रायपुर। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी), रायपुर और प्रादेशिक लोकसंपर्क कार्यालय (आरओबी), रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में क्षेत्रीय लोकसंपर्क कार्यालय (एफओबी), कांकेर के सहयोग से कोरोना संक्रमण और मानसिक स्वास्थ्य विषय पर एक वेबिनार का आयोजन किया गया ।
छत्तीसगढ़ स्थित प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं ऑनलाइन मीडिया संवाददाताओं सहित सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के फील्ड अधिकारी, गैर-सरकारी संगठनों के कार्यकर्ता, सांस्कृतिक दलों के लोक कलाकार तथा महाविद्यालयों एवं विद्यालयों के छात्र एवं छात्राएं इस वेबिनार में शामिल हुए । डॉ. रचना पदमवार, मेडिकल आफिसर, जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम, धमतरी और डॉ. केके ध्रुव, जिला नोडल अधिकारी, मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम, कांकेर ने इस वेबिनार को संबोधित किया ।
वेबिनार को संबोधित करते डॉ. रचना पदमवार ने बताया कि कोविड की पहली लहर की तुलना में इस बार दूसरी लहर में मानसिक स्वास्थ्य की समस्याएं थोड़ी भिन्न हैं । महामारी की वजह से लोगों में तनाव, घबराहट, चिड़चिड़ापन, आक्रमकता, मतिभ्रम, नशा करने की प्रवृत्ति, आमहत्या, अकेलापन देखने को मिला है। प्रियजनों को खोने की वजह से भी लोगों में गहरा सदमा लगा है। इस बार वयस्कों के साथ ही बच्चे भी काफी प्रभावित हुए हैं।
डॉ. रचना पदमवार ने बताया कि इस महामारी में लॉकडाउन और सोशल डिस्टेसिंग ने मानसिक स्वास्थ्य को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है, क्योंकि हम सब सामाजिक प्राणी हैं और अकेलेपन की वजह से यह समस्?या और भी गंभीर होती गयी है। उन्होंने बताया कि कुछ मरीजों में मानसिक रोगों के साथ ही साथ शारीरिक रोग के लक्षण भी परिलक्षित होते हैं।
उन्होंने मानसिक रोगों से बचाव के लिए बताया कि जमीन से जुड़े रहें, परिस्थिति को स्वीकार करना सीखें। इसके अलावा आध्यात्मिकता, ध्यान और योगासन करें जिससे मन को शांति मिलेगी। नकारात्मक विचारों को हावी न होने दें और सकारात्मक विचारों को अपनाने की कोशिश करें। डॉ. रचना पदमवार ने सभी लोगों से अनिवार्य रूप से वैक्सीनेशन कराने की अपील की ।
इस असवर पर डॉ. केके ध्रुव ने कहा कि इस महामारी ने लोगों को यह अहसास कराया की मानसिक स्वास्थ्य भी खराब हो सकता है । महामारी के कारण लोगों के मन में अज्ञात भय घर कर गया है । होमआइसोलेशन की वजह से लोगों के मन में काफी बुरा प्रभाव पड़ा है, इससे चिड़चिड़ापन और नकारात्?मक विचार बढ़ा है ।
उन्होंने बताया कि इससे बचने के लिए मरीज को घर के ही कामों में व्यस्त रहना चाहिए, संगीत सुनना चाहिए, मनपसंद किताबों को पढऩा चाहिए और हो सके तो घर में ही अपने प्रियजनों के साथ कोई इनडोर खेल, खेलना चाहिए। उन्होंने स्कूल बंद होने की वजह से बच्चे भी घर में रह रहे हैं, इसलिए उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। उन्होंने बताया कि इससे बचने के लिए बच्चों को घर के कामों में शामिल करना चाहिए ताकि वे शारीरिक और मानसिक रूप से व्यस्त रह सकें ।
पत्र सूचना कार्यालय, रायपुर के अपर महानिदेशक अभिषेक दयाल ने कहा कि आज के वेबिनार में हम बहुत ही महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा करने जा रहे हैं। उन्होंने अपील की, कि स्थानीय भाषा में आम लोगों को समझाना चाहिए और उनकी समस्याओं का निराकरण करने की कोशिश करनी चाहिए ।
प्रादेशिक लोकसंपर्क कार्यालय (आरओबी), रायपुर के कार्यालय प्रमुख शैलेष फाये ने कहा कि साधारण बीमारी में जब हम मानसिक रूप से परेशान हो जाते हैं, तो इस महामारी में परेशान होना स्वाभाविक है। इस महामारी ने पूरे विश्व को मानिसक रूप से प्रताडि़त किया है। उन्होंने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन का भी यह कहना है कि मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए स्वयं के प्रति उदार बनना है। उहोंने कहा कि इस वेबिनार से हमें विस्तार से जानकारी प्राप्त होगी जोकि हम सब के लिए फायदेमंद होगा।
वेबिनार के दौरान प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों एवं जिज्ञासाओं का समाधान, विशेषज्ञों द्वारा किया गया। वेबिनार के अंत में पत्र सूचना कार्यालय, रायपुर के सहायक निदेशक, सुनील कुमार तिवारी ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया और वेबिनार का संचालन, क्षेत्रीय लोकसंपर्क कार्यालय, कांकेर की प्रभारी, श्वेता शर्मा ने किया।




