जब पूरे विश्व में इस बात पर बहस छिड़ी हुई है कि हर देश के बड़े औघोगिक घराने व बड़ी बड़ी कारपोरेट कंपनियां हर इंसान और अपने राष्ट् की सत्ता पर अपना नियंत्रण रखने चाहती है,तभी भारतीय फिल्म निर्माता सिद्धार्थ रौय कपूर ने ‘ईस्ट इंडिया कंपनी’के इतिहास पर रोशनी डालने वाली किताब‘‘द अनार्की’’पर वेब सीरीज बनाने का निर्णय लिया है.ज्ञातब्य है कि लंदन में तीस इंसानो द्वारा शुरू की गयी ‘‘द ईस्ट इंडिया कंपनी’’ने व्यापार करते करते धीरे धीरे राष्ट्रों पर अपना कब्जा जमाना शुरू किया था, और एक दिन पूरे उपमहाद्वीप पर अपना प्रभुत्व जमा लिया था.

जी हां पुरस्कृत इतिहासकार और लेखक विलियम डेलरिम्पल की अप्रत्याषित बिक्री वाली किताब ‘‘द अनाकीर्ःद रिलेंटलेस राइज ऑफ द ईस्ट इंडिया कंपनी‘’को पढ़ने के बाद फिल्म निर्माता सिद्धार्थ रॉय कपूर नेइस कदर प्रभावित हुए कि उन्होंने इस किताब के अधिकार हासिल कर लिए और अब वह इस कितबा पर आधारित एक वेब सीरीज अपने प्रोडक्शन हाउस‘‘रौय कपूर फिल्मस’’ के तहत बनाने का निर्णय लेकर काम करना शुरू कर दिया है.
ज्ञातब्य है कि अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 2019 में पुरस्कृत लेखक व इतिहासकार की किताब ‘‘द अनार्की‘’ को अपनी पसंदीदा दस किताबों का हिस्सा घोषित किया था. इस किताब में 1599 से लेकर 1802 तक की अवधि को शामिल किया गया है.‘द अनार्की‘ में मुगल साम्राज्य के पतन की वजह ‘द ईस्ट इंडिया कंपनी’के उदय को बताया गया है.
उल्लेखनीय है कि किस तरह लंदन की एक ईमारत से तीस लोगों ने मिलकर इस प्रादेशिक व्यवसाय की शुरुआत की और पूरे उप-महाद्वीप के शासक बन गए. साथ ही साथ दुनिया के इतिहास में सबसे अमीर और सबसे शक्तिशाली साम्राज्य की स्थापना भी की. इस वेब सीरीज में विश्व स्तर पर उपनिवेशवाद पर चर्चा के साथ भारत में ब्रिटिश शासन के इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण चित्रण होगा.
विलियम डेलरिम्पल की किताब‘‘द अनार्की’’के बाजार में आने के बाद अंतरराष्ट्रीय समीक्षकों ने इसकी काफी प्रषंसा की थी.‘‘द टेलीग्राफ’’ने ‘द हिस्ट्री आफ ईस्ट इंडिया कंपनी इज टूर-डे- फोर्स’कहा.जबकि गार्डियन ने अपने लेख में लिखा कि यह किताब ब्रिटिश और दक्षिण एशिया के महत्वपूर्ण और उपेक्षित इतिहास का वास्तविक चित्रण है.और उनकी यात्रा को जानकारीपूर्ण और किसी महल में कविता और संगीत की मनोरंजक शाम की तरह पेष किया गया है. जबकि न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा -‘‘यह किताब इस बात का ज्वलंत उदाहरण है कि जब एक कॉर्पोरेट लीडर की शालीनता में कमी होती है,तो चीजें गलत हो सकती हैं,या यूं कहें कि बहुत ज्यादा गलत हो सकती हैं.‘’




