दुर्ग। ज्यादा ब्याज का लालच देकर निवेशकों के करोड़ों रुपए का बंटाधार करने वाले यश ग्रुप की 50 एकड़ जमीन नीलाम होगी। कंपनी के 9 डायरेक्टरों को पुलिस ने पहले की जेल में बंद कर रखा है। अब कंपनी की जमीन को नीलाम कर निवेशकों को रुपए लौटाए जाएंगे।
बता दें नगपुरा निवासी हेमन्त कुमार साहू ने 19 अगस्त 2015 को पुलगांव थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया कि यश ग्रुप ऑफ कंपनीज, नेहरू नगर, प्रियदर्शनी परिसर द्वारा स्कीम के तहत जमा की गई राशि की मेच्युरीटी पूर्ण हो जाने के उपरांत भी रकम वापस नहीं दी गई। इस मामले में धारा 420, 409, 120-बी, 34 भादवि 3, 4, 5, 6-ई चिटफण्ड अधिकारी निक्षेपकों का संरक्षण अधि.की धारा 10, आरबीआई की धारा 45 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था। इसके बाद यश ग्रुप कंपनी के 9 डॉयरेक्टर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
जांच के दौरान यश ग्रुप कंपनी तथा डॉयरेक्टरों के जिला दुर्ग अंतर्गत ग्राम हनोदा, कोहका, उमदा, अखरा, नगपुरा, अंजोरा, पाटन, अण्डा, रिसाली एवं जामुल स्थित 52 एकड़ भूमि अनुमानित मूल्य 14,46,84000 (वर्तमान बाजार मूल्य अनुमानित 50 करोड़) को चिहिन्त कर पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा 18 मार्च 2016 को कुर्की के लिए अंतरिम आदेश जारी करने प्रतिवेदन जिला दण्डाधिकारी जिला-दुर्ग को भेजा गया।
इस प्रकरण में विशेष न्यायालय दुर्ग द्वारा सक्षम प्राधिकारी जिला दण्डाधिकारी जिला-दुर्ग द्वारा यश ग्रुप एवं कंपनी के डॉयरेक्टरों की चिहिन्त संपत्ति को कुर्क किये जाने का आदेश दिया गया है। दुर्ग द्वारा यश ग्रुप कंपनी की चिहिन्त संपत्ति को कुर्क किये जाने हेतु जारी आदेश के परिपालन में कलेक्टर जिला-दुर्ग द्वारा चिहिन्त संपत्ति की नीलामी की कार्यवाही की प्रक्रिया जारी की जा रही है। संपत्ति की नीलामी से प्राप्त राशि को यश ग्रुप कंपनी के निवेश किये गये निवेशकों को शीघ्र वापस किया जाएगा।




