भिलाई। नौकरी दिलाने के नाम पर 5 लाख की ठगी करने वाले आरोपी सुमित और दीपक गायकवाड़ को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों ने छत्तीसगढ़ बीज निगम और पुलिस विभाग में नौकरी लगाने के नाम पर डागेश्वर कुमार बघेल (32) से ठगी की। इस मामले में डोगेश्वर ने शिकायत दर्ज कराई। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस ने उनके पास से एक लैपटॉप को जब्त किया है। बताया जा रहा है लैपटाप में और भी लोगों से ठगी जानकारी हो सकती है जिसकी जांच की जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार सेक्टर-5 निवासी डागेश्वर कुमार बघेल ने 27 अप्रैल 2025 को थाना भिलाई नगर में शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि समाजिक गतिविधियों मे जाने के दौरान सुमीत गायकवाड़ एवं दीपक गायकवाड़ से जान पहचान हुई। अप्रेल 2022 मे सुमीत गायकवाड़ एवं दीपक गायकवाड़ ने प्रार्थी से परिचय बढाकर उसे विश्वास मे लेकर उसकी बहनों को छत्तीसगढ बीज निगम में नौकरी लगाने का दावा किया। इसके लिए 3 लाख रुपये लिए लेकिन नौकरी नहीं लगा पाए। इसके बाद छत्तीसगढ पुलिस मे एसआई के पद पर सीधी भर्ती कराने का झांसा देकर पहले लिये गये 3 लाख और उसके बाद 2 लाख रुपये और ले लिए। इस तरह कुल 5 लाख रुपए लेकर भी नौकरी नहीं लगा पाए। इस मामले में भिलाई नगर पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 3(5) बीएनएस कायम किया जाकर विवेचना में लिया गया 1
प्रकरण की विवेचना के दौरान आरोपीगणो को हिरासत में लिया जाकर पूछताछ की गईद्ध दोनों ने नौकरी के लिए रुपए लेने की बात स्वीकार की। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया और घटना में प्रयुक्त एक लेपटाप को आरोपी के निशादेही पर जब्त किया। दोनों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर न्यायालय पेश किया गया जहां से उन्हें जेल भेजा गया। इस कार्रवाई में एएसआई शमित मिश्रा, प्रधान आरक्षक प्रेम सिंह, रोशन भुवाल, आरक्षक इसरार अहमद एवं हेमेन्द्र कुर्रे की भूमिका उल्लेखनीय रही।




