ShreeKanchanpathShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: भिलाई स्टील प्लांट के इस्पात से बना जम्मू-कश्मीर के चिनाब नदी पर बना पुल… अकेले बीएसपी ने की 12,432 टन इस्पात की आपूर्ति
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Font ResizerAa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Breaking NewsChhattisgarhDurg-BhilaiFeatured

भिलाई स्टील प्लांट के इस्पात से बना जम्मू-कश्मीर के चिनाब नदी पर बना पुल… अकेले बीएसपी ने की 12,432 टन इस्पात की आपूर्ति

By Mohan Rao
Published: June 30, 2024
Share
चिनाब नदी पर बना पुल
SHARE

भिलाई। जम्मू कश्मीर के चिनाब नदी पर बने विश्व के सबसे ऊंचे पुल के निर्माण सेल के विभिन्न संयंत्रों से इस्पात की आपूर्ति की गई है। विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे पुल के निर्माण के लिए सेल ने 16,000 टन स्टील की आपूर्ति की है, जिसके अंतर्गत प्लेट्स, टीएमटी बार और स्ट्रक्चरल्स शामिल हैं। ऊंचे रेलवे पुल में प्रयोग के लिए 6690 टन टीएमटी उत्पाद, 1793 टन स्ट्रक्चरल स्टील और 7511 टन स्टील प्लेट्स, हॉट स्ट्रिप मिल प्रोडक्ट और चेकर्ड प्लेटों सहित कुल 16,000 टन इस्पात की आपूर्ति की है। पुल के निर्माण के लिए सेल द्वारा आपूर्ति की गई इस्पात में से, भिलाई इस्पात संयंत्र ने 5922 टन टीएमटी स्टील, 6454 टन प्लेट्स और 56 टन स्ट्रक्चरल स्टील सहित कुल 12,432 टन इस्पात की आपूर्ति की है। सेल के बर्नपुर स्थित इस्को स्टील प्लांट, दुर्गापुर स्टील प्लांट, राउरकेला स्टील प्लांट और बोकारो स्टील लिमिटेड ने भी स्टील की आपूर्ति की है।

बता दें जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी के ऊपर बना यह पुल नदी तल से 359 मीटर की ऊंचाई पर है। 1.3 किलोमीटर लंबा यह पुल पेरिस के प्रतिष्ठित एफिल टॉवर से 35 मीटर ऊंचा है। इस पुल के निर्माण में लगभग 29,000 मीट्रिक टन स्टील, 10 लाख क्यूबिक मीटर अर्थवर्क, 66,000 क्यूबिक मीटर से अधिक कांक्रीट तथा 84 किलोमीटर रॉक बोल्ट और केबल एंकर का प्रयोग किया गया है।  इंजीनियरिंग की अभिनव कृति यह पुल 266 किमी प्रति घंटे हवा की तेज रफ्तार और उच्चतम तीव्रता के भूकंपीय तरंगों का सामना करने में सक्षम है। उधमपुर-श्रीनगर-बारामुल्ला रेल लिंक परियोजना (यूएसबीआरएल) के अंतर्गत यह पुल जो कटरा से बनिहाल तक 111 किलोमीटर लंबे घुमावदार खंड का हिस्सा है, इस क्षेत्र में आवागमन को सुलभ करेगा। यह पुल क्षेत्र में तेज और कुशलतम परिवहन की सुविधा प्रदान करेगा तथा सभी मौसम में उपयोग किया जा सकेगा। चेनाब रेल पुल वस्तुतः देश के लिए सामरिक महत्व की परियोजना है।

