रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने क्वांर नवरात्रि के षष्ठी पर डोंगरगढ़ के मां बम्लेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना कर मातारानी से प्रदेश एवं देशवासियों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना की। श्री बघेल ने मां बम्लेश्वरी से प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। डोंगरगढ़ में मां बम्लेश्वरी के चढ़ावे के लिए महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा हस्तनिर्मित बांस की टोकरी में पूजन सामग्री लेकर दर्शन करने पहुंचे। मुख्यमंत्री ने समूह की 15 महिलाओं द्वारा बनाई गई टोकरी में प्रसाद चढ़ाया। उन्होंने समूह की महिलाओं को प्रोत्साहित भी किया।

बता दें कि डोंगरगढ़ में बंसोड़ जाति की महिलाएं अपने परंपरागत हुनर से टोकरी बनाती हैं। उन्हें बिहान समूह से जोड़कर बांस उपलब्ध कराया गया है। खुशी महिला स्वसहायता समूह की बुजुर्ग महिला श्रीमती रमशीला मुख्यमंत्री से मिलकर उत्साहित एवं प्रसन्न थी। समूह की महिलाओं ने कहा कि जिला प्रशासन के प्रयासों से रोजगार मिलने के साथ ही हुनर को एक नई पहचान मिली है। समूह के महिलाओं के आय में वृद्धि करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। टोकरी में पूजन सामग्री ले जाने से माता मंदिर परिसर प्लास्टिक मुक्त रहेगा।
मुख्यमंत्री के साथ डोंगरगढ़ में माता के मंदिर में अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं डोंगरगढ़ विधायक भुनेश्वर बघेल, खुज्जी विधायक श्रीमती छन्नी साहू, राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष जितेन्द्र मुदलियार, राजगामी सम्पदा के अध्यक्ष विवेक वासनिक, जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष नवाज खान, पदम कोठारी, कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा, पुलिस अधीक्षक डी श्रवण सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी मां बम्लेश्वरी की पूजा-अर्चना की।
समूह की महिलाएं उगा रही हैं फूल
इस बरस मां बम्लेश्वरी के चरणों में महिला स्वसहायता समूह द्वारा उगाए गए फूल चढ़ाए जा रहे हैं। जिला प्रशासन की पहल पर गौठान के स्वसहायता समूह की महिलाएं व्यापक स्तर पर गेंदे की खेती कर रही हैं। डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम कलकसा एवं पटपर सहित कई ग्रामों में गेंदे की खेती की जा रही है। कलेक्टर श्री तारन प्रकाश सिन्हा ने स्थानीय स्तर पर फूलों की मांग को देखते हुए समूह की महिलाओं को फूलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया। डोंगरगढ़ में अधिकांशत: फूल कोलकाता से आते हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर पर फूलों की आपूर्ति के लिए समूह की महिलाओं को प्रेरित किया जा रहा है। जिसके सुखद परिणाम रहे हैं। कलकसा में 3 एकड़ में गेंदे की खेती की जा रही है तथा ड्रिप सिंचाई करते हुए आधुनिक तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है। जिले के पटपर, मोखला सहित कई गौठान ग्रामों में गेंदे की खेती की जा रही है।




