ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: गुस्ताखी माफ: छत्तीसगढ़ समझाएगा खेलने का असली मतलब
Share
Notification Show More
Latest News
ग्रामीण पत्रकारिता को मिलेगी पहचान, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के दो विश्वविद्यालयों के बीच हुआ एमओयू
October 30, 2026
1122 स्काउट्स-गाइड्स को राज्यपाल ने दिए पुरस्कार, उत्कृष्ट सेवाओं के लिए स्काउटर-गाइडर भी सम्मानित
October 30, 2026
दिवाली से पहले साय सरकार का बड़ा फैसला, महंगाई भत्ता व महंगाई राहत में 2 प्रतिशत की वृद्धि
October 30, 2026
चक्रवात ‘अर्नब’ को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री साय से की चर्चा, प्रदेश की स्थिति की ली जानकारी
October 29, 2026
महिलाओं को पानी लाने की परेशानी से मिली राहत, समय की बचत से आसान हुआ दैनिक जीवन
जल जीवन मिशन से आमगांव में घर-घर पहुंच रहा स्वच्छ पेयजल, बदली ग्रामीणों की जिंदगी
October 29, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
ChhattisgarhDurg-BhilaiFeatured

गुस्ताखी माफ: छत्तीसगढ़ समझाएगा खेलने का असली मतलब

By @dmin Published September 24, 2022
Share
गुस्ताखी माफ़: रायपुर के 'हैप्पी स्ट्रीट' और भिलाई की 'तफरी'
गुस्ताखी माफ़: रायपुर के 'हैप्पी स्ट्रीट' और भिलाई की 'तफरी'
SHARE

-दीपक रंजन दास
खेलने का मतलब केवल मेडल जीतना नहीं होता. खेलकूद इंसान के साथ-साथ समाज को स्वस्थ और प्राणवंत भी बनाता है. खेलबो-जीतबो-गढ़बो-नवा छत्तीसगढ़ के नारे के साथ शुरू हुआ यह अभियान अब पूरे समाज को साथ लेकर चलेगा. छह अक्तूबर से छह जनवरी के बीच पूरा छत्तीसगढ़ खेलकूद के रंग में सराबोर होगा. इसमें बच्चे-बूढ़े सभी शामिल होंगे. सभी को अपनी उम्र, अपनी रुचि एवं अपनी दक्षता के हिसाब से खेलने का मौका मिलेगा. कई स्तरों पर होने वाली इन प्रतियोगिताओं में जीतने, सेलेक्ट होने और ऊपर तक जाने के अवसर होंगे. यह छत्तीसगढ़ का अपना ओलम्पिक होगा जिसमें स्थानीय खेलों को शामिल किया गया है. इन खेलों में भौंरा, पि_ुल, संखली, बांटी, बिल्लस, फुगड़ी, गेड़ी जैसे पारम्परिक खेलों के साथ ही अंतरराष्ट्रीय खेल कबड्डी और एथलेटिक्स भी शामिल होंगे. दादा-पोता एक साथ खेल मैदान में होंगे. महिलाओं को भी अपने बचपन में लौटने का मौका मिलेगा. खेलों का यह दौर ग्रामीण स्तर पर राजीव युवा मितान क्लब से शुरू होगा. विजेता जोन स्तर, विकासखंड स्तर, जिला स्तर और फिर राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में शामिल होंगे. तीन आयु वर्गों में आयोजित इन प्रतियोगिताओं में 18 से कम, 18 से 40 साल और 40 साल से अधिक उम्र के लोग अपने-अपने वर्ग में खेलेंगे. खेलकूद की सबसे अच्छी बात ये है कि इससे सेहत तो सुधरती ही है, लोगों के परस्पर संबंध भी प्रगाढ़ होते हैं और मनोरंजन भी होता है. शरीर और मन दोनों स्वस्थ रहते हैं. जब प्रौढ़ गेड़ी पर संतुलन बनाकर भागते-दौड़ते दिखेंगे, महिलाएं फुगड़ी खेलती दिखेंगी, तो दावा है कि लोग दांतों तले उंगलियां दबा लेंगे. पारम्परिक खेलों की यही तो खूबसूरती है. लोग खेलते अपने मनोरंजन के लिए हैं और सेहत का बोनस साथ में मिल जाता है. इसमें योगा भी है, कार्डियो भी है और पीटी भी. इसमें मांसपेशियों के साथ-साथ तंत्रिका तंत्र की भी मालिश हो जाती है. आज जब शहरी बुजुर्ग तमाम तरह की न्यूरो बीमारियों से जूझ रहे हैं तब गांव का बुजुर्ग अपने नाती-पोतों के साथ हंसी-ठिठोली करता दिख जाता है. उसपर 70 या 80 साल की उम्र तक जीने या काम करते रहने का दबाव नहीं है. वह अगली पीढ़ी के लिए रास्ता छोड़कर अलग हट जाता है. वह रिटायर नहीं होता बल्कि मार्गदर्शक मंडल में चला जाता है. समाज का यह मार्गदर्शक मंडल कोई काल-कोठरी नहीं है. यहां इज्जत की कोई हानि नहीं होती. शादी ब्याह का न्यौता अब भी उनके नाम से ही आता है. उनका आशीर्वाद अनमोल होता है. गंभीर मसलों में उनकी राय भी ली जाती है और उसका सम्मान भी किया जाता है. पर यह परम्परा टूटने लगी थी. समय रहते छत्तीसगढ़ ने इसे थाम लिया. छत्तीसगढ़ में एक बार फिर पूरा परिवार, पूरा समाज एक साथ जिएगा, हंसेगा, खिलखिलाएगा. जिन्दगी में कमी-बेशी तो लगी रहती है, पर इसका मतलब यह थोड़े ही है कि लोग जीना छोड़ दें.

You Might Also Like

ग्रामीण पत्रकारिता को मिलेगी पहचान, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के दो विश्वविद्यालयों के बीच हुआ एमओयू

1122 स्काउट्स-गाइड्स को राज्यपाल ने दिए पुरस्कार, उत्कृष्ट सेवाओं के लिए स्काउटर-गाइडर भी सम्मानित

दिवाली से पहले साय सरकार का बड़ा फैसला, महंगाई भत्ता व महंगाई राहत में 2 प्रतिशत की वृद्धि

चक्रवात ‘अर्नब’ को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री साय से की चर्चा, प्रदेश की स्थिति की ली जानकारी

जल जीवन मिशन से आमगांव में घर-घर पहुंच रहा स्वच्छ पेयजल, बदली ग्रामीणों की जिंदगी

@dmin September 24, 2022
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article एमजे कालेज ऑफ नर्सिंग के विद्यार्थी हुए अध्ययन यात्रा पर रवाना
Next Article डुंडेरा में पूर्व पार्षद की गुंडई : जुआ-सट्‌टा खिलाने की बात पर लगी मिर्ची… रिटायर्ड फौजी को मार दिया चाकू

Ro.No.-14097/18

× Popup Image

Ro. No.-14093/1

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?