ShreeKanchanpathShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: क्यों इतने तनाव में पुलिस? हर 35 दिन में एक वर्दीधारी कर लेता है खुदकुशी
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Font ResizerAa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
FeaturedNational

क्यों इतने तनाव में पुलिस? हर 35 दिन में एक वर्दीधारी कर लेता है खुदकुशी

By @dmin
Published: October 18, 2020
Share
कोरोना काल में महामारी एक्ट में दर्ज मुकदमे होंगे वापस, सरकार का बड़ा फैसला
कोरोना काल में महामारी एक्ट में दर्ज मुकदमे होंगे वापस, सरकार का बड़ा फैसला
SHARE

नई दिल्ली (एजेंसी)। दिल्ली पुलिस के कर्मी किस कदर तनाव में रहते हैं, इसका अनुमान इस बात से लगाया जा सकता है कि बीते साढ़े तीन साल में औसतन हर 35 दिन में एक कर्मी ने आत्महत्या की। दिल्ली पुलिस ने सूचना का अधिकार अधिनियम (आरटीआई) के तहत दायर आवेदन के जवाब में बताया कि जनवरी 2017 से 30 जून 2020 तक बल के 37 कर्मियों और अधिकारियों ने आत्महत्या की है। लेकिन खुदकुशी करने वालों में सबसे ज्यादा संख्या सिपाही और प्रधान सिपाही स्तर के कर्मियों की है।
पुलिस से मिली सूचना के मुताबिक, पिछले 42 महीनों में 14 कर्मियों ने ड्यूटी के दौरान जान दी, जबकि 23 कर्मचारियों ने ‘ऑफ ड्यूटी आत्महत्या की। दिल्ली पुलिस, आरटीआई के तहत सामने आई जानकारी पर आधिकारिक तौर पर कुछ भी बोलने को राजी नहीं हुई, लेकिन निजी बातचीत में कई कर्मियों ने कहा कि बल के कर्मी लंबी ड्यूटी की वजह से काफी तनाव में रहते हैं और संभवत: इस वजह से वे जिंदगी को खत्म करने जैसा अतिवादी कदम उठा लेते हैं।
दिल्ली पुलिस से आरटीआई आवेदन में पूछा गया था कि जनवरी 2017 से 30 जून 2020 तक कितने कर्मियों ने खुदकुशी की है और उनका रैंक क्या है। पुलिस ने अपने जवाब में बताया कि आत्महत्या करने वालों में 13 सिपाही, 15 प्रधान सिपाही, तीन सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई), तीन उपनिरीक्षक (एसआई) और दो निरीक्षक शामिल हैं।
ड्यूटी के दौरान 14 कर्मियों ने खुदकुशी की, जिनमें छह प्रधान सिपाही, चार सिपाही, एक एएसआई और एक एसआई शामिल हैं। वहीं ‘ऑफ ड्यूटी अपनी जान देने वालों में नौ सिपाही, छह प्रधान सिपाही, दो एएसआई, दो एसआई और एक निरीक्षक शामिल हैं। जवाब में पांच कर्मियों की खुदकुशी के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई कि उन्होंने ड्यूटी के दौरान आत्महत्या की या ‘ऑफ ड्यूटी के समय। इनमें एक निरीक्षक, एक एएसआई और तीन प्रधान सिपाही शामिल हैं। ये कर्मी सुरक्षा इकाई में तैनात थे।
पुलिस ने बताया है कि अपनी जान देने वाले कर्मियों में दो महिला सिपाही भी शामिल हैं। इनमें से एक द्वारका जिले में तैनात थीं जबकि दूसरी तृतीय वाहिनी से संबंधित थीं। इस बाबत पुलिस के प्रवक्ता ई सिंघला से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन भेजे गए सवालों का जवाब नहीं दिया।
वहीं, पुलिस के प्रधान सिपाही और सिपाही स्तर के कर्मियों ने बताया कि थानों में स्टाफ की कमी है, जिस वजह से दबाव ज्यादा है। 12-12 घंटे की ड्यूटी करनी पड़ती है। उन्होंने बताया कि कई कर्मियों की ड्यूटी पिकेट पर भी लगा दी जाती है और बीट की जिम्मेदारी भी दी जाती है, जिससे काम का दबाव और बढ़ जाता है। इसके अलावा उन्हें साप्ताहिक अवकाश भी नहीं मिलता है।
कर्मियों ने बताया कि अगर रात्रि पाली में ड्यूटी लगी है और अगले दिन का अदालत का समन है तो वहां भी पेश होना होता है। इस बीच कोई आराम नहीं मिलता है और रात में फिर ड्यूटी करनी होती है, जिससे नींद पूरी नहीं होती है। साथ में काम के दबाव के कारण निजी जीवन के लिए वक्त नहीं मिल पाता है। इन कारणों से कर्मी चिड़चिड़े हो जाते हैं, तनाव में आ जाते हैं और अपनी जान देने तक का कदम उठा लेते हैं।
उधर, उत्तर-पूर्वी दिल्ली के एक थाने के प्रभारी (एसएचओ) ने कहा कि थाने में तैनाती के दौरान दबाव तो रहता है, लेकिन 30 प्रतिशत काम का दबाव होता है और 70 प्रतिशत निजी जिंदगी का। उन्होंने कहा, ‘दिल्ली पुलिस काफी लचीलापन रखती है, अगर मैं लिखकर दे दूं कि मुझे थाने में तैनाती नहीं चाहिए तो मेरा तबादला हो जाएगा।
वहीं, एम्स के मनोश्चिकित्सा और राष्ट्रीय औषध निर्भरता उपचार केंद्र के डॉक्टर श्रीनिवास राजकुमार टी ने बताया कि दिल्ली पुलिस में खुदकुशी का औसत काफी ज्यादा है। आत्महत्या का राष्ट्रीय औसत प्रति लाख पर 11 का है। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर कर्मियों को संवेदनशील करने की जरूरत है तथा समय-समय पर उनकी जांच होनी चाहिए।
डॉ. श्रीनिवास ने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्या का मामला किसी के साथ भी हो सकता है। यह वैसा ही है, जैसे बुखार हो जाता है। इसलिए इसे किसी कमजोरी के तौर पर नहीं लेना चाहिए। इसकी पहचान कर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। बिना दवाई के जीवन शैली में बदलाव कर इसका उपचार संभव है। उन्होंने बताया कि इंसान जब तनाव को बर्दाश्त नहीं कर पाता है और समाज उसकी मदद नहीं करता है तो उसे कोई उम्मीद नहीं दिखती है तथा वह अपनी जान देने जैसा कदम उठा लेता है।

