ShreeKanchanpathShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: आईआईटी भिलाई ने डिजिलॉकर पर डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित शैक्षणिक प्रमाणपत्र किया लॉन्च… केन्द्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान हुए इवेंट में शामिल…. जाने क्या है इसकी खासियत
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Font ResizerAa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Durg-BhilaiFeatured

आईआईटी भिलाई ने डिजिलॉकर पर डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित शैक्षणिक प्रमाणपत्र किया लॉन्च… केन्द्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान हुए इवेंट में शामिल…. जाने क्या है इसकी खासियत

By @dmin
Published: November 1, 2021
Share
छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर पर सुरक्षाबलों की नक्सलियों से मुठभेड़…. 3 नक्सली ढेर…. एके-47 समेत कई हथियार बरामद
छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर पर सुरक्षाबलों की नक्सलियों से मुठभेड़…. 3 नक्सली ढेर…. एके-47 समेत कई हथियार बरामद
SHARE

भिलाई। आईआईटीभिलाई और राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डिविजऩ ने डिजिलॉकर के द्वारा आईआईटीभिलाई के स्नातक छात्रों की डिग्री और मार्कशीट का एकीकरण शुरू किया। दोनों संस्थानों ने अपने स्नातक छात्रों के अकादमिक प्रमाण पत्र ऑनलाइन उपलब्ध कराकर यह उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार द्वारा स्थापित प्रामाणिक दस्तावेजों के संग्रह के सबसे बड़े साधन डिजिलॉकर के साथ डिग्री प्रमाणपत्र और मार्कशीट को एकीकृत करने के लिए लॉन्च इवेंट आयोजित किया गया था।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान थे। इस कार्यक्रम में भारत सरकार के सचिव अजय पी साहनी, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रोफेसर अनिल शशरबुद्धे, अभिषेक सिंह, राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डिविजऩ (हृद्गत्रष्ठ) के सीईओ, आईआईटीभिलाई के निदेशक प्रो. रजत मूना और आईआईटी भिलाई और राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डिविजऩ के अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए।

कार्यक्रम में प्रोफेसर रजत मूना ने अतिथियों का स्वागत किया और इस बात पर भी प्रकाश डाला कि हमारे स्नातकों ने हमारे पहले दीक्षांत समारोह के दौरान एक पेन ड्राइव के अंदर डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित डिजिटल डिग्री और मार्कशीट प्राप्त की है। विभिन्न उद्देश्यों के लिए डिग्री प्रमाणपत्रों की सुरक्षित और आसान पहुँच हेतु डिग्री प्रमाणपत्र अतिरिक्त रूप से डिजिलॉकर प्लेटफॉर्म के माध्यम से जारी किए गए हैं।

पहले दीक्षांत समारोह के दौरान, आईआईटी भिलाई ने अपने स्नातक छात्रों को पारंपरिक पेपर आधारित डिग्री से ज्यादा प्रमुख, डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित डिजिटल डिग्री प्रदान की। डिजिटल सत्यापन को सुनिश्चित करने और प्रक्रिया को पर्यावरण के अनुकूल रखने के साथ-साथ प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए सरकार की नीतियों के अनुरूप हस्ताक्षरकर्ताओं द्वारा डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित डिग्रियां पीडीएफ में जारी की गईं।

देश में डिजिटल लहर और ई-गवर्नेंस की शुरुआत करने में मैट वाई और एनईजीडी के प्रयासों की सराहना करते हुए, धर्मेंद्र प्रधान ने फर्जी प्रमाणपत्रों को रोकने की दिशा में एक प्रगतिशील पहल के रूप में कागज आधारित डिग्री प्रमाण पत्र से डिजिटल डिग्री प्रमाण पत्र के रूप में स्थानांतरित करने के संस्थान के निर्णय और प्रमाणपत्रों की मौलिकता को प्रमाणित करने की प्रक्रिया को आसान बनाना के इस पहल सराहना की । उन्होंने आगे कहा कि यह टिकाऊ/स्थायी और पर्यावरण के अनुकूल एक परिवर्तनकारी पहल होगी जिससे हर साल हजारों पेपर प्रिंटिंग की बचत होगी।

