दुर्ग। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से शिकायत के बाद विधायक अरुण वोरा द्वारा शनिवार को दो घंटे तक पीडब्लूडी अफसरों की जमकर क्लास लेने का असर नजर आने लगा है। पीडब्लूडी के अफसरों ने शनिवार को दोपहर में ही मालवीय चौक और जिला सहकारी बैंक के सामने चल रहे जीई रोड़ उन्नयन कार्य का निरीक्षण किया। ठेकेदार को काम में तेजी लाने के निर्देश दिये। आज रविवार होने के बावजूद फिल्टर प्लांट के सामने प्रस्तावित गार्डन निर्माण करने लेवलिंग का काम शुरू किया गया। इससे पहले तक पीडब्लूडी अफसरों ने बीते एक साल में यहां का स्थल निरीक्षण तक नहीं किया था।

आपको बता दें कि जीई रोड का उन्नयन कार्य धीमी गति से होने के कारण पूर्व में कई बार पीडब्लूडी मंत्री से शिकायत की गई, लेकिन पीडब्लूडी अफसरों पर इसका कोई असर नहीं हुआ। मुख्यमंत्री से शिकायत होते ही पीडब्लूडी अफसर अलर्ट हो गए और काम में तेजी आने लगी। अभी तक विभागीय अफसरों की लापरवाही के कारण 64 करोड़ की लागत से रोड उन्नयन कार्य की पुख्ता प्लानिंग किये बिना ही काम शुरू किया गया था जिसके कारण बार-बार काम रुकता रहा। कहीं वाटर पाइपलाइन के कारण काम रोकना पड़ा तो कहीं टेलीकॉम कंपनी के केबल की वजह से काम बंद किया गया। बिजली के पोल और ट्रांसफार्मर की शिफ्टिंग न होने के कारण भी काम रुका।
विधायक वोरा ने शनिवार को हुई बैठक में साफ कह दिया है कि जून 2022 तक रोड उन्नयन का काम हर हाल में पूरा हो जाना चाहिए। वोरा ने नगर निगम, विद्युत कंपनी और टेलीकॉम कंपनी से कोआर्डिनेशन करते हुए काम में तेजी लाने के निर्देश दिये हैं। वोरा की चेतावनी के बाद पीडब्लूडी अफसरों ने कंस्ट्रक्शन एजेंसी पर शिकंजा कसा है। हालांकि, जीई रोड के उन्नयन कार्य का ठेका लेने वाली कंस्ट्रक्शन कंपनी का कहना है कि पाइपलाइन, बिजली के पोल और केबल शिफ्टिंग का काम समय पर नहीं हो रहा है, जिससे काम में रुकावट आ रही है। कंपनी का कहना है कि ये सभी कार्य समय पर होने की स्थिति में जून तक रोड के उन्नयन और सौंदर्यीकरण का कार्य पूरा किया जा सकता है।




