भिलाई। भिलाई के आईटीआई ग्राउंड में सात फरवरी को हुई हत्या का मामला खुर्सीपार पुलिस ने सुलझा लिया है। हत्या करने वाला मृतक का ही दोस्त निकला। हत्या की वजह बस इतनी थी कि मृतक ने आरोपी को शारीरिक कमजोरी का अहसास कराया। इससे गुस्साए आरोपी ने पत्थर से कुचल कर उसकी हत्या कर दी। यही नहीं उसके प्राइवेट पार्ट को भी नुकसान पहुंचाया। खुर्सीपार पुलिस ने इस मामले में उडिय़ा बस्ती खुर्सीपार निवासी बलराम क्षत्रिय, झूमन साहू व यशवंत कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं घटना में प्रयुक्त बलराम का मोटर सायकल पैशन प्रो हरा काला रंग को भी जप्त कर लिया गया है। मामले का खुलासा करते हुए एसपी बद्री नारायण मीणा ने बताया कि बलराम क्षत्रिय की बहन रेखा सोना ने पुत्र को जन्म दिया। इसी खुशी में बलराम ने 6 फरवरी को अपने दोस्त झूमन साहू व मोनू उर्फ श्याम कुमार को शराब पार्टी दी। तीनों दोस्त रात करीब 10:30 बजे आईटीआई ग्राउंड पहुंचे और जमकर शराब पी। इस दौरान श्याम कुमार ने बलराम क्षत्रिय के साथ गलत टिप्पणी कर दी।

पुलिस के अनुसार आरोपियों ने बताया श्याम कुमार ने बलराम को टारगेट करते हुए कहा कि उसकी बहन को बेटा हुआ लेकिन शादी के 2 साल भी वह बाप नहीं बन पाया। इसे लेकर श्याम कुमार ने कुछ गलत बातें कह दी। इस दौरान तीनों शराब के नशे में थे। बलराम क्षत्रिय को शारीरिक कमजोरी का एहसास दिलाना श्याम कुमार के लिए भारी पड़ गया। बलराम छतरी ने पास में रखे पत्थर से उसके सिर पर वार कर दिया। साथ में शराब पी रहे झूमन साहू ने भी बलराम क्षत्रिय का साथ दिया। दोनों ने उस पर पत्थर से कई वार किए। यही नहीं श्याम कुमार के प्राइवेट पार्ट को भी दौरान नुकसान पहुंचाया। पुलिस को गुमराह करने के लिए मृतक श्याम कुमार की लोवर और टीशर्ट उतार कर एक ओर रख दिया ताकि पुलिस मामले को अवैध संबंध जोड़ते हुए मुख्य आरोपियों तक न पहुंच पाए। घटना को अंजाम देने के बाद बलराम क्षत्रिय व झूमन साहू अपने मित्र यशवंत यादव के पास पहुंचे और पूरी घटना की जानकारी दी। यशवंत यादव ने आरोपियों को बचाने के इरादे से उनके खून से सने कपड़े व बेल्ट आदि जला दिए। इसके बाद तीनों अपने अपने घर में निश्चिंत हो गए।
ट्रांसपोर्ट कार्यालय के चौकीदार के कारण पकड़ाए आरोपी
घटना के बाद खुर्सीपर पुलिस लगातार आरोपियों की पतासाजी कर रही थी। पुलिस घटना की जांच अवैध संबंध के आधार मानकर भी कर रही थी। इस दौरान पुलिस को सुराग मिला। आईटीआई के पास स्थित ट्रांसपोर्ट ऑफिस के चौकीदार ने घटना वाली रात को मोटरसाइकिल पर दो युवकों को देखा था। इसके बाद पुलिस चौकीदार से मिली और सीसीटीवी फुटेज जांच करने पर दो युवक नजर आए। पुलिस को सूराग तो मिला लेकिन आरोपियों की पहचान नहीं हो पा रही थी। इसके बाद चौकीदार ने बताया कि उनमें से एक ने उसके साथ बात की थी। वहीं जब रात को वे दोनों जा रहे थे तो उनकी मोटरसइकिल गिर गई थी। इसके बाद पुलिस मोटर साइकिल का पता लगाने में लगी। इस दौरान मुखबिर से सूचना मिली के उडिय़ा बस्ती में ऐसी ही एक मोटरसाइकिल देखी गई जिसमें ताजा स्क्रेच के निशान थे। इस आधार पर पुलिस बलराम क्षत्रिय तक पहुंची। बलराम क्षत्रिय पहले तो ना नुकर करता रहा। लेकिन जब पुलिस ने कड़ाई की तो उसने अपना अपराध कबूल किया। उसने यह भी बताया कि वारदात में उसके साथ झुमन साहू शामिल था। वहीं घटना के बाद यशवंत यादव ने उनकी मदद की थी। पुलिस ने बलाराम की निशानदेही पर झूमन साहू व यशवंत यादव को भी गिरफ्तार किया।
उक्त सम्पूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी खुर्सीपार दुर्गेश शर्मा के नेतृत्व में उप निरीक्षक सतीश साहू, सहायक उप निरीक्षक लखन लाल साहू आरक्षक डी. प्रकाश, राकेश चौधरी, राकेश अन्ना, सिविल टीम सत्येन्द्र मढरिया, अरविन्द मिश्रा की विशेष भूमिका रही ।




