नई दिल्ली (एजेंसी)। संसद का शीतकालीन सत्र अपने निर्धारित समयावधि से एक दिन पहले यानी बुधवार को ही खत्म हो गया। दोनों सदनों में बुधवार सुबह की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। मौजूदा शीतकालीन सत्र 29 नवंबर को शुरू हुआ था और इसे 23 दिसंबर तक चलना था।
राज्यसभा की कार्यवाही बुधवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। सुबह 11 बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही आरंभ हुई, सभापति एम वेंकैया नायडू ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए। इसके बाद विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खडग़े ने एक अखबार की खबर का हवाला देकर अयोध्या से संबंधित एक मुद्दा उठाने की कोशिश की लेकिन नायडू ने उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी। सभापति ने खडग़े से कहा कि मुद्दे को उठाने के लिए उन्हें नोटिस देना चाहिए था।
वहीं लोकसभा में इस दौरान 18 बैठकें हुईं और सदन का कार्य निष्पादन 82 प्रतिशत रहा, वहीं व्यवधान के कारण 18 घंटे 48 मिनट का समय व्यर्थ गया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, ‘यह सत्र 29 नवंबर से शुरू हुआ और इस दौरान कुल 18 बैठकें हुई जो 83 घंटे 12 मिनट तक चलीं। उन्होंने बताया कि सत्र के आरंभ में सदन के तीन सदस्यों ने 29 और 30 नवंबर को शपथ ली। बिरला ने कहा कि इस सत्र में महत्वपूर्ण वित्तीय और विधायी कार्य निपटाये गए और इस दौरान 12 सरकारी विधेयक पेश किये गए और 9 विधेयक पारित हुए।




