जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में रेप के आरोपी सहायक पोस्ट मास्टर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। आरोपी ने युवती को शादी का झांसा दिया और विश्वास में लेकर दुष्कर्म किया। इसके बाद शादी करने से इनकार करने लगा। इस मामले में पुलिस महिला की शिकायत पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 64(2)(M) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मामला थाना तुमला का है।
इस मामले में 6 दिसंबर 2025 को 35 वर्षीय युवती ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि सौरभ कुमार जो कि मूलतः बिहार का रहने वाला है व वर्तमान में जशपुर के एक पोस्ट ऑफिस में सहायक पोस्ट मास्टर का कार्य करता है। पीड़िता का सौरभ कुमार से 2024 में परिचय हुआ था। पीडिता दूसरे जिले के पंचायत में तकनीकी सहायक के रूप में कार्य कर रही थी। 14 जनवरी 2025 को पीडिता छुट्टी पर अपने गृह ग्राम आई हुई थी, उसी दौरान सौरभ कुमार उसे शादी का झांसा दिया और उससे अनाचार किया। तब से लेकर जून 2025 तक पीड़िता जब भी छुट्टी पर आती तब सौरभ कुमार उसका शारीरिक शोषण किया जाता था।
जब युवती सौरभ कुमार से शादी करने कहा उसने युवती को तकनीक सहायक की नौकरी छोड़ने पर ही शादी करने की बात कही। युवती ने सौरभ कुमार के कहने पर तकनीकी सहायक की नौकरी छोड़ दी। नौकरी छोड़ने पर सौरभ कुमार ने युवती को कुछ दिनों तक अपने साथ रखा और उसके बाद अब शादी करने से इनकार कर रहा है। शादी की बात पर सौरभ कुमार के द्वारा युवती से गाली गलौच किया जाने लगा। इस मामले में शिकायत मिलने के बाद तत्काल पुलिस के द्वारा थाना तुमला में प्रार्थिया की रिपोर्ट पर आरोपी सौरभ कुमार के विरुद्ध बी एन एस की धारा 64 (2)(M) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया।
मामले में पुलिस के द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए आरोपी सहायक पोस्ट मास्टर संतोष कुमार को हिरासत में लिया गया। पूछताछ पर आरोपी सौरभ कुमार के द्वारा अपराध स्वीकार करने पर उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि जशपुर पुलिस महिलाओं से संबंधित अपराधों को लेकर अत्यंत संवेदनशील है, तुमला क्षेत्रांतर्गत एक युवती से, शादी का झांसा दे दुष्कर्म करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। ऐसे अपराधों में संलिप्त किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी तुमला निरीक्षक कोमल सिंह नेताम, आरक्षक बसंत खुटिया, सोनू सिंह, हीरालाल यादव व महिला आरक्षक बीरजिनिया टोप्पो की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।




