सूरज चढऩे के साथ बढ़ता गया वोटिंग प्रतिशत
भिलाई। शीतलहर के चलते आज सुबह वोटिंग की रफ्तार बेहद कम रही। सुबह 8 से 10 बजे के बीच वोटिंग का प्रतिशत भी बेहद कम रहा। लेकिन जैसे जैसे सूरज चढ़ा, वोटिंग प्रतिशत भी बढऩे लगा। जिले में कल रात से लेकर आज सुबह तक न्यूनतम तापमान साढ़े 7 डिग्री रहा। इसका स्पष्ट असर आज मतदान के दौरान भी देखने को मिला। प्रत्याशियों को, मतदाताओं को को घर से निकलने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
गौरतलब है कि दुर्ग जिले के तीन नगर निगम, एक नगर पालिका व उतई नगर पंचायत की एक सीट पर आज मतदान हुआ। सुबह तय समय पर मतदान की प्रक्रिया शुरू कर दी। मौसम में बदलाव के कारण अचानक बढ़ी ठंड का असर मतदान केन्द्रों में भी दिखाई दिया। सुबह 8 बजे शुरू होने के बाद भी मतदान केन्द्रों में वोट देने वालों की संख्या कम दिखी। इसके अलावा वोट देने में भी लोगों को काफी समय लगता रहा। मतदान कार्य में लगे पीठासीन अफसरों ने भी इसे स्वीकार किया। मतदान केन्द्रों में सुबह 10 बजे तक लोगों की आमद काफी कम रही। 10 बजे के बाद लोगों ने मतदान केन्द्रों में पहुंचना शुरू किया। इस दौरान प्रत्याशियों के चेहरों पर हवाइयां उड़ती नजर आई। मतदाताओं को घर से निकलाने के लिए उन्हें खासी मशक्कत करनी पड़ी।
जिले में चुनाव के लिए सभी निकायों में 733 मतदान केंद्र बनाए गए थे। इनमें से भिलाई में 463, रिसाली में 122, भिलाई चरौदा में 112 दल, जामुल में 35 व उतई में 1 मतदान केन्द्र शामिल है। इसके अलावा सभी मतदान केन्द्रों में 61 सेक्टर ऑफिसर की नियुक्ति की गई जो मतदान पर निगरानी रखते रहे। इससे पहले, कलेक्टर सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने रविवार को सभी मतदान दलों को रवाना कर आवश्यक निर्देश दिए थे। इस दौरान मतदान दलों के साथ कलेक्टर ने काफी देर तक चर्चा भी की। मतदान केन्द्रों में सोमवार को वोटिंग के लिए लोगों को काफी इंतजार करना पड़ा। इस बार इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की जगह बेलेट पेपर से मतदान कराए जाने की वजह से प्रक्रिया में देरी होती रही। इसे लेकर कतारों में खड़े लोगों में नाराजगी भी दिखी। मतदाताओं का कहना था कि मतदान प्रक्रिया में तेजी लाई जानी चाहिए। मतदान दलों ने भी माना कि बैलेट मतदान की प्रक्रिया में ज्यादा वक्त लगता है।





