नई दिल्ली (एजेंसी)। भारत ने भूकंप की मार झेल रहे तुर्कीे को भूकंप राहत सामग्री की पहली खेप भेज दी है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से की गई घोषणा के कुछ घंटों बाद ही भारत ने भूकंप राहत सामग्री की पहली खेप तुर्कीे को भारतीय वायु सेना के विमान से भेजी है। दरअसल, तुर्की और सीरिया में घातक भूकंपों के कारण अब तक 4,000 से अधिक लोग मारे गए हैं। बीते दिन तुर्की में 7.8, 7.6 और 6.0 तीव्रता के लगातार तीन विनाशकारी भूकंप आए थे।
#WATCH | Team of NDRF personnel along with a specially trained dog squad and necessary equipment departs from Hindon Airbase in Ghaziabad for Turkey, for search and rescue operations.#Turkey was hit by three consecutive devastating earthquakes, killing more than 3,400 people pic.twitter.com/sbkCjx75ug
— ANI (@ANI) February 7, 2023
भारत की ओर से भेजी राहत सामग्री की खेप में एक विशेषज्ञ राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल खोज और बचाव दल शामिल है। इसमें पुरुष और महिला दोनों कर्मी, अत्यधिक कुशल डॉग स्क्वॉड, चिकित्सा से जुड़ी चीजें, उन्नत ड्रिलिंग उपकरण और सहायता प्रयासों के लिए आवश्यक अन्य महत्वपूर्ण उपकरण शामिल थे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने यह जानकारी दी।

जानकारी के मुताबिक, 100 सदस्यों की दो एनडीआरएफ टीम प्रशिक्षित श्वानों और आवश्यक उपकरणों के साथ भूकंप प्रभावित इलाके में तलाशी और बचाव अभियान के लिए भेजी गई है। इसके साथ ही प्रशिक्षित चिकित्सकों और पैरा मेडिक की टीम भी आवश्यक दवाओं के साथ रवाना की गई है।
चार देशों में भूकंप ने भारी तबाही मचाई
तुर्कीे और सीरिया सहित चार देशों में सोमवार को भूकंप ने भारी तबाही मचाई थी। यहां बीते दिन तीन बार भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। भूकंप की वजह से कई इमारतें धराशायी हो गईं। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 7.8 मापी गई। सैकड़ों लोग अभी भी मलबे के नीचे फंसे हुए हैं और कई लापता हैं। मृतकों का आंकड़ा और बढऩे की आशंका है। तुर्की में सात दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है।

15000 से ज्यादा लोग घायल
जानकारी के मुताबिक, तुर्की और सीरिया में कम से कम 4300 लोग मारे गए हैं और करीब 15000 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। देश के उपराष्ट्रपति फिएट ओकटे का हवाला देते हुए बताया रिपोर्ट में बताया गया कि तुर्की में करीब तीन हजार लोगों की जान गई है। 10 शहरों में 1,700 से अधिक इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं हैं। वहीं, सीरिया में कम से कम 1444 लोग मारे गए और हजारों घायल हो गए। इस्राइल और लेबनान में भी कई मौतों की आशंका जताई जा रही है।




