नई दिल्ली (एजेंसी)। महाराष्ट्र के गृह मंत्री के पद से भले ही अनिल देशमुख से उद्धव ठाकरे सरकार ने इस्तीफा ले लिया है, लेकिन उनके खिलाफ सीबीआई जांच के फैसले का विरोध करने के लिए वह सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। बॉम्बे हाई कोर्ट की ओर से सीबीआई को अनिल देशमुख के खिलाफ प्राथमिक जांच करने का आदेश दिया गया था। इसी फैसले को उद्धव सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह की ओर से अनिल देशमुख पर 100 करोड़ रुपये की वसूली कराने के आरोप में उच्च न्यायालय ने यह फैसला दिया था। इस बीच अनिल देशमुख पर वसूली का आरोप लगाने वाले मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर ने भी सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है और कैविएट दाखिल की है। उन्होंने अपनी अर्जी में महाराष्ट्र सरकार की याचिका पर कोई आदेश न देने की मांग की है।
Maharashtra Government moves Supreme Court challenging the Bombay High Court order in which it ordered the CBI probe against former Home Minister, Anil Deshmukh, for his alleged involvement in corruption, levelled by former Mumbai Police Commissioner Param Bir Singh
— ANI (@ANI) April 6, 2021
इस फैसले के बाद ही अनिल देशमुख ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। सीएम उद्धव ठाकरे को भेजे अपने इस्तीफे में अनिल देशमुख ने साफ कहा था कि उन पर लगे यह आरोप गलत हैं, लेकिन अदालत के फैसले के बाद वह नैतिक आधार पर पद से इस्तीफा दे रहे हैं। इस बीच अनिल देशमुख की जगह पर गृहमंत्री बनाए गए दिलीप वलसे पाटिल ने पदभार संभाल लिया है। मंगलवार को वह अपने दफ्तर पहुंचे और कार्यभार संभाला।
दिलीप वलसे पाटिल लंबे समय से एनसीपी की राजनीति से जुड़े हैं और पार्टी चीफ शरद पवार के करीबी हैं। यही नहीं उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ही शरद पवार के पीए के तौर पर की थी। पदभार संभालते ही उन्होंने अपनी पार्टी के सहयोगी अनिल देशमुख का पक्ष लेते हुए कहा कि हमारी सरकार उनके खिलाफ हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी। उच्च न्यायालय ने अनिल देशमुख के खिलाफ प्रारंभिक जांच करने को सीबीआई को 15 दिनों का वक्त दिया है।
सीबीआई की ओर प्राथमिक जांच के बाद ही उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज को लेकर फैसला लिया जाएगा। होम मिनिस्टर का पद संभालते ही दिलीप वलसे पाटिल ने कहा कि वह यह सुनिश्चित करेंगे कि पुलिस प्रशासन के कामकाज में कोई राजनीतिक दखल न रहे। उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता महिला सुरक्षा होगी। हम पुलिस प्रशासन से राजनीतिक दखल को खत्म करेंगे।




