भिलाई। 15 अगस्त 2026 को भिलाई स्थित सामरिक मुख्यालय एवं क्षेत्रीय मुख्यालय के जवानों एवं अधिकारियों ने बड़े हर्षोल्लास के साथ 80वाँ स्वतंत्रता दिवस मनाया। इस अवसर पर सीमा सुरक्षा बल छत्तीसगढ़ के उप महानिरीक्षक (पीएसओ) गिरधारी लाल मीणा ने सीमा सुरक्षा बल मुख्यालय रिसाली भिलाई में ध्वजारोहण किया। सीमा सुरक्षा बल के जवानों, अधिकारियों एवं उनके परिवारजनों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई दी, साथ ही उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 1947 का दिन हमारे इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है, जब भारत ने लंबे संघर्ष और बलिदानों के बाद स्वतंत्रता प्राप्त की। उन्होेंने अमर शहीदों के बलिदान को नमन करते हुए कहा कि हमें उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए राष्ट्र निर्माण में अहम योगदान देना है। सीमा प्रहरी होने के नाते देश की अखंडता, संप्रभुता एवं सुरक्षा हमारी सर्वोच्च जिम्मेदारी है। महोदय ने सभी कार्मिकों को समाज और राष्ट्र के उत्थान के लिए निरंतर प्रयास करने, अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वाहन करने तथा एक सशक्त और सुरक्षित भारत के निर्माण में योगदान देने का संकल्प दिलाया।
उन्होंने आगे बताया कि छत्तीसगढ़ में वर्ष 2009 में सीमा सुरक्षा बल की तैनाती कांकेर जिले में नक्सल विरोधी अभियानों के लिए की गई थी। वर्तमान में बल की तैनाती कांकेर एवं नारायणपुर जिलों में है। बल के जवानों ने साहस, समर्पण एवं कर्तव्यनिष्ठा के साथ नक्सल विरोधी अभियानों में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल करते हुए क्षेत्र में सुरक्षा की भावना एवं जनता के बीच बल के प्रति विश्वास को मजबूत किया है। साथ ही, सिविक एक्शन कार्यक्रमों, चिकित्सा शिविरों एवं जागरूकता अभियानों के माध्यम से स्थानीय जनता के साथ विश्वास एवं सहयोग का मजबूत संबंध स्थापित किया गया है। इस वर्ष सीमा सुरक्षा बल छत्तीसगढ़ सीमान्त के 20 कार्मिकों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए गैलन्ट्री मेडल प्रदान किया गया है।
स्वतंत्रता दिवस पर BSF कर्मियों को मिले पदक
80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर, BSF ke 20 कार्मिकों को उनके शौर्य और पराक्रम के लिए वीरता पदक, 05 को विशिष्ट सेवा के लिए
राष्ट्रपति पदक (PSM) और 42 को सराहनीय सेवा पदक (MSM) से सम्मनित किया गया। दिनांक 15/16 अप्रैल 2024 को BSF की 94 बटालियन के 20 जवानों को एंटी-नक्सल ऑपरेशन के दौरान असाधारण बहादुरी दिखाने के लिए वीरता पदक से सम्मानित किया गया है। यह ऑपरेशन छत्तीसगढ़ के कांकेर ज़िले के बीनागुंडा और कलपर गांवों के इलाके में BSF की 94 बटालियन और छत्तीसगढ़ पुलिस की DRG की टुकड़ियों ने मिलकर चलाया था। इस ऑपरेशन में 29 कट्टर नक्सली मारे गए और भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया।





