ShreeKanchanpathShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: जेलों से भी बदतर बालगृहों की हालत … हाईकोर्ट ने कहा- भोजन के साथ ताजी हवा और रोशनी की भी दरकार
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Font ResizerAa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Breaking NewsFeaturedNational

जेलों से भी बदतर बालगृहों की हालत … हाईकोर्ट ने कहा- भोजन के साथ ताजी हवा और रोशनी की भी दरकार

By Om Prakash Verma
Published: October 21, 2023
Share
तीन विधेयकों को मिला कानून का रूप, हत्यारों को 302 नहीं 101 में मिलेगी सजा, नए कानून से और क्या बदलेगा?
तीन विधेयकों को मिला कानून का रूप, हत्यारों को 302 नहीं 101 में मिलेगी सजा, नए कानून से और क्या बदलेगा?
SHARE

प्रयागराज (एजेंसी)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बालगृहों की स्थिति पर चिंता जाहिर की है। कोर्ट ने कहा है कि यूपी के बाल गृहों में रह रहे बच्चों को पौष्टिक आहार ही नहीं, बल्कि उन्हें सूरज की रोशनी, ताजी हवा की भी दरकार है। यहां की स्थिति जेलों से भी बदतर है। यह मौलिक अधिकारों का हनन है। कोर्ट ने कमियों को तुरंत दूर करने के लिए निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि मामले की अगली सुनवाई पर महिला एवं बाल विकास विभाग यूपी के प्रमुख सचिव अवलोकन कर बच्चों की संख्या, बालगृहों की संख्या बताएं। साथ ही सुधार के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी व्यक्तिगत हलफनामा पर प्रस्तुत करें।

यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर और न्यायमूर्ति अजय भनोट की खंडपीठ ने दिया है। कोर्ट ने सुधार के लिए कुल नौ बिंदुओं पर सुझाव दिए हैं। कहा है कि इनपर तुरंत अमल किया जाए। कोर्ट ने आदेश में बालगृहों का निरीक्षण करने वाले न्यायमूर्ति अजय भनोट का नाम भी दर्ज किया है। कोर्ट ने कहा है कि न्यायमूर्ति के निरीक्षण में कई कर्मियों का पता चला। इस उदासीनता को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। कोर्ट कहा कि जब तक बालगृहों के लिए एक मानक नहीं बनाया जाता तब तक इनको ऐसी जगह स्थानांतरित किया जाए, जहां खेल के मैदान समेत बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों।

कर्मचारियों की कुशलता पर सवाल
कोर्ट ने कहा कि बालगृहों में तैनात पर्यवेक्षक या कर्मचारी प्रशिक्षित नहीं हैं। इससे बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। बच्चों के खाद्य पदार्थ सहित अन्य आवश्यकताओं के लिए कई वर्षों से बजट आवंटन में संशोधन नहीं किया गया है। इसका भी बच्चों के विकास पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। साथ ही कोर्ट ने कहा कि बालगृहों में शैक्षिक सुविधाएं बढ़ाई जाएं। व्यावसायिक प्रशिक्षण देने की भी व्यवस्था की जाए। बच्चों को आसपास के स्कूलों में दाखिला कराया जाए।

किसानों पर हुए लाठीचार्ज से भड़के राकेश टिकैत, कहा- देश में सरकारी तालिबानों का राज हो चुका है
केन्द्रीय केबिनेट का निर्णय: जयपुर सहित तीन एयरपोर्ट का प्रबंधन निजी हाथों में, गन्ने की कीमत भी बढ़ी
छत्तीसगढ़ में बढ़ी पॉजिटिविटी रेट… बीते 24 घंटों में सामने आए 32 नए केस…. 11 हजार 869 सैंपलों की जांच में पॉजिटिविटी दर 0.27
रायपुर में मेरठ जैसा हत्याकांड : युवक को मारकर सीमेंट के साथ सूटकेश में भरा, लाश मिलते ही मचा हड़कंप
विधायक देवेन्द्र यादव की भेंट मुलाकात, मौके पर हो रहा समस्याओं का समाधान… शाम तक बन गया महिला का राशन कार्ड
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article निर्वाचन कार्य में लापरवाही : प्रशिक्षण में नदरद रहे कर्मचारी, कलेक्टर ने थमाया 14 कर्मियों को नोटिस
Next Article Big News : नक्सलियों की DRG जवानों से मुठभेड़, दो नक्सली ढेर, भारी मात्रा में हथियार बरामद

Ro.No.-13784/19

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?