ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: गुस्ताखी माफ: आत्मानंद स्कूलों के चलते कलप रही आत्मा
Share
Notification Show More
Latest News
खेल अकादमियों में प्रवेश के लिए 169 खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम
October 1, 2026
रायपुर में 7-8 अक्टूबर को राज्यस्तरीय रोजगार मेला, 10 हजार से ज्यादा युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर
October 1, 2026
राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर सीमा सुरक्षा बल का प्रेरक आयोजन, भिलाई में रक्तदान शिविर सम्पन्न
October 1, 2026
वरिष्ठजनों का अनुभव हमारी शक्ति और उनकी गरिमा हमारी जिम्मेदारी : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े
October 1, 2026
नवजात की खबर मिलते ही सीएचएमओ से फोन पर की चर्चा, स्वास्थ्य की ली जानकारी
खेत में मिली मासूम के लिए आगे आए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, सुरक्षा के दिए निर्देश
October 1, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
ChhattisgarhDurg-BhilaiFeatured

गुस्ताखी माफ: आत्मानंद स्कूलों के चलते कलप रही आत्मा

By @dmin Published June 25, 2022
Share
गुस्ताखी माफ: भाजपा के गढ़े हुए मुद्दे, आयातित नेतृत्व
गुस्ताखी माफ: भाजपा के गढ़े हुए मुद्दे, आयातित नेतृत्व
SHARE

-दीपक रंजन दास
छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार ने 76 नए आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालयों की घोषणा कर दी है। इन स्कूलों में इसी सत्र से अध्यापन प्रारंभ हो जाएगा। नए स्कूलों में 45 हजार 500 बच्चों को दाखिला मिल सकेगा। राज्य में 171 आत्मानंद स्कूल पहले से संचालित हैं जिनमें 1.35 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। इसका मतलब यह हुआ कि पौने दो लाख से अधिक बच्चे सरकारी अंग्रेजी माध्यम स्कूल में नि:शुल्क या मामूली शुल्क में अध्ययन कर सकेंगे। जब से आत्मानंद स्कूल आए हैं, निजी स्कूल संचालकों की आत्मा कलप रही है। शहर के एक बड़े निजी स्कूल संचालक ने हताश होकर कहा कि सस्ती पढ़ाई सस्ती होती है। आत्मानंद स्कूल निजी स्कूलों की व्यवस्था को टक्कर नहीं दे पाएंगे। जब उनसे पूछा गया कि बच्चे तो बच्चे आपके टीचर भी आत्मानंद की ओर भाग रहे हैं तो उनके पास कोई जवाब नहीं था। एक अन्य बड़े स्कूल के संचालक ने कहा कि आत्मानंदजी से मुख्यमंत्री का लगाव रहा है। मुख्यमंत्री इन स्कूलों की फंडिंग कर रहे हैं। सरकार बदलेगी तो ये स्कूल भी बदहाली का शिकार हो जाएंगे। हालांकि इस सवाल का वे कोई जवाब नहीं दे पाए कि क्या आने वाली सरकार निजी स्कूलों की पपेट सरकार होगी। कुछ निजी स्कूल संचालक जहां नए विकल्पों की तलाश कर रहे हैं वहीं एक स्कूल का संचालक अब इलेक्ट्रानिक मीडिया के क्षेत्र में पदार्पण कर रहा है। उद्यमिता तो रास्ता तलाश ही लेती है पर दिक्कत उनकी है जिनके पास कोई सोच नहीं है। उनके पास केवल बाप का छोड़ा पैसा है। जिस क्षेत्र में लोग कमाते दिखाई देते हैं, उसी क्षेत्र में पदार्पण करते हैं। बाजार को खराब करते हैं और फिर किसी और क्षेत्र में घुसकर मुंह मारने लगते हैं। रही बात निजी और सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता की तो इसके तीन प्रमुख कारण हैं। निजी स्कूल का संचालक अपने टीचरों को दिया हुआ एक-एक पैसा वसूलता है जबकि सरकारी मुलाजिम-सरकारी मुलाजिम होता है। डीईओ, बीईओ से लेकर प्राचार्य और हेडमास्टर तक से ऐसी कोई उम्मीद नहीं की जाती। जिन स्कूलों में आदर्श शिक्षक या प्रधानपाठक होते हैं वहां की गुणवत्ता अपने आप दिखाई देने लगती है। निजी स्कूलों का दावा है कि उनके यहां के बच्चे अंग्रेजी बोलना-लिखना सीख जाते हैं। हकीकत में ऐसा कुछ भी नहीं है। 70 फीसदी बच्चों को अंग्रेजी तो क्या ठीक से हिन्दी लिखना भी नहीं आता। भाषा कोई भी बच्चा अपने परिवेश से सीखता है। ट्यूशन और कोचिंग वालों के चलते बच्चे ‘रटंत विद्या फलंत नाहीÓ के भंवर में फंस गए हैं। रटाया गया तो वे संस्कृत का श्लोक भी बोल लेते हैं पर अपनी मर्जी से गाय पर निबंध भी नहीं लिख पाते। तीसरा कारण ब्रांड वैल्यू है। इसका कोई काट सरकार के पास फिलहाल नहीं है।

You Might Also Like

खेल अकादमियों में प्रवेश के लिए 169 खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम

रायपुर में 7-8 अक्टूबर को राज्यस्तरीय रोजगार मेला, 10 हजार से ज्यादा युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर

राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर सीमा सुरक्षा बल का प्रेरक आयोजन, भिलाई में रक्तदान शिविर सम्पन्न

वरिष्ठजनों का अनुभव हमारी शक्ति और उनकी गरिमा हमारी जिम्मेदारी : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

खेत में मिली मासूम के लिए आगे आए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, सुरक्षा के दिए निर्देश

@dmin June 25, 2022
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article हाईटेक हुआ रेस्क्यू आपरेशन, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम ने शिवनाथ नदी में किया माकड्रिल, कलेक्टर भूरे भी रहे मौजूद हाईटेक हुआ रेस्क्यू आपरेशन, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम ने शिवनाथ नदी में किया माकड्रिल, कलेक्टर भूरे भी रहे मौजूद
Next Article निगम क्षेत्र में बनेगा भिलाई बिजनेस टॉवर… महापौर परिषद ने दी सैद्धांतिक स्वीकृति निगम क्षेत्र में बनेगा भिलाई बिजनेस टॉवर… महापौर परिषद ने दी सैद्धांतिक स्वीकृति
× Popup Image

Ro. No.-14093/1

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?