गौरेला पेंड्रा मरवाही। कलेक्ट्रेट के अरपा सभा कक्ष में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी ने स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले में शिशु एवं मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के लिए विभागीय समन्वय से समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए कहा कि ड्यूटी समय का कड़ाई से पालन किया जाए। स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कर्तव्य के प्रती दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर ने उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य का निरंतर मॉनिटरिंग करने, मितानिनों के माध्यम से उनकी जांच, उपचार और देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों की काउंसलिंग तथा जागरूकता बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि जिले में किसी भी गर्भवती महिला या नवजात की मृत्यु नहीं हो, इसके लिए हर संभव प्रयास किए जाएं। साथ ही उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने आयुष्मान भारत, संस्थागत प्रसव, पोषण पुनर्वास केंद्र, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, एनीमिया मुक्त भारत, राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन, टीकाकरण सहित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने आयुष्मान कार्ड पंजीयन के लिए शहरी क्षेत्र में घर-घर जाकर विशेष प्रयास करने कहा। साथ ही क्षय रोग उन्मूलय के लिए लोगों से “निक्षय मित्र” बनकर क्षय रोग के मरीजों की देख-भाल करने की अपील भी किया। बैठक के बाद विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर कलेक्टर ने स्वास्थ्य रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो आमजनों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करेगा। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामेश्वर शर्मा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक विभा टोप्पो सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।