India-Bangladesh Test : टीम इंडिया ने जीता मीरपुर टेस्ट, श्रेयस-अश्विन ने तोड़ा बांग्लादेश का सपना
दुर्ग पुलिस में बड़ी तादात में तबादला: एसपी प्रशांत अग्रवाल ने 300 से अधिक पुलिस कर्मियों का किया तबादला…. देखें पूरी सूची
कोरोना इन छत्तीसगढ़: पिछले 24 घंटों में सामने आए 154 नए मामले, राजधानी रायपुर में हालात बेकाबू
छत्तीसगढ़ सरकार की न्याय योजनाओं का चमत्कार, 40 लाख लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर
रेलवे में अब नहीं होगी खलासी पदों पर नियुक्ति: जाने रेलवे ने किस वजह से लिया यह निर्णय
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article खेती के साथ अपना व्यापार भी कर सकेंगे देश के किसान, बनेंगे 10 हजार किसान उत्पादक संगठन कृषि कानूनों के खिलाफ धरने पर बैठे दो किसानों की मौत, अब तक छह अन्नदाताओं ने गंवाई जान
Next Article महापौर देवेंद्र यादव के प्रयासों से 77 एमएलडी फिल्टर प्लांट में बिजली आपूर्ति की व्यवस्था हुई दुरूस्त, पुराने ट्रांसफार्मर के स्थान पर लगाया गया 2000 केवीए का नया ट्रांसफार्मर
× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?