डिजिलॉकर के माध्यमसे डिग्री प्रमाण पत्र और अन्य प्रमाणपत्र प्रदान करने के लिए एकीकरण सेवा (इंटीग्रेशन सर्विस) श्री अजय साहनी द्वारा शुरू की गई थी। इस अवसर पर बात करते हुए, सचिव रूद्गद्बह्लङ्घ ने दोहराया कि यह एक बहुत ही प्रगतिशील कदम है और नेशनल अकादमिक डिपाजिटरी के माध्यम से डिग्री और डिप्लोमा दिए जाने के तरीके में एक महत्वपूर्ण मोड़ होगा। माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में सरकार द्वारा की गई कई पहलों का उद्देश्य व्यवसायों को आसान बनाना है, और राष्ट्रीय शिक्षा निति 2020 के अनुरूप शिक्षा मंत्रालय के साथ, हृद्गत्रष्ठने राष्ट्रीय शैक्षणिक डिपॉजि़टरी प्रदान करने हेतु कार्य किया है, यहां तक कि एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट भी हृद्गत्रष्ठके माध्यम से किया जा सकता है।

प्रोफेसर अनिल शशरबुद्धे ने अपने संबोधन में पहले दीक्षांत समारोह से ही आईआईटी भिलाई के शैक्षणिक दस्तावेजों को डिजिटाइज करने के लिए संस्थान के दृष्टिकोण की सराहना की और यह आशा व्यक्त किया कि भविष्य में इसे विभिन्न अन्य संस्थानों द्वारा अपनाया जाएगा। उन्होंने आज की शिक्षा में और नए राष्ट्रीय शिक्षा निति को शुरू करने में प्रौद्योगिकी की भूमिका और विशेष रूप से डिजिलॉकर के बारे में भी जानकारी दी।

आईआईटी भिलाई की एक टीम ने इस डिजिटल डिग्री प्रदान करने की पहल को साकार करने के लिए हृद्गत्रष्ठकर्मियों की टीम के साथ मिलकर कार्य किया, इस टीम के सदस्य डॉ अमित कुमार धर, डॉ धीमान साहा और श्री रुद्र दत्त तिवारी थे। इस बारे में बात करते हुए, डॉ धीमान साहा ने कहा: संस्थान के हस्ताक्षरकर्ताओं द्वारा बनाये गये सत्यापन योग्य डिजिटल हस्ताक्षरों के साथ प्रमाणपत्रों की मौलिकता को बनाए रखने के लिए संस्थान ने डिजिलॉकर के साथ विशेष व्यवस्था की है।

दया सिंह ने कलेक्टर पुष्पेन्द्र मीणा को दिया बाबा की बारात का कार्ड तो देखते रह गए साहब.. तस्वीर में देखें उनका रिएक्शन
कोरोना संकट के बीच केंद्र सरकार ने खोला खजाना, राज्यों को जारी की गई 8873 करोड़ की पहली किस्त
आतंकी साजिश नाकाम: कुपवाड़ा में सुरक्षाबलों को मिली बड़ी कामयाबी, हथियारों की खेप बरामद
अवैध शराब पर कार्रवाई करने पहुंचे सिपाही को बंधक बनाकर पीटा, पुलिस को बताई झूठी कहानी… चार आरोपी गिरफ्तार
1.60 लाख के एवज में सूदखोर मांग रहा था 22 लाख, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा जेल
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article भिलाई इस्पात संयंत्र में जोखिमपूर्ण कचरे के निष्पादन के लिए लैंडफिल सुविधा के संचालन शुभारंभ…. जाने कैसे इस सुविधा से पर्यावरण को मिलेगी सहायता भिलाई इस्पात संयंत्र में जोखिमपूर्ण कचरे के निष्पादन के लिए लैंडफिल सुविधा के संचालन शुभारंभ…. जाने कैसे इस सुविधा से पर्यावरण को मिलेगी सहायता
Next Article सीबीआई ने 15,000 करोड़ रुपये के बाइक बोट घोटाले में दर्ज किया केस, कैसे 15 लोगों ने की देश भर से ठगी सीबीआई ने 15,000 करोड़ रुपये के बाइक बोट घोटाले में दर्ज किया केस, कैसे 15 लोगों ने की देश भर से ठगी
× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?