भिलाई। दुर्ग जिले में शुक्रवार को एक मकान से दंपती और उनके दो बच्चों की लाश संदिग्ध परिस्थितियों में मिली है। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि दंपती ने पहले दोनों बच्चों की हत्या की। इसके बाद खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलने पर मौके पर डीआईजी विजय अग्रवाल के साथ पुलिस के आला अधिकारी पहुंच गए हैं। फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया। पुलिस सभी के शव का पंचनामा कार्रवाई कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच में जुट गए हैं। मौके से सुसाइड नोट भी बरामद किया गया है, जिसमें आर्थिक तंगी और परिवारिक विवाद का जिक्र है। घटना मोहन नगर थाना क्षेत्र की है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पारिवारिक तनाव के चलते आत्महत्या को आशंका जताई जा रही है। मृतक में गोविंद साहू (45), चंचल साहू (42),यशवंत साहू (10), दृष्णा साहू (13) के रूप में पहचान की गई है। बेटा यशवंत और बेटी दृष्णा साहू का शव बिस्तर में मृत अवस्था में शव मिला। वही पति गोविंद साहू और पत्नी चंचल साहू का शव फांसी के फंदे पर झूलते शव मिले हैं। बेटा और बेटी को जहर दिए जाने की आंशका जताई जा रही है। पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिली है। जिसमें उसने सामूहिक आत्महत्या का कारण लिखा है। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है।
बताया जा रहा है कि गोविंद साहू सुपेला क्षेत्र के किसी शेयर ट्रेडिंग कंपनी के कार्यालय में काम करता था। आज सुबह काफी देर तक जब गोविंद साहू के घर से कोई भी बाहर नहीं निकला तो पड़ोस में ही रहने वाली उसकी मां ने जाकर देखा। मां ने घर के दरवाजे पर हल्का सा दस्तक दिया तो वह वह खुल गया। दरवाजा खुलते ही अंदर की स्थिति देखकर गोविंद की मां चीखती हुई बाहर निकल गई। अन्य पड़ोसियों को पता चला तो उन्होंने भी देखा और सुबह साढ़े 8 बजे पुलिस को सूचना दी।
बच्चों की हत्या कर खुदकुशी की आशंका
प्रारंभिक पूछताछ और आसपास के लोगों से मिली जानकारी के अनुसार गोविंद साहू के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। ऐसे में इस आशंका को बल मिल रहा है कि आर्थिक तंगी के चलते उत्पन्न पारिवारिक तनाव की वजह से गोविंद साहू और उसकी पत्नी चंचल साहू ने ऐसा आत्मघाती कदम उठाया। बिस्तर पर मृत अवस्था में पाए गए दोनों बच्चों के गले में दबाव का निशान मिलने की बात सामने आई है। दोनों बच्चों को नींद की दवा खिलाने के कुछ देर बाद गला दबाने की आशंका से इंकार नहीं किया जा रहा है। दोनों बच्चों की मौत के बाद गोविंद साहू व चंचल साहू के द्वारा खुदकुशी किया जाना प्रतीक हो रहा है।




