अजा विकास प्राधिकरण सदस्य के जन्मदिन को लेकर अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों में जबरदस्त उत्साह
मुंगेली। राज्य अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण छत्तीसगढ़ शासन की सदस्य एवं महिला कांग्रेस कमेटी छ्ग की महासचिव रत्नावली कौशल का जन्मदिन मनाने को लेकर अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों तथा उनके समर्थकों में जबरदस्त उत्साह का माहौल है। जिले के अनेक स्थानों में अनुसूचित जाति वर्ग के युवा तथा महिलाएं सुश्री कौशल का जन्मदिन बड़े पैमाने पर मनाने की तैयारी कर रहे हैं। रत्नावली अपना जन्मदिन वृद्धाश्रमों में बुजुर्गों की सेवा करते तथा छात्रावासों में अनुसूचित जाति के छात्र – छात्राओं की विभिन्न तरीके से मदद करते हुए मनाएंगी।
कांग्रेस नेत्री रत्नावली कौशल का जन्मदिन 27 मई को है। जिले के उनके समर्थक कांग्रेस कार्यकत्र्ता, सतनामी समाज, मेहर समाज, बौद्ध समाज के लोग जन्मदिन को यादगार, ऐतिहासिक बनाने और जनसेवा का उत्कृष्ट आयाम देने वाला अवसर बनाने की हरसंभव कोशिश कर रहे हैं। ये लोग इस दिन पवित्र जैतखाम, बुद्ध विहार, मंदिरों, मस्जिद, गुरुद्वारा, चर्च, जिनालय समेत अन्य धर्म स्थलों पर मत्था टेकते हुए सुश्री कौशल के दीर्घायु होने तथा प्रदेश में फिर से कांग्रेस की सरकार आने की कामना करेंगे। इन समाजों के कार्यकत्र्ताओं का कहना है कि रत्नावली बहन बिना भेदभाव के गरीबों, दुखियारों, वंचितों, दलित शोषित तबके की सेवा में जुटी रहती हैं। अल्प समय में ही वे जिले की जनता के दिलों पर राज करने लगी हैं। इसलिए हमारा भी फर्ज बनता है कि हम बहन रत्नावली के जन्मदिन को सेवा एवं श्रद्धा दिवस के रूप में मनाएं।
कार्यकत्र्ता 27 मई को धर्म स्थलों में पूजा अर्चना के बाद गरीबों और जरूरतमंदों को राशन तथा दैनिक उपयोग की वस्तुएं भी भेंट करेंगे। वहीं रत्नावली कौशल अपने जन्मदिन पर वृद्धाश्रमों में जाकर बुजुर्गों से आशीर्वाद लेंगी और उनका मुंह मीठा कराएंगी। इसके साथ ही वे अनुसूचित जाति जनजाति छात्रावासों में जाकर इन वर्गों के छात्र छात्राओं के संग अपना बर्थडे सेलिब्रेट करेंगी और उनकी समस्याएं सुनकर उनके निदान के लिए पहल करेंगी। सुश्री कौशल इन वर्गों के विद्यार्थियों के हित में बड़ी बहन बनकर काम करती आ रही हैं। नतीजतन इन विद्यार्थियों की नजर में उनके लिए अथाह सम्मान और स्नेह है।
बुजुर्गों से लूंगी आशीर्वाद : कौशल
रत्नावली कौशल ने कहा है कि मैं तामझाम और दिखावे से परे रहकर अपना जन्मदिन मनाऊंगी। 27 मई को सुबह सबसे पहले पवित्र जैतखाम और महान समाज उद्धारक संत बाबा गुरु घासीदास जी के चित्र की पूजा अर्चना कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करूंगी। इसके बाद मैं सतनामी समाज, मेहर समाज, बौद्ध समाज के लोगों के बीच जाकर इन समाजों के बुजुर्गों के चरण स्पर्श कर उनसे आशीर्वाद लूंगी। इन समाजों की माता बहनों के साथ समय व्यतीत कर उनका दुख दर्द साझा करूंगी। सुश्री कौशल ने कहा कि प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुझे इस तबके के लोगों की सेवा का सुअवसर दिया है, लिहाजा अपने जन्मदिन को मैं इन्हीं तबकों के साथ मनाऊंगी।




