनाव पर क्या असर पडऩे वाला है. साहब! अपने यहां पब्लिक की याददाश्त बहुत कमजोर है. नवरात्रि के बाद लोगों से पूछ लेना कौन सा आंदोलन किस लिए हुआ था तो जवाब नहीं मिलेगा. खुद भाजपा के नेता मान रहे हैं कि यह आंदोलन समय से बहुत पहले छेड़ दिया गया. दो-तीन महीने में यह अपनी मौत खुद मर जाएगा. उन्हें यह बात भी अखर रही है कि तरकश के अधिकांश तीर चलाए जा चुके हैं. दरअसल यह पूरा मामले जबरदस्ती विरोध की राजनीति का है. यदि किसी को छत्तीसगढ़ की परवाह होती तो वह सरकार के कामकाज में रचनात्मक सहयोग करती. वह गलतियों, खामियों और चूकों की तरफ सरकार का ध्यान आकर्षित करती. इस तरह राशन पानी लेकर रायपुर चलो, सीएम हाउस घेरो जैसे उपद्रव नहीं करती. उन्होंने तो सोचा था कि पुलिस के साथ झोल-झपाटा करेंगे, एक-आध तमाचा जड़ देंगे तो पुलिस आपे से बाहर हो जाएगी. पुलिस आपे से बाहर हो जाएगी तो हाथापाई और बलप्रयोग होगा. बलप्रयोग होगा तो क्या पता लाठी चालन, वाटर कैनन या गोली चलाने की ही नौबत आ जाए. फिर इतना बड़ा हंगामा खड़ा होता कि सरकार को कोई वाकई खतरा हो जाता. पर यहां भी किसी ने कच्ची गोलियां नहीं चबाई हैं. नेतागिरी का यह ककहरा भाजपा ने भी कांग्रेस से ही सीखा है. लिहाज भूपेश सरकार ने गांधीगिरी का रास्ता चुना. आप हंगामा करो, हम देख रहे हैं. चुन-चुन कर लोगों के नाम लिखे जा रहे हैं, वीडियो फुटेज संभाले जा रहे हैं. ऐन वक्त पर ऐसा दबोचेंगे कि पार्टी के पास चूं करने वाले भी न बचेंगे. साउथ का हीरो केवल फिल्मों में ही पांव घुमाकर बवंडर उठा सकता है, हकीकत के धरातल से इसका कोई लेना देना नहीं.

कुम्हारी में खुडमुड़ा जैसा हत्याकांड : पति-पत्नी सहित दो बच्चों की हत्या… शवों को देख पुलिस भी हैरान
आरपीएफ के आरक्षक को मिलेगा रेल सेवा पुरस्कार, स्टेशन पर फिसलते यात्रियों की बचाई थी जान
बड़ी खबर: गोलगप्पे खाने से 71 बीमार, 47 बच्चे राजनांदगांव के मेडिकल कॉलेज में भर्ती
गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू सिनेमा हॉल में स्कूली बच्चों संग देखी महात्मा गांधी फिल्म
बंटी शर्मा का सराहनीय प्रयास, गंजपारा वार्ड में सफाई कर्मियों से करवाया ध्वजारोहण
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article अच्छे गुणों को ग्रहण करने वाला साधू कहलाता है जो गुणों को छोड़ दे वह असाधुता-युवाचार्य भगवंत अच्छे गुणों को ग्रहण करने वाला साधू कहलाता है जो गुणों को छोड़ दे वह असाधुता-युवाचार्य भगवंत
Next Article गर्ल्स कॉलेज में माटी-शिल्प कार्यशाला में छात्राओं ने बनायी गणेश प्रतिमाएं गर्ल्स कॉलेज में माटी-शिल्प कार्यशाला में छात्राओं ने बनायी गणेश प्रतिमाएं
× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?