गाजियाबाद (एजेंसी)। अफगानिस्तान के काबुल से एक विमान 35 लोगों को लेकर गाजियाबाद के हिंडन वायु सेना एयरपोर्ट पर पहुंचा है। भारत पहुंचे 35 लोगों में 24 लोग भारतीय नागरिक हैं जबकि 11 लोग नेपाल के हैं। वायु सेना के अधिकारी इन सभी लोगों को बस द्वारा अपने गंतव्य की ओर रवाना करने की तैयारी की जा रही है। मीडिया को एयरपोर्ट में जाने की इजाजत नहीं दी गई।

वहीं इससे पहले काबुल से हिंडन एयरपोर्ट पहुंचे भारतीय नागरिकों की जुबां पर तालिबान के जुल्म की दास्तां थीं, तो आंखों से खुशी के आंसू झर रहे थे। वतन वापसी की उनकी यह खुशी इतनी बड़ी थी कि वे जुबां से इसे बयां नहीं कर पा रहे थे। ये लोग काबुल एयरपोर्ट पर फंसे थे और चारों तरफ पहरा था तालिबान का। जिंदगी तालिबानी लड़ाकों के रहम ओ करम की मोहताज बन गई थी।
एयरपोर्ट पर 25-30 हजार लोग जमा थे। इस भीड़ का नियंत्रण बंदूक से किया जा रहा था। हर पल यही डर था कि पता नहीं, कब किधर से गोली आ जाए और सीना चीरती निकल आए। बेबसी में ऊपर वालों से फरियाद किए जा रहे थे कि कैसे ही वतन पहुंच जाएं। ये लोग जब हिंडन एयरपोर्ट पहुंचे, तब इनकी जान में जान आई।
इन लोगों ने बताया कि 15 अगस्त की सुबह माहौल पूरी तरह बदल गया था। कंधे पर बंदूक टांगे और चप्पल पहने तालिबानी लोगों के घरों में छापे मार रहे थे। वे अफगानियों को ढूंढ रहे थे। वहां भारतीय बुरी तरह सहमे हुए थे। तालिबानी सवाल कम करते हैं। उन्हें जो सही लगता है, वही करते हैं। हमने बैग बांधा और एयरपोर्ट की तरफ निकल गए। वहां पहुंचते ही देखा कि 25 से 30 हजार लोग एयरपोर्ट के गेट पर इक_ा हैं। बाहर तालिबानी बंदूक लेकर खड़े थे। काफी देर तक हम एयरपोर्ट के अंदर जाने के लिए मशक्कत करते रहे। वहां तालिबानियों का निशाना अफगानी थे। जिन लोगों का पासपोर्ट भारत का होता, उसे जाने देते।
छोटे-छोटे बच्चे भी पहुंचे भारत
वायुसेना के सी-17 ग्लोबमास्टर से कुछ बच्चे भी अपने परिजनों के साथ पहुंचे थे। काबुल में लगातार गोलियों की तड़तड़ाहट सुनने वाले बच्चे विमान से नीचे उतरते ही उन्मुक्त भाव से खेलने कूदने लगे। भारतीय मूल की एक महिला अपने अफगान पति और पांच माह के बच्चे के साथ पहुंचीं थीं। वह अपने बच्चों को खाने पिलाने में काफी व्यस्त थीं। पूछने पर बोलीं, अभी बच्चों को देख रही हूं, अभी बात नहीं कर सकती।
एयरपोर्ट पर गूंजा वंदेमातरम
स्वदेश लौटने पर सभी 168 लोगों के चेहरे पर अलग ही खुशी नजर आ रही थी। अपने दर्द को बयां करने से ज्यादा कोई कुर्सी पर बैठकर फोन पर बात कर रहा था तो महिला बच्चों को दुलार कर रही थी। वायुसेना की हिंडन एयरफोर्स स्टेशन में व्यवस्था को देखकर सभी ने वायुसेना का आभार व्यक्त किया। बीच बीच में वंदेमातरम और भारत माता की जय के नारे लगते रहे।




