रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रविवार को झारखंड के सत्तारूढ़ खेमे के विधायकों की मेजबानी के लिए केंद्रीय एजेंसियों द्वारा छापेमारी की अटकलों वाले बयान से पलटी मारते नजर आए। उन्होंने मीडिया के सवालों को दरकिनार करते हुए कहा कि मैं कौन होता हूं किसी को बचाने वाला? वे मेरे राज्य में मेहमान हैं इसलिए स्वागत किया। बता दें कि बघेल का बयान भाजपा के उस आरोप के बाद आया जिसमें कहा गया कि बघेल हेमंत सोरेन और उनके विधायकों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। दरअसल, दो दिन पहले मुख्यमंत्री बघेल ने एक प्रेस वार्ता में कहा था कि वह आने वाले दिनों में ईडी और आयकर विभाग (आई-टी) द्वारा छापेमारी की जा सकती है क्योंकि उन्होंने झारखंड के विधायकों की खुली मेजबानी की है।

विपक्ष को बर्दाश्त नहीं कर पा रही भाजपा: बघेल
बता दें कि इससे पहले बघेल ने कहा था कि भाजपा के बड़े नेता विपक्ष को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं इसलिए वे विभिन्न हथकंडे अपना रहे हैं और उन्हें डराने के लिए अपनी शक्ति और धन का उपयोग कर रहे हैं। बघेल ने कहा कि भाजपा के पास पैसे की बोरी है जिससे वे विपक्षी विधायकों को खरीदना चाहते हैं।
देश में महंगाई और बेरोजगारी से लोग त्रस्त हैं: सीएम
भूपेश बघेल ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृ्त्व में महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ जो हल्ला बोल का आयोजन हुआ है, देशभर से लोग आए हैं। देश में महंगाई और बेरोजगारी से लोग त्रस्त हैं। मुझे लगता है कि भारत सरकार इसे संज्ञान में लेगी और लोगों को महंगाई से राहत देगी।




