भिलाई। द वॉईस की सुधा वर्मा जो कि, जिला न्यायालय दुर्ग में बतौर अधिवक्ता व्यवसायरत हैं, ने अधिवक्ताओं की वर्तमान दशा को लेकर एक पत्र भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को लिखा है। पत्र में उन्होंने कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान लॉकडाऊन और न्यायालयीन कार्य ठप्प होने के चलते अधिवक्ताओं के समक्ष मौजूद चुनौतियों और आर्थिक कठिनाइयों को रेखांकित किया है। पत्र में उन्होंने अधिवक्ता समुदाय जो इन दिनों भारी कठिनाइयों से जूझ रहा है कि, जानकारी प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को देते हुए अधिवक्ताओं के हित में तत्काल आवश्यक कदम उठाने का निवेदन किया है।
पत्र में विगत दिनों निराशा और हताशा की स्थिति में कुछ अधिवक्ताओं द्वारा आत्महत्या जैसे कदम उठाने का उल्लेख करते हुए कहा है कि, शासन स्तर पर ऐसे कदम उठाये जायें ताकि, उक्त दु:खद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। सुधा वर्मा ने माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्णय का उल्लेख करते हुए लिखा है कि, अधिवक्ता न्यायालय का अधिकारी होता है। न्यायापालिका हमारे देश का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है और अधिवक्ता न्याय दान प्रणाली का महत्वपूर्ण भाग है। एक लोक कल्याणकारी राज्य के लिए इससे बड़ी विडंबना और क्या होगी कि, उसके महत्वपूर्ण स्तंभ न्याय पालिका का एक भाग अधिवक्ता और उनके परिवार के सदस्य इन दिनों विपरीत परिस्थितियों से जूझ रहे हैं जिस ओर किसी भी जिम्मेदार का ध्यान नहीं जा रहा है। न्याय पालिका के किसी भी हिस्से का कमजोर होना समूची व्यवस्था के कमजोर होने जैसा है जिस पर तत्काल प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है। अंत में उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से यथा शीघ्र यथोचित उपाय सुनिश्चित करने का निवेदन किया है।