राष्ट्रीय महत्व की कई परियोजनाओं में सेल का स्टील
स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल), जो अपने इस्पात संयंत्रों के माध्यम से विभिन्न प्रकार के इस्पात का उत्पादन करती है, ने राष्ट्रीय महत्व की कई ऐसी महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं जैसे बांधों, पुलों, सुरंगों, फ्लाईओवरों और एक्सप्रेसवे सहित ऊर्जा क्षेत्र व रक्षा क्षेत्र में प्रयोग हेतु वांछित ग्रेड के इस्पात की आपूर्ति की है।       सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के इस्पात का उपयोग विभिन्न सामरिक क्षेत्रों और राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं में किया गया है। भारतीय रेलवे के लिए वांछित ग्रेड के रेल्स उत्पादन के अलावा सेल-बीएसपी चौड़ी, मोटी और हेवी प्लेटों की विविध श्रृंखला का उत्पादन तथा विभिन्न अनुप्रयोगों हेतु वैल्यू एडेड स्पेशल स्टील ग्रेड की रोलिंग करता है। संयंत्र द्वारा उत्पादित टीएमटी उत्पादों की पूरी श्रृंखला भूकंपरोधी और जंगरोधी गुणों के साथ उच्च गुणवत्ता की है। इसके अतिरिक्त संयंत्र चैनल्स, एंगल्स और बीम्स सहित स्ट्रक्चरल ग्रेड स्टील का भी उत्पादन करता है।

बांद्रा-वर्ली सी-लिंक में भी लगा भिलाई का लोहा
भिलाई द्वारा उत्पादित स्टील का उपयोग बांद्रा-वर्ली सी-लिंक के साथ ही मुंबई में अटल सेतु, अरुणाचल प्रदेश में सेला सुरंग, हिमाचल प्रदेश में अटल सुरंग और राष्ट्रीय महत्व की कई अन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के निर्माण में किया गया है। भारतीय नौसेना के विमानवाहक पोत, आईएनएस विक्रांत और अन्य युद्धपोतों के निर्माण में भी सेल-भिलाई द्वारा उत्पादित स्टील का उपयोग किया गया है। बुलेट ट्रेन परियोजना हेतु सेल-बीएसपी द्वारा बड़ी मात्रा में टीएमटी बार्स की आपूर्ति की गई है। सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र ने देश की राजधानी में निर्मित सेंट्रल विस्टा परियोजना में उपयोग हेतु भी टीएमटी उत्पादों की आपूर्ति की है।   सेल-बीएसपी में उत्पादित इस्पात का उपयोग रक्षा, ऊर्जा और बिजली क्षेत्र के साथ ही कंस्ट्रक्शन और इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स जैसे पुलों, राजमार्गों, सुरंगों, फ्लाईओवर सहित भूकंपीय और संक्षारण संभावित क्षेत्रों में ऊंची इमारतों और औद्योगिक संरचनाओं में, भारी मशीनरी, तेल और गैस क्षेत्र, अंतरिक्ष क्षेत्र, परमाणु ऊर्जा प्रतिष्ठानों आदि में किया जाता है।

कम नहीं हो रही पंजाब कांग्रेस में तकरार, अब दो दिग्गज आमने सामने
खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई: लौह अयस्क परिवहन में गड़बड़ी को लेकर 105 वाहनों की जांच में 11 वाहन जब्त… बीएसपी को बालोद जिले की खदान की लम्पस फाइन के मामले में नोटिस
यौन उत्पीड़न मामले में आसाराम को आजीवन कारावास, सत्र न्यायालय ने सुनाई सजा
अब निगरानीशुदा बदमाशों की खैर नहीं, SP ने कहा हाजिरी लगाकर बताओ कहां से आता है पैसा, नहीं तो…
Breaking News : दुर्ग में मोती माला के नाम पर करोड़ों की ठगी का मास्टरमाइंड वाराणसी से गिरफ्तार
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article shreekanchanpath 331 # 14 Sep 2024 shreekanchanpath 257 # 30 June 2024
Next Article gustakhi Maaf: जब दुर्गवासी पी गए लाश वाला पानी Gustakhi Maaf: कितना सोशल है सोशल मीडिया

Ro. No.-13759/19

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?