रायपुर। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार की “हिट एंड रन मोटरयान दुर्घटना मुआवजा योजना” के तहत अज्ञात वाहन से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इस योजना का उद्देश्य दुर्घटना से प्रभावित परिवारों और घायलों को त्वरित राहत उपलब्ध कराना है। परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने नागरिकों से अपील की कि दुर्घटना की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचना दें और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए योजना का लाभ उठाएं।

इस संबंध में परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सड़क दुर्घटनाओं में पीड़ितों को त्वरित राहत देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि यह योजना आम नागरिकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसका लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
परिवहन विभाग ने लोगों से सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने और सावधानी पूर्वक वाहन चलाने की अपील की है। ‘सावधानी हटी, दुर्घटना घटी’ के संदेश के साथ विभाग ने सुरक्षित यात्रा को जीवन रक्षा का सबसे बड़ा उपाय बताया है। यह योजना न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करती है, बल्कि कठिन समय में पीड़ित परिवारों को संबल भी देती है। योजना के अनुसार, हिट एंड रन दुर्घटना में मृत्यु होने पर मृतक के परिजनों को 2 लाख रूपए तथा गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को 50 हजार रुपए की मुआवजा राशि दी जाती है। यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जमा की जाती है।
ऐसे कर सकते हैं आवेदन
इस योजना के तहत मृतक के पति/पत्नी, माता- पिता, पुत्र या पुत्री आवेदन कर सकते हैं। वहीं गंभीर रूप से घायल व्यक्ति स्वयं भी आवेदन करने के पात्र हैं। पीड़ित या उनके परिजनों को सबसे पहले नजदीकी पुलिस थाने में दुर्घटना की सूचना देनी होती है। इसके बाद निर्धारित आवेदन पत्र भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ संबंधित एसडीएम कार्यालय में जमा करना होता है। सत्यापन के बाद मुआवजा राशि सीधे बैंक खाते में भेज दी जाती है। आवेदन के लिए एफआईआर की प्रति, पोस्टमार्टम रिपोर्ट या चिकित्सकीय प्रमाणपत्र, पहचान एवं पता प्रमाण पत्र, संबंध प्रमाण पत्र तथा बैंक पासबुक की प्रति आवश्यक होती है।